
AIIMS Delhi: उत्तरायणी कौथिक पर एम्स दिल्ली में उत्तराखंड की लोक संस्कृति का भव्य उत्सव
नई दिल्ली। उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक उत्तरायणी कौथिक के अवसर पर एम्स दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू ऑडिटोरियम में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मकर संक्रांति के पावन पर्व के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, संगीत और नृत्य की रंगारंग झलक देखने को मिली। आयोजन का उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और लोक परंपराओं से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जे. एस. तितियाल और डॉ. अशोक देओरारी सहित एम्स के अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद मंच पर उत्तराखंड की लोक संस्कृति जीवंत हो उठी।
लोक कलाकारों ने छोलिया नृत्य, झोड़ा-चांचरी, पारंपरिक लोकगीत और जागर की भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। ढोल-दमाऊ की गूंजती थाप पर कलाकारों की ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को उत्सव के रंग में रंग दिया। इस दौरान स्कूली छात्रा अगम्या मैखुरी के फ्यूजन म्यूजिक ने पारंपरिक और आधुनिक संगीत का अनूठा संगम प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। छोटे बच्चों और युवाओं द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर एम्स निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन न केवल उत्तराखंड की लोक संस्कृति को नई पहचान देते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में एम्स दिल्ली की उत्तरांचल स्टाफ वेलफेयर सोसाइटी की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम में सोसाइटी के अध्यक्ष अर्जुन सिंह रावत, कुंवर सिंह रौतेला, राहुल रावत सहित सैकड़ों की संख्या में उत्तराखंड प्रेमी और सांस्कृतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे आयोजन में उत्तराखंड की लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली, जिसने दर्शकों को अपनी मिट्टी और परंपराओं से जुड़ने का भावनात्मक अनुभव कराया।





