Sunday, 8 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : योगी सरकार का राज्य कर्मचारियों को दीपावली का तोहफा, महंगाई भत्ता 58 से बढ़ाकर 63 प्रतिशत कियाLucknow : सीएम योगी के नेतृत्व में सौर क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश, पीएम सूर्य घर योजना में देश में पहले नंबर परAyodhya : देश में श्रीराम के आचरण को जी रहे दो योगी, एक ‘कर्मयोगी’ मोदी और दूसरे सीएम योगी- सी.पी. राधाकृष्णनAyodhya : पुष्पक विमान से उतरे प्रभु श्रीराम, सीएम योगी ने माला पहनाकर किया स्वागतAyodhya : रामभक्तों पर गोली चलाने और संतों का अपमान करने वाले अयोध्या आएं तो माफी मांगकर आएं- मुख्यमंत्रीAyodhya : राम भारत की आत्मा और राष्ट्रीय चेतना के आधार, दीपोत्सव भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का वैश्विक उत्सव- राज्यपालAyodhya : योगी सरकार में संभव हुआ मां कौशल्या की पहली शोभायात्रा का आयोजनAyodhya : श्रीरामजन्मभूमि मंदिर संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान का स्मारक- उपराष्ट्रपति

थैलेसीमिया मेजर का लगभग हर आठवां मरीज भारत में : वंदना तलवार 

-दिल्ली में थैलेसीमिया मेजर के करीब 2500 मरीज
-दिल्ली में थैलेसीमिया मेजर के करीब 2500 मरीज

नई दिल्ली, 8 मई : विश्व थैलेसीमिया दिवस 2024 के अवसर पर वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल के बाल चिकित्सा हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी विभाग और बाल रोग विभाग ने रोगी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वंदना तलवार, अतिरिक्त एमएस डॉ. पीएस भाटिया, डॉ. जयंती मणि और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रतन गुप्ता के अलावा थैलेसीमिया रोगी एवं उनके माता-पिता, नर्सिंग छात्र और मेडिकल छात्र भी मौजूद रहे।

डॉ. वंदना तलवार ने कहा कि दुनिया में थैलेसीमिया मेजर से पीड़ित बच्चों की संख्या सबसे अधिक भारत में है। हर साल लगभग 10 -15 हजार बच्चे थैलेसीमिया मेजर के साथ पैदा होते हैं, जो थैलेसीमिया मेजर के वैश्विक बोझ में लगभग 10% हिस्सा है। इस हिसाब से थैलेसीमिया मेजर का लगभग हर आठवां मरीज भारत में रहता है। वहीं, दिल्ली में थैलेसीमिया मेजर के करीब 2500 मरीज मौजूद हैं। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि थैलेसीमिया से पीड़ित प्रत्येक बच्चे को पर्याप्त ट्रांसफ्यूजन और इष्टतम आयरन केलेशन थेरेपी मिल सके। ताकि आयरन के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों को रोकने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा शरीर में आयरन की अधिकता से लीवर, हृदय आदि पर व्यापक दुष्प्रभाव पड़ता है।

डॉ तलवार ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल अरसे से थैलेसीमिया रोग ग्रस्त बच्चों का उपचार और सेवा कर रहा है। यहां 10 बिस्तरों वाला थैलेसीमिया डे केयर सेंटर है जहां उन्हें नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन और केलेशन थेरेपी प्रदान की जा रही है। जल्द ही इस अस्पताल में थैलेसीमिया मेजर के बच्चों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट सुविधा का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, थैलेसीमिया को हाल ही में विशेष विकलांगता की सूची में जोड़ा गया है जिसके तहत भारत सरकार इन रोगियों के उपचार में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इस दौरान थैलेसीमिया विशेषज्ञ डॉ. जे. एस अरोड़ा ने थैलेसीमिया वाहक स्थिति का पता लगाने के लिए विवाह पूर्व और प्रसव पूर्व परीक्षण के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में स्नातकोत्तर छात्रों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और नर्सिंग छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

2024 की थीम
इस वर्ष विश्व थैलेसीमिया दिवस की थीम ‘जीवन को सशक्त बनाना, प्रगति को अपनाना: सभी के लिए न्यायसंगत और सुलभ थैलेसीमिया उपचार ‘ है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

संवाददाता

Manisha Jha

संबंधित खबरें

पाठकों की राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *