Noida Politics: विपक्ष पर पंकज चौधरी का हमला, महिला आरक्षण बिल के विरोध पर उठाए सवाल

Noida Politics: विपक्ष पर पंकज चौधरी का हमला, महिला आरक्षण बिल के विरोध पर उठाए सवाल
नोएडा के Sector 70 Noida में आयोजित भाजपा की जन आक्रोश प्रेसवार्ता में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने न केवल एक विधेयक का विरोध किया है, बल्कि महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण के ऐतिहासिक अवसर को भी कमजोर करने का प्रयास किया है।
पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसी पार्टियां परिवारवाद की राजनीति में उलझी हुई हैं और महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी राजनीति कर रही हैं। उनका कहना था कि इन दलों ने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का काम किया है और इस बिल का विरोध कर एक गलत संदेश देने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामान्य परिवारों की महिलाएं भी राजनीति में आगे बढ़ें और विधायक तथा सांसद बन सकें।
अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर यह भी आरोप लगाया कि वे केवल वोट बैंक की राजनीति करते हैं और खासतौर पर मुस्लिम महिलाओं के मुद्दों पर उनकी नीतियां दोहरी रही हैं। उन्होंने तीन तलाक कानून के विरोध को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि विपक्ष को महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की वास्तविक चिंता नहीं है।
पंकज चौधरी ने नोएडा की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि यह शहर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों में शामिल है और इसकी तरक्की में महिलाओं की बराबर की भागीदारी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है, जो सशक्त समाज की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन मौजूदा सरकार के प्रयासों से हालात में सुधार हुआ है। उनके अनुसार, बीते नौ वर्षों में राज्य में कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़कर लगभग 36-37 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस कार्यक्रम में कई भाजपा नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने महिला आरक्षण और महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार की नीतियों का समर्थन किया। यह प्रेसवार्ता आगामी राजनीतिक माहौल में महिला मुद्दों को केंद्र में लाने की रणनीति के रूप में भी देखी जा रही है।





