दिल्ली

Jamia Dental Education Boost: जामिया में 9 विषयों में MDS को मंजूरी, 2026-27 से शुरू होंगे कोर्स

Jamia Dental Education Boost: जामिया में 9 विषयों में MDS को मंजूरी, 2026-27 से शुरू होंगे कोर्स

नई दिल्ली, 19 अप्रैल: राजधानी के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान जामिया मिल्लिया इस्लामिया के दंत चिकित्सा संकाय के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। अब यहां मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) कोर्स शुरू करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया की सिफारिशों के आधार पर लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर दिया है, जिससे जामिया में उच्च स्तरीय डेंटल शिक्षा को नई दिशा मिलने जा रही है। यह कोर्स शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू किए जाएंगे, जिससे देशभर के डेंटल ग्रेजुएट्स को विशेषज्ञता हासिल करने का बेहतर अवसर मिलेगा।

जानकारी के अनुसार, जामिया में एमडीएस को कुल 9 अलग-अलग विशेषज्ञताओं में शुरू किया जाएगा। इनमें ऑर्थोडॉन्टिक्स, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, पीरियोडॉन्टोलॉजी, पीडियाट्रिक डेंटिस्ट्री सहित अन्य महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। मंत्रालय द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक स्पेशियलिटी में केवल 2 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और व्यक्तिगत ध्यान सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि अंतिम मंजूरी मिलने से पहले विश्वविद्यालय को फैकल्टी की उपलब्धता, आधुनिक चिकित्सा उपकरण, क्लिनिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और अस्पताल से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाओं के मानकों को पूरा करना होगा। इसके लिए जामिया प्रशासन द्वारा आवश्यक दस्तावेज और तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं।

इस विकास के साथ ही जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन मेडिकल कॉलेज और अत्याधुनिक अस्पताल स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रस्तावित योजना के तहत करीब पांच एकड़ भूमि पर एक आधुनिक अस्पताल विकसित किया जाएगा, जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए तैयार करने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह योजना साकार होती है, तो न केवल छात्रों को बेहतर क्लिनिकल एक्सपोजर मिलेगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के मरीजों को भी उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

इसी क्रम में राजधानी के अन्य प्रमुख मेडिकल संस्थानों को भी बड़ी सौगात मिली है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में डीएम पीडियाट्रिक्स और नेफ्रोलॉजी जैसे सुपर-स्पेशियलिटी कोर्स शुरू करने को मंजूरी दी गई है, जबकि मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में मेडिकल जेनेटिक्स में डीएम कोर्स शुरू होगा। इन सभी कोर्स में हर वर्ष दो-दो सीटें निर्धारित की गई हैं, जिससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ ने इस मंजूरी को संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इससे जामिया की शैक्षणिक प्रतिष्ठा और मजबूत होगी और छात्रों को देश में ही विश्वस्तरीय डेंटल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आने वाले समय में यह पहल देश में दंत चिकित्सा के क्षेत्र में कुशल विशेषज्ञों की कमी को भी काफी हद तक पूरा करने में सहायक साबित हो सकती है।

Realme GT 6 भारत में लॉन्च होने की पुष्टि। अपेक्षित स्पेक्स, फीचर्स, और भी बहुत कुछ

Related Articles

Back to top button