Thursday, 5 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Yamuna Mahasangam 2026: नोएडा में पहली बार होगा श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम, 21 हजार दीपों से जगमगाएगा यमुना तटHimachal Government Scheme: चुराह के देहग्रां पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू, बैरागढ़ में CBSE स्कूल खोलने और 182 महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणाHimachal CM Visit: मुख्यमंत्री ने देहग्रां में आम परिवार के साथ गुजारी रात, पहाड़ी व्यंजनों का लिया स्वादHapur News : हापुड़ में ड्रमों में भरा 12 क्विंटल बदबूदार पनीर जब्त, दिल्ली भेजने की थी तैयारीNew Delhi : अंबाला में 1857 के शहीद स्मारक का उद्घाटन, अमित शाह ने कहा यह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्थल बनेगाChandigarh : सीनियर दलित कांग्रेस नेता पर हमले और अपमान को लेकर चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन का किया घेरावChar Murti Chowk Underpass: ट्रायल के पहले पांच घंटे में अंडरपास से गुजरे करीब 14 हजार वाहन, 8 नवंबर रात 10 बजे तक चलेगा ट्रायलDadri Honey Trap Case: प्रेम जाल में फंसाकर युवक से चार लाख रुपये ऐंठने का आरोप, परेशान होकर खाया जहर, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

Uttarakhand : मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों के साथ की वर्चुअल बैठक

Dehradun (Uttarakhand) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबन्धन, जन-जन के द्वार कार्यक्रम, सत्यापन अभियान, गड्ढा मुक्त सड़के जैसे विभिन्न विषयों पर दिशा निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दृष्टिगत सतर्कता बढ़ाते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें। किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि मानसून के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान आपदा अथवा अत्यधिक वर्षा के कारण जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग अवरुद्ध या टूटे हैं तथा ड्रेनेज सिस्टम में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण कर मानसून समाप्त होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों, मार्गों एवं ड्रेनेज व्यवस्था के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने-अपने जिलों में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए समिति गठित करें और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में मानसून के बाद और तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों एवं ग्रामों में अभी तक इन शिविरों का आयोजन नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शिविर महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपात्र लोगों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने राज्य में स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्यभर में 5 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुकी एवं खराब स्थिति वाली सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की स्थिति का आकलन कर उनके डामरीकरण एवं सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, आवश्यकता के अनुसार इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाए। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर एवं सुगम सड़क सुविधा सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकें और उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाते हुए अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कृषि, बागवानी एवं पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इनसे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों तक पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, गढ़वाल राजीव स्वरूप एवं सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक मौजद रहे।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

SHAHRUKH KHAN

संबंधित खबरें