दिल्ली

AIIMS Officers Protest: नॉन-फैकल्टी कैडर रिव्यू की मांग पर राजघाट में प्रतीकात्मक उपवास

AIIMS Officers Protest: नॉन-फैकल्टी कैडर रिव्यू की मांग पर राजघाट में प्रतीकात्मक उपवास

नई दिल्ली में नॉन-फैकल्टी कैडर रिव्यू लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे एम्स दिल्ली के अधिकारियों ने रविवार को राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित करते हुए अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांतों के अनुरूप अपनी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

इस दौरान एम्स अधिकारियों ने सुबह करीब 8 बजे से प्रतीकात्मक उपवास भी रखा। अधिकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य सरकार और संबंधित मंत्रालय का ध्यान लंबे समय से लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना है। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक और अहिंसक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं।

एम्स अधिकारी संघ के महासचिव अमित कुमार ने बताया कि संस्थान के नॉन-फैकल्टी कर्मचारियों का कैडर रिव्यू पिछले करीब 34 वर्षों से लंबित पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों के अनुसार कैडर रिव्यू हर पांच साल में किया जाना चाहिए, लेकिन इतने लंबे समय से इस प्रक्रिया को लागू नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

संघ के अनुसार कैडर रिव्यू का प्रस्ताव पहले ही संस्थान की स्थायी वित्त समिति और शासी निकाय से मंजूरी प्राप्त कर चुका है। इसके बाद यह प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजा गया है, जहां फिलहाल यह विचाराधीन है। अधिकारी चाहते हैं कि मंत्रालय जल्द से जल्द इस प्रस्ताव को मंजूरी दे ताकि कर्मचारियों को पदोन्नति और करियर से जुड़े लाभ मिल सकें।

आंदोलन कर रहे अधिकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं और कई बार संबंधित विभागों को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। इसके बावजूद अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिसके चलते उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है।

एम्स अधिकारी संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन के बावजूद मरीजों की सेवाओं पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ने दिया जा रहा है। अस्पताल में इलाज और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं और डॉक्टरों तथा अन्य चिकित्सा कर्मचारियों द्वारा मरीजों की देखभाल पहले की तरह ही की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह से अस्पताल की कार्यप्रणाली को प्रभावित करना नहीं है, बल्कि अपनी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेकर लंबे समय से लंबित कैडर रिव्यू की प्रक्रिया को लागू करेगा।

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