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Samavesh Utsav: DNT समुदायों की प्रतिभा और तरक्की का मंच बनेगा ‘समावेश उत्सव’, पारंपरिक हुनर से लेकर SEED योजना की सफलता तक दिखेगी झलक

Samavesh Utsav: DNT समुदायों की प्रतिभा और तरक्की का मंच बनेगा ‘समावेश उत्सव’, पारंपरिक हुनर से लेकर SEED योजना की सफलता तक दिखेगी झलक

नई दिल्ली, 31 अगस्त। विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) की प्रतिभा, पारंपरिक हुनर और आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने के लिए राजधानी दिल्ली में ‘समावेश उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तहत विकास एवं कल्याण बोर्ड मंगलवार को डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में इस कार्यक्रम का आयोजन करेगा। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से DNT समुदायों के करीब 700 सदस्य, प्रतिनिधि, कारीगर और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी हिस्सा लेंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार और राज्य मंत्री बीएल वर्मा भी शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों की सामाजिक-आर्थिक प्रगति, उनकी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक कौशल को एक व्यापक मंच उपलब्ध कराना है।

‘समावेश उत्सव’ के माध्यम से उन समुदायों की उपलब्धियों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा, जो लंबे समय तक सामाजिक और आर्थिक रूप से हाशिये पर रहे हैं। कार्यक्रम में समुदायों के लोगों को अपनी प्रतिभा और पारंपरिक हुनर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

आयोजन में SEED योजना के तहत सामने आई सफलता की कहानियां भी प्रमुख आकर्षण रहेंगी। इस योजना के माध्यम से विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आवास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में SEED योजना से लाभान्वित लोगों के अनुभव और उनकी प्रगति को भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि विभिन्न सरकारी सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से इन समुदायों के लोगों की शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में किस तरह बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

समावेश उत्सव में DNT समुदायों की पारंपरिक कला और शिल्प को भी विशेष स्थान मिलेगा। विभिन्न समुदायों के कारीगर अपने पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प का प्रदर्शन करेंगे।

कारीगरों के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां उनके द्वारा तैयार उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे आगंतुकों को DNT समुदायों की विविध पारंपरिक कला और शिल्प से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

आयोजन में भारत-टूलिप हेरिटेज स्टोर भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके माध्यम से समुदायों से जुड़े पारंपरिक उत्पादों और विरासत को व्यापक पहचान देने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम में करीब 700 लोगों की भागीदारी प्रस्तावित है। इनमें DNT समुदायों के सदस्य, सामाजिक प्रतिनिधि, नेता, कारीगर और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल होंगे। इससे अलग-अलग क्षेत्रों से आए समुदायों के लोगों को आपस में संवाद और अनुभव साझा करने का अवसर भी मिलेगा।

विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के विकास के लिए चलाई जा रही SEED योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आवास को प्रमुख क्षेत्रों के रूप में शामिल किया गया है। योजना से जुड़ी पहल वर्तमान में आठ राज्यों में लागू हैं।

शिक्षा से जुड़ी सहायता का उद्देश्य समुदायों के बच्चों और युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार करना है, जबकि स्वास्थ्य से संबंधित पहल के माध्यम से आवश्यक सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

इसी तरह आजीविका के क्षेत्र में पारंपरिक कौशल और रोजगार के अवसरों को मजबूत कर समुदायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर है। आवास से संबंधित सहायता के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

‘समावेश उत्सव’ में इन चारों क्षेत्रों में हुए कार्यों और लाभार्थियों की उपलब्धियों को सामने लाया जाएगा। सफलता की कहानियों के जरिए योजना के प्रभाव और समुदायों के जीवन में आए बदलावों को प्रदर्शित करने की तैयारी है।

पारंपरिक कारीगरों को मंच देने से उनके उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ उनके हुनर को व्यापक स्तर पर सामने लाने का अवसर भी मिलेगा। यह आयोजन सामाजिक समावेशन के साथ DNT समुदायों की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगा।

डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में होने वाला ‘समावेश उत्सव’ DNT समुदायों की प्रगति, उनकी विरासत और पारंपरिक कौशल को एक साथ प्रस्तुत करेगा। सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों की कहानियों से लेकर कारीगरों के उत्पादों तक, आयोजन के माध्यम से इन समुदायों की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता की यात्रा को देश के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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