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Noida: नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के 40 हजार होम बायर्स को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण ने हटाई रोक

Noida: नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के 40 हजार होम बायर्स को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण ने हटाई रोक

नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी एससी-02 परियोजना पर लगी वर्षों पुरानी रोक को हटा दिया है। यह फैसला प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में लिया गया, जिससे करीब 40 हजार होम बायर्स को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से रजिस्ट्री और कब्जे का इंतजार कर रहे खरीदारों के लिए यह निर्णय किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा है।

इस फैसले से विशेष रूप से लोटस ग्रीन्स सहित स्पोर्ट्स सिटी से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं के हजारों खरीदारों को फायदा होगा। बीते करीब पांच वर्षों से होम बायर्स अपने फ्लैट्स की रजिस्ट्री और पजेशन को लेकर अनिश्चितता में जी रहे थे। खरीदारों का कहना है कि इस दौरान उन्हें एक ओर बैंकों की ईएमआई चुकानी पड़ी, तो दूसरी ओर किराए के मकानों में रहकर आर्थिक, मानसिक और सामाजिक दबाव झेलना पड़ा।

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से जुड़े अधिकतर पुराने विवादों का अब समाधान कर लिया गया है। प्राधिकरण ने बताया कि जिन परियोजनाओं ने अपने सभी बकाया का भुगतान कर दिया है, उन्हें सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी जारी किया जा चुका है। इसके साथ ही संशोधित मास्टर प्लान को मंजूरी देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पूरी तरह लागू किया जा सके और आगे किसी तरह की कानूनी अड़चन न आए।

स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से जुड़े गोदरेज प्रोजेक्ट की एक होम बायर अरुणा ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जल्द ही वे वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अपने घरों में रह सकेंगी। उन्होंने नोएडा प्राधिकरण का आभार जताया, जिसने होम बायर्स की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।

स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में टाटा प्रोजेक्ट्स, गोदरेज प्रॉपर्टीज, प्रेस्टीज ग्रुप, काउंटी ग्रुप, लोटस ग्रीन्स और एल्डेको जैसे देश के नामी बिल्डर्स शामिल हैं। इस पूरी परियोजना में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुड़ा हुआ है और इससे प्रत्यक्ष रूप से करीब 40 हजार परिवार प्रभावित थे। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से न सिर्फ होम बायर्स को राहत मिलेगी, बल्कि नोएडा के रियल एस्टेट बाजार में भी सकारात्मक माहौल बनेगा और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।

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