उत्तर प्रदेशराज्य

Noida Violence Conspiracy: 10 हजार में फायरिंग की डील, औद्योगिक छवि बिगाड़ने की साजिश के संकेत

Noida Violence Conspiracy: 10 हजार में फायरिंग की डील, औद्योगिक छवि बिगाड़ने की साजिश के संकेत

नोएडा में 13 अप्रैल को हुए उपद्रव को लेकर जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। Noida और Greater Noida में हुए घटनाक्रम को अब एक सुनियोजित साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस को ऐसे ऑडियो और मैसेज मिले हैं, जिनमें “10 हजार में छह राउंड गोली चलाने” जैसी बातचीत सामने आई है, जिससे हिंसा की पूर्व तैयारी के संकेत मिलते हैं।

प्रारंभिक जांच के अनुसार, वेतन वृद्धि आंदोलन की आड़ में बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने और औद्योगिक गतिविधियों को बाधित करने की योजना बनाई गई थी। सूत्रों का दावा है कि इस उपद्रव के जरिए न केवल स्थानीय स्तर पर अशांति फैलाने, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

पुलिस को यह भी इनपुट मिला है कि 1 अप्रैल को एक संगठन ने “काला दिवस” मनाते हुए 15 दिनों के भीतर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि पूरे घटनाक्रम की पटकथा पहले से तैयार थी। जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि क्या इस साजिश के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था।

मामले में पुलिस ने कई संदिग्धों को चिन्हित किया है और कुछ आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। रूपेश राय, सृष्टि, मनीषा और आकृति से लगातार पूछताछ हो रही है, जिसमें कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि “मजदूर बिगुल” नामक संगठन ने अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेबसाइट के जरिए श्रमिकों को भड़काने का काम किया।

जांच में सामने आया है कि यह संगठन वर्षों से सक्रिय है और देश के कई राज्यों में इसका नेटवर्क फैला हुआ है। हालांकि जब पुलिस इसकी जांच के लिए लखनऊ स्थित बताए गए पते पर पहुंची, तो वहां कोई और व्यक्ति मिला, जिससे जांच को लेकर संदेह और गहरा गया है।

सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी राजनीतिक समर्थन की भूमिका रही है। आशंका जताई जा रही है कि विधानसभा चुनाव से पहले मजदूरों और श्रमिकों को भड़काने की बड़ी रणनीति तैयार की गई हो सकती है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने की भी कोशिश सामने आई है। जांच में पाया गया कि कुछ विदेशी हैंडल्स, खासकर पाकिस्तानी स्रोतों से, घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और फर्जी आंकड़े साझा किए गए, जिससे माहौल और बिगाड़ने की कोशिश की गई।

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब केवल स्थानीय हिंसा नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क और संभावित साजिश की दिशा में जांच का विषय बन चुका है।

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