उत्तर प्रदेश, गोरखपुर: सुरक्षा के माहौल में ही विकास और समृद्धि संभव : मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश, गोरखपुर, 11 मई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा के माहौल में ही विकास और समृद्धि संभव है। आज उत्तर प्रदेश के हर जिले में सुरक्षा का बेहतरीन माहौल है तो विकास की प्रक्रिया भी निरंतर आगे बढ़ रही है। सुरक्षा से ही विकास की सार्थकता सिद्ध होती है सुरक्षा के बगैर समृद्धि नहीं आ सकती।

सीएम योगी रविवार दोपहर बाद गोरखपुर में कोतवाली थाना के समीप योगगुरु ‘श्री परमहंस योगानंद जन्मस्थली स्मृति भवन’ के निर्माण कार्य का भूमि पूजन और शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। पर्यटन विकास की इस महत्वपूर्ण परियोजना पर 2768 लाख रुपये की लागत आएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विकास और सुरक्षा के मुद्दे पर पूर्व की सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2017 के पहले सरकार के पैरेलल (समानांतर) माफिया और भ्रष्टाचारी भी थे जो शासन की योजनाओं को हड़प लेते थे। तब किसी गरीब या व्यापारी की जमीन कब्जा कर लेना माफिया के लिए सामान्य बात थी लेकिन आज कोई कब्जा नहीं कर सकता। जबरन कब्जा करने पर लेने के देने पड़ जाएंगे। आज किसी ने बेटियों और व्यापारियों को छेड़ने की कोशिश की तो उसके लिए यमराज के घर का रास्ता खुल जाएगा। सीएम ने कहा कि 2017 के बाद सुरक्षा का जो शानदार माहौल बना है उसी का परिणाम है कि प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और हर जिला विकास, विरासत के संरक्षण और युवाओं के रोजगार के लिए नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

पाकिस्तान आतंकी राष्ट्र, देश की लड़ाई, हम सबकी लड़ाई
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र बताते हुए कहा कि हाल के दिनों में पाकिस्तान के जहाज को जिस ब्रह्मोस मिसाइल ने निशाना बनाया अब वह लखनऊ में बनेगा। यही नहीं यूपी में बनने वाली तोप दुश्मन को कंपाएगी। यह प्रदेश में सुरक्षा के माहौल से ही हो पा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की लड़ाई, हम सबकी लड़ाई होनी चाहिए। ऐसा होने पर ही आध्यात्मिक विरासत और विकास सुरक्षित रह पाएंगे। सीएम ने कहा कि हरेक व्यक्ति के मन में देश प्रथम, देश के प्रति समर्पण का भाव होना चाहिए। देश सुरक्षित रहेगा तो हम भी सुरक्षित रहेंगे। यदि हम इस भाव से काम करेंगे तो देश की आन, बान, शान में गुस्ताखी करने वालों के छक्के छुड़ा देंगे। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों के मनोबल को तोड़ने वाला कोई बयान आए तो जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है।

पूर्वजों, परंपरा और विरासत से भटका व्यक्ति अंधकार की तरफ जाता है
मुख्यमंत्री ने परमहंस योगानंद के व्यक्तित्व और योग के प्रसार में उनके वैश्विक योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि पूर्वजों, परंपरा और विरासत से भटका व्यक्ति अंधकार की तरफ, काल की कोठरी में चला जाता है। विरासत के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित न करने वाले समाज का विकास बाधित हो जाता है। उन्होंने कहा कि योगानंद जी विरासत को सम्मान देते हुए सरकार उनकी जन्मस्थली पर योग मंदिर बना रही है।

भारत के आध्यात्मिक धरोहर को लेकर वैश्विक क्षितिज पर छा गए योगानंद जी
सीएम योगी ने कहा कि भारत में ऐसे ऋषियों, मुनियों, संतों की लंबी परंपरा है जिन्होंने अपनी अपनी साधना की सिद्धि और चेतना के विस्तार से ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों को भी उद्घाटित कर दिखाया है। देश के अलग अलग स्थानों पर साधकों की अलग अलग परंपरा रही है जिन्होंने अपनी साधना से लोगों के जीवन में परिवर्तन किए। सीएम ने कहा कि परमहंस योगानंद जी के मन में योग और आध्यात्म के प्रति बीजारोपण अपने बाल्यकाल में गोरखनाथ मंदिर आते-जाते हुआ। अपनी आत्मकथा में उन्होंने गोरखपुर का उल्लेख किया है। योगानंद जी अपने 60 वर्ष के जीवन में भारत के आध्यात्मिक धरोहर को लेकर वैश्विक क्षितिज पर छा गए।

अमेरिका तक जाएगी सीएम योगी की पहल की गूंज : रविकिशन
श्री परमहंस योगानंद जन्मस्थली स्मृति भवन के भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि परमहंस योगानंद की जन्मस्थली पर स्मारक बनाने की सीएम योगी की पहल की गूंज लॉस एंजिल्स, अमेरिका तक जाएगी। योगानंद जी के अनुयायी अमेरिका समेत पूरी दुनिया में हैं और गोरखपुर में उनकी स्मृति में होने वाले पर्यटन विकास के कार्य से यहां पूरी दुनिया के लोग आएंगे।

सीएम योगी ने दिया योगानंद के अनुयायियों को तीर्थस्थान का बड़ा उपहार : स्वामी ईश्वरानंद
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत करते हुए स्वामी ईश्वरानंद (महासचिव योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया) ने कहा कि सीएम योगी ने दुनिया भर में रहने वाले परमहंस योगानंद जी के शिष्यों-अनुयायियों को एक तीर्थस्थान के रूप में बड़ा उपहार दिया है। परमहंस योगानंद की जन्मस्थली पर स्मारक बनवाने का निर्णय लेकर मुख्यमंत्री जी ने परमहंस योगानंद जी के अनुयायियों को प्रफुल्लित कर दिया है। स्वामी ईश्वरानंद ने परमहंस योगानंद की जीवन यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जन्म 5 जनवरी 1893 को गोरखपुर के इसी स्थल पर जहां स्मारक बनने जा रहा है, पर हुआ था। उनके बचपन का नाम मुकुंद घोष था। विश्व को क्रिया योग सिखाने में उनका अविस्मरणीय योगदान है। योगानंद जी की आत्मकथा एन ऑटोबायोग्राफी ऑफ अ योगी सर्वाधिक बिकने और पढ़ी जाने वाली पुस्तकों में से एक है।
इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, इस अवसर पर स्वामी विश्वानंद (निदेशक, सेल्फ रियलाइजेशन फेलोशिप, लॉस एंजिल्स योगदा संस्थान), एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष देवेश श्रीवास्तव, योगदा सोसाइटी के स्वामी सौम्यानंद, स्वामी चेतनानंद आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

परियोजना के ले आउट-ड्राइंग मैप का सीएम ने किया अवलोकन
‘श्री परमहंस योगानंद जन्मस्थली स्मृति भवन’ का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन और शिलान्यास करने के बाद मुख्यमंत्री ने मौके पर इस पर्यटन विकास परियोजना के मॉडल, ले आउट, ड्राइंग मैप का अवलोकन किया। अधिकारियों ने स्मृति भवन के अलग-अलग तल पर बनने वाली व्यवस्थाओं और उपलब्ध होने वाली सुविधाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूर्ण गुणवत्ता के साथ योग मंदिर के निर्माण कार्य को डेढ़ वर्ष में पूरा कर लिया जाए।

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