INS Tarkash: समुद्री साझेदारी को मजबूत करने सेशेल्स पहुंचा आईएनएस तरकश, तटरक्षक पोत को सुरक्षित एस्कॉर्ट कर निभाई अहम भूमिका

INS Tarkash: समुद्री साझेदारी को मजबूत करने सेशेल्स पहुंचा आईएनएस तरकश, तटरक्षक पोत को सुरक्षित एस्कॉर्ट कर निभाई अहम भूमिका
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट INS Tarkash दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती के दौरान शुक्रवार को Victoria स्थित पोर्ट विक्टोरिया पहुंच गया। भारतीय नौसेना का यह दौरा भारत और Seychelles के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग, सामरिक साझेदारी और द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आईएनएस तरकश ने भारत से सेशेल्स तक की यात्रा के दौरान सेशेल्स कोस्ट गार्ड के पोत PS Zoroaster को सुरक्षित एस्कॉर्ट किया। इस पोत का रीफिट और उन्नयन कार्य Garden Reach Shipbuilders & Engineers (जीआरएसई), कोलकाता में किया गया था। पोत को सुरक्षित रूप से सेशेल्स पहुंचाना दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, जहाज निर्माण क्षमता और समुद्री सुरक्षा साझेदारी का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
भारतीय नौसेना के अधिकारियों के अनुसार यह मिशन हिंद महासागर क्षेत्र में मित्र देशों के साथ सहयोग बढ़ाने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत लंबे समय से सेशेल्स की समुद्री क्षमता को मजबूत करने में सहयोग करता रहा है और यह यात्रा उसी सहयोग की निरंतरता का हिस्सा है।
दौरे के दौरान आईएनएस तरकश के कमांडिंग ऑफिसर Captain Rohit Mishra सेशेल्स सरकार और रक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, सामरिक सहयोग और भविष्य की संयुक्त गतिविधियों पर चर्चा होने की संभावना है।
पोर्ट कॉल के दौरान जहाज का दल विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी भाग लेगा। इसके अलावा भारतीय पक्ष की ओर से सेशेल्स सरकार को आवश्यक स्पेयर पार्ट्स और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री भी सौंपी जाएगी, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग और विश्वास को और मजबूती मिलेगी।
भारतीय नौसेना का मानना है कि यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्गों को सुनिश्चित करने के साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाने में सहायक होगा। साथ ही यह भारत की “सुरक्षा और विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोग” की नीति तथा मित्र देशों के साथ मजबूत समुद्री संबंधों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।





