Job Scam Noida: एमएनसी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। Bisrakh Police Station पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम ऐंठ रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सीपीयू, एक मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस, छह फर्जी जॉब ऑफर लेटर, तीन मोबाइल फोन और 7600 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास डाबर, अरुण कुमार और वैभव कुमार के रूप में हुई है। तीनों मिलकर नौकरी तलाश रहे युवाओं को अच्छी सैलरी वाली नौकरी का लालच देकर उनसे पैसे वसूलते थे। इस मामले में 12 मार्च को एक पीड़ित की लिखित शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच के लिए पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में टीम गठित की गई।
जांच के दौरान 13 मार्च को पुलिस को गोपनीय सूचना मिली, जिसके आधार पर टीम ने Iteda Gol Chakkar के पास सर्विस रोड से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी विकास डाबर हरियाणा के हिसार जिले का रहने वाला है और पहले एक विदेशी कंपनी में क्लेम सेटलमेंट का काम करता था, जबकि उसके साथी अरुण कुमार और वैभव कुमार भी निजी कंपनियों में काम कर चुके हैं।
आरोपी नौकरी तलाश रहे लोगों का डाटा हासिल करने के लिए MyWorkDayJobs.com पर अपनी प्रोफाइल बनाकर रखते थे। इसके बाद वे युवाओं से संपर्क कर उन्हें नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में 30 हजार से 60 हजार रुपये तक मासिक वेतन वाली नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। सौदा तय होने पर आरोपी वार्षिक पैकेज का करीब 15 से 20 प्रतिशत तक रकम लेने की बात करते थे और पहले टोकन मनी के तौर पर 40 हजार से 60 हजार रुपये तक अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।
ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपी फर्जी ई-मेल आईडी बनाते थे, जो बड़ी कंपनियों की आधिकारिक आईडी जैसी दिखती थीं। इसके बाद वे अपने कंप्यूटर से कंपनियों के लोगो के साथ फर्जी जॉब ऑफर लेटर तैयार कर अभ्यर्थियों को ई-मेल के जरिए भेज देते थे। ऑफर लेटर मिलने के बाद पीड़ितों को भरोसा हो जाता था और वे बाकी रकम भी ऑनलाइन ट्रांसफर कर देते थे।
जब पीड़ित नौकरी के बारे में जानकारी मांगते थे तो आरोपी तकनीकी समस्या या दस्तावेजों की कमी का बहाना बनाकर नई तारीख दे देते थे या किसी दूसरी कंपनी का फर्जी ऑफर लेटर भेजकर उन्हें गुमराह करते रहते थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि इस तरीके से वे कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा किया जा सके।


