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Indian Navy: कोलंबो पहुंचा भारतीय नौसेना का आईओएस सागर, भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को मिली नई मजबूती

Indian Navy: कोलंबो पहुंचा भारतीय नौसेना का आईओएस सागर, भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग को मिली नई मजबूती

नई दिल्ली/कोलंबो, 15 मई : Indian Navy का आईओएस सागर जहाज शुक्रवार को श्रीलंका के Colombo Port पहुंचा। हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती के तहत पहुंचे इस जहाज का श्रीलंका नौसेना ने औपचारिक स्वागत किया। जहाज के आगमन पर श्रीलंका नौसेना के एक पोत ने उसे एस्कॉर्ट करते हुए बंदरगाह तक पहुंचाया। इस बहुराष्ट्रीय मिशन में 16 मित्र देशों के नौसैनिक भी शामिल हैं।

तीन दिवसीय इस पोर्ट कॉल का मुख्य उद्देश्य भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री सहयोग को और मजबूत करना तथा क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करना है। भारतीय नौसेना के अनुसार यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक समुद्री सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

दौरे के दौरान जहाज के कमांडिंग ऑफिसर श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इनमें कमांडर वेस्टर्न नेवल एरिया और फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग नेवल फ्लीट जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा जहाज का प्रतिनिधिमंडल High Commission of India in Sri Lanka में भारत के उच्चायुक्त से भी मुलाकात करेगा।

जानकारी के अनुसार श्रीलंका नौसेना के चीफ ऑफ स्टाफ भी जहाज का दौरा करेंगे और बहुराष्ट्रीय दल के सदस्यों के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के नौसैनिक अधिकारियों के बीच समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग और संयुक्त रणनीतियों को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा आईओएस सागर का दल कोलंबो पोर्ट, Galle, Kandy और Pinnawala Elephant Orphanage का भी दौरा करेगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच जन-से-जन संपर्क और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है।

भारतीय नौसेना के मुताबिक आईओएस सागर 18 मई को कोलंबो से रवाना होगा। प्रस्थान के समय भारतीय और श्रीलंका नौसेना के बीच एक विशेष पासेज एक्सरसाइज भी आयोजित की जाएगी, जिससे दोनों देशों की नौसैनिक क्षमताओं और समन्वय को और बेहतर बनाया जा सके।

भारतीय नौसेना ने कहा कि आईओएस सागर की यह यात्रा भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का महत्वपूर्ण उदाहरण है और हिंद महासागर क्षेत्र में मित्र देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है।

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