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Weight Loss Drugs Advisory: मोटापा कम करने वाली दवाओं को चमत्कारी समाधान बताना भ्रामक

Weight Loss Drugs Advisory: मोटापा कम करने वाली दवाओं को चमत्कारी समाधान बताना भ्रामक

मोटापा को लेकर तेजी से बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने वजन घटाने वाली दवाओं के प्रचार को लेकर सख्त एडवाइजरी जारी की है। नियामक संस्था ने स्पष्ट किया है कि मोटापा एक दीर्घकालिक मेटाबॉलिक बीमारी है और इसका उपचार केवल दवाओं के सहारे नहीं किया जा सकता। इसके लिए जीवनशैली में बदलाव, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम जैसे उपाय भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

सीडीएससीओ के अनुसार हाल के दिनों में सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म पर मोटापा कम करने वाली दवाओं और इंजेक्शन को लेकर काफी प्रचार किया जा रहा है। कई जगह इन दवाओं को ‘चमत्कारी समाधान’ के रूप में पेश किया जा रहा है, जिससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि केवल दवा लेने से ही तेजी से वजन कम किया जा सकता है। नियामक संस्था ने ऐसे दावों को भ्रामक बताया है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

एडवाइजरी में कहा गया है कि मोटापा कम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ दवाओं में जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट शामिल हैं। इन दवाओं में सेमाग्लूटाइड, लिराग्लूटाइड और टिरजेपेटाइड जैसी दवाएं प्रमुख हैं, जिनका उपयोग मोटापा और अन्य मेटाबॉलिक बीमारियों के इलाज में किया जाता है। हालांकि इन दवाओं का उपयोग केवल डॉक्टर की सलाह और चिकित्सकीय निगरानी में ही किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इन दवाओं का गलत या अनियंत्रित उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिसके कारण उन्हें मतली, उल्टी, पेट दर्द और पाचन से जुड़ी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए इन दवाओं का उपयोग केवल योग्य चिकित्सक की सलाह के बाद ही किया जाना चाहिए।

सीडीएससीओ ने अपनी एडवाइजरी में यह भी कहा है कि दवा कंपनियों, आयातकों और विपणन प्राधिकरण धारकों को औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा उससे संबंधित नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। इसके तहत प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का प्रत्यक्ष या परोक्ष विज्ञापन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

नियामक संस्था के अनुसार प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का प्रचार करना कानून के खिलाफ है। इसलिए कंपनियों को ऐसे प्रचार से बचने और नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा नियंत्रण के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाना बेहद जरूरी है। केवल दवा लेने से स्थायी समाधान नहीं मिल सकता। इसके लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना भी उतना ही आवश्यक है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग सही जानकारी के साथ डॉक्टर की सलाह का पालन करें और जीवनशैली में सुधार करें तो मोटापा और उससे जुड़ी कई बीमारियों को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।

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