Himachal Government: एपीएआर सॉफ्टवेयर से प्रशासन में आएगी पारदर्शिता, मुख्यमंत्री सुक्खू ने डिजिटल प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली की प्रगति की समीक्षा

Himachal Government: एपीएआर सॉफ्टवेयर से प्रशासन में आएगी पारदर्शिता, मुख्यमंत्री सुक्खू ने डिजिटल प्रदर्शन मूल्यांकन प्रणाली की प्रगति की समीक्षा

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला में आज वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट यानी एपीएआर सॉफ्टवेयर के विकास कार्य की प्रगति की समीक्षा की। यह सॉफ्टवेयर डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं गवर्नेंस विभाग द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक पारदर्शी, प्रभावी और पूरी तरह डिजिटल प्रदर्शन मूल्यांकन व्यवस्था तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल शासन प्रणाली को अधिक जवाबदेह, निष्पक्ष और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि प्रस्तावित एपीएआर पोर्टल के माध्यम से एपीएआर और वार्षिक कार्य योजनाओं की एंड-टू-एंड ऑनलाइन प्रोसेसिंग संभव होगी। यह पूरी प्रक्रिया एक सुव्यवस्थित डिजिटल वर्कफ्लो पर आधारित होगी, जिससे प्रदर्शन मूल्यांकन में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और निष्पक्षता तथा निगरानी में आसानी आएगी। पोर्टल को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि हर स्तर पर जवाबदेही तय की जा सके और मूल्यांकन प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी हो।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि एपीएआर की शुरुआत संबंधित रिपोर्टिंग अथॉरिटी द्वारा तैयार की गई वार्षिक कार्य योजना के आधार पर होगी, जिसमें गुणात्मक और मात्रात्मक दोनों प्रकार के लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित किए जाएंगे। सॉफ्टवेयर में यह सुविधा भी रहेगी कि प्रशासनिक जरूरतों और बदलती प्राथमिकताओं के अनुसार व्यक्तिगत अधिकारियों या पूरे कैडर के लक्ष्यों में वार्षिक संशोधन किया जा सके। इससे शासन व्यवस्था अधिक लचीली और व्यावहारिक बन सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समूह ‘ए’, ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ के सभी कर्मचारियों के लिए एक समान और मानकीकृत एपीएआर प्रारूप लागू किया जाएगा। इससे अब तक विभिन्न श्रेणियों में अलग-अलग प्रक्रियाओं के कारण उत्पन्न असमानता दूर होगी और सभी कर्मचारियों के लिए समान मूल्यांकन प्रणाली सुनिश्चित होगी। पोर्टल पर एपीएआर की शुरुआत के समय रिपोर्टिंग, रिव्यूइंग और एक्सेप्टिंग अधिकारियों की ऑनलाइन पहचान और अनुमोदन की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि नई प्रणाली में एक ही वित्तीय वर्ष में एक से अधिक एपीएआर शुरू करने की सुविधा दी जाएगी, बशर्ते प्रत्येक एपीएआर की न्यूनतम अवधि तीन माह हो। यह प्रावधान विशेष रूप से उन स्थितियों में उपयोगी होगा, जब किसी अधिकारी का स्थानांतरण होता है या उसके दायित्वों में बदलाव किया जाता है। इससे ऐसे मामलों में अधिक सटीक और यथार्थ मूल्यांकन संभव हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सॉफ्टवेयर के विकास कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और इसे पूरी तरह उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एपीएआर पोर्टल प्रदर्शन आधारित शासन को मजबूती देगा, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाएगा और सरकारी तंत्र में जवाबदेही की संस्कृति को और सशक्त करेगा। यह डिजिटल पहल प्रदेश में सुशासन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (नवाचार, डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं गवर्नेंस) गोकुल बुटेल, विधायक सुरेश कुमार, डिजिटल टेक्नोलॉजीज एवं गवर्नेंस विभाग के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, संयुक्त निदेशक अनिल सेमवाल और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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