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UP पुलिस पेपर लीक मामले में योगी सरकार ने लिया एक्शन, अफसर पर गिरी गाज, इन्हें मिली जिम्मेदारी

UP Police Sipahi Bharti मामले में योगी सरकार ने सख्त एक्शन लिया है. सरकार ने UPPRB का अध्यक्ष बदल दिया है. UPPRB की जिम्मेदारी अब साल 1991 बैच के अफसर को दी गई है.

उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा मामले में योगी सरकार ने सख्त एक्शन लिया है. योगी सरकार ने पुलिस भर्ती परीक्षा लीक मामले में डीजी रेणुका मिश्रा को उनके पद से हटा दिया है. अब राजीव कृष्ण को डीजी पुलिस भर्ती बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

1990 बैच की अधिकारी रेणुका मिश्रा इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की अध्यक्ष थीं. अब उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया गया है. वहीं साल 1991 बैच के अधिकारी राजीव कृष्णा अभी तक यूपी सरकार के सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. अब वह इस जिम्मेदारी के अलावा पुलिस महानिदेशक/ यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभालेंगे.

दिया गया था ये निर्देश

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा को निरस्त कर दिया था. इस परीक्षा में कथित रूप से प्रश्न पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायतें प्राप्त हुई थी. तब अगले छह महीने के अंदर फिर से परीक्षा करने का निर्देश दिया गया था.

शासन को उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों तथा आयोग की रिपोर्ट के परिप्रेक्ष्य में मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया था कि लोक सेवा आयोग द्वारा 11 फरवरी को आयोजित समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा 2023 की दोनों सत्रों की परीक्षाओं को निरस्त कर दिया जाए. इसकी परीक्षा आगामी छह माह में फिर से कराई जाए.

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए थे कि इस प्रकार के आपराधिक कृत्य में सम्मिलित व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक और दंडात्मक कार्यवाही हेतु प्रकरण राज्य की एसटीएफ को संदर्भित किया जाए. एसटीएफ शीघ्रातिशीघ्र इसकी विवेचना संपन्न करेगी तथा इस कृत्य में लिप्त सभी उत्तरदायी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

इस भारतीय बल्लेबाज से शोएब अख्तर, सचिन-सहवाग और द्रविड़ लिस्ट में दूर रहे

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शोएब अख्तर ने अपनी तेज़ तर्रार गेंदबाज़ी से अच्छे-अच्छे बल्लेबाज़ों को डराया है. वीरेंद्र सहवाग ने एक बार बताया था कि उन्हें मुथैया मुरलीधरन के बाद शोएब अख्तर से डर लगता था क्योंकि उनका कोई भरोसा नहीं रहता कि वो कौन सी गेंद कहां मार दें. लेकिन अगर हम आपको बताएं कि एक ऐसा भारतीय बल्लेबाज़ भी था, जिससे शोएब अख्तर डरते थे और ये बल्लेबाज़ सचिन, सहवाग या द्रविड़ नहीं बल्कि नंबर 9, 10 और 11 पर खेलने वाला खिलाड़ी था.

शोएब अख्तर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें सिर्फ एक भारतीय बैटर से डर लगता था और वो उसे आउट नहीं कर पाते थे. यह बल्लेबाज़ कोई और नहीं बल्कि लक्ष्मीपति बालाजी थे. बता दें कि बालाजी भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ रहे है और उन्होंने 2002 से 2012 के बीच अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला. इस दौरान उन्होंने 8 टेस्ट, 30 वनडे और 5 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले.

बालाजी के बारे में शोएब अख्तर ने एक इंटव्यू में कहा था कि वह बहुत मारते थे. पूर्व पाकिस्तानी पेसर ने कहा, “मेरा जो सबसे मुश्किल विरोधी था, मुझे जिस बल्लेबाज़ से डर लगता था वो लक्ष्मीपति बालाजी थे. वो मुझे आखिर में मारते थे और मैं उन्हें आउट नहीं कर पाता था.”

वहीं अख्तर की बात करें तो उन्होंने पाकिस्तान के लिए 1997 से 2011 तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेला. इस दौरान उन्होंने 46 टेस्ट, 163 वनडे और 15 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले. अख्तर के नाम सबसे तेज़ गेंद फेंकने का रिकॉर्ड दर्ज है.

6 करोड़… माफी…सिंदूर…सीमा हैदर की मुश्किलें और बढ़ीं, सचिन मीणा भी संकट में, जानें पूरा मामला

सीमा हैदर और उसके प्रेमी सचिन मीणा की मुश्किलें बढ़ गई हैं…

पानीपत. सीमा हैदर के पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के वकील ने सीमा और उसके प्रेमी सचिन मीणा को भी 3 करोड़ का नोटिस भेजा है. अपने आप को सीमा हैदर का भाई बताने वाले वकील डॉ एपी सिंह को 5 करोड़ का नोटिस भेजा है. सीमा हैदर के पाकिस्तानी पति की ओर से वकील मोमिन मलिक ने तीनों को करोड़ों के नोटिस भेजकर एक महीने के अंदर मांगे माफी को कहा है. जुर्माना जमा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई शुरू करने की बात कही है.

आपको बता दें कि पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते चार बच्चों के साथ गैरकानूनी तरीके से अपने प्रेमी के पास आई सीमा हैदर के पति गुलाम हैदर ने हरियाणा के पानीपत के सीनियर एडवोकेट मोमिन मलिक को हायर किया है. सीमा हैदर और उसके प्रेमी सचिन को सीमा हैदर के पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर के वकील मोमिन मलिक ने 3-3 करोड़ का नोटिस भेजा है. इतना ही नहीं, मोमिन मलिक वकील की ओर से सीमा का भाई बताने वाले वकील एपी सिंह को भी 5 करोड़ का नोटिस भेजा गया है. नोटिस भेजकर मलिक ने कहा है कि एक माह के अंदर तीनों माफी मांगे और जुर्माना जमा करवाएं नहीं तो तीनों पर कानूनी करवाई की जाएगी.

वकील एपी सिंह को 5 करोड़ का नोटिस भेजा
मामले की जानकारी देते हुए पानीपत के वकील मोमिन मलिक ने कहा, ‘पुलिस द्वारा जब सीमा हैदर को गिरफ्तार किया गया था और जो डॉक्यूमेंट बरामद किए गए थे, सभी डाक्यूमेंट्स में सीमा हैदर पत्नी गुलाम हैदर लिखा हुआ है. इतना ही नहीं जब उसके कोर्ट से जमानत करवाई गई थी तो उसमें भी सीमा हैदर पत्नी गुलाम हैदर लिखा हुआ है. उसने खुद को गुलाम हैदर की पत्नी बताया हुआ है लेकिन फिर भी अपने आप को सीमा हैदर का भाई बताने वाले वकील एपी सिंह सभी से बोल रहे हैं कि सीमा हैदर सचिन की पत्नी है, वह किस आधार पर यह बोल रहे हैं. सीमा हैदर के पति गुलाम हैदर ने इसी वजह से वकील एपी सिंह को 5 करोड़ का नोटिस भेजा है.’

सचिन को दिए गए लीगल नोटिस में सीमा हैदर के पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर ने वकील मोमिन मलिक के माध्यम से कहा है, ‘आप किस आधार पर उनकी पत्नी को अपनी पत्नी बना रहे हैं. सीमा हैदर से आज तक कोई भी लीगल तलाक नहीं हुआ है. सचिन की वजह से ही उसके चार बच्चे उसे दूर हो गए हैं. बच्चों की पढ़ाई भी खराब हो रही है. आप अवैध रूप से सीमा हैदर के साथ रह रहे हैं.’

‘किस आधार पर अपनी मांग में सचिन के नाम का सिंदूर’
सीमा हैदर को भेजे गए 3 करोड़ रुपये के लीगल नोटिस में गुलाम हैदर ने कहा, ‘आपने आज तक कानूनी रूप से किसी भी देश में मुंह से तलाक नहीं लिया है. फिर आप किस आधार पर अपनी मांग में सचिन के नाम का सिंदूर भर रही है और अपने आप को सचिन की पत्नी क्यों बता रही हैं.’ गुलाम हैदर ने कहा, ‘बच्चों का जीवन खराब हो रहा है. वह अपने पिता के प्यार से भी छूट गए हैं और उनकी पढ़ाई भी छूट गई है. वह उसे खुश रखने के लिए सऊदी अरब में काम करता था और अपनी कमाई के सारे रुपये उसके पास भेजता था, लेकिन फिर भी आप पाकिस्तानी मकान बेचकर इंडिया आ गए, इसलिए 3 करोड़ रुपये का लीगल नोटिस भेजा गया है.’

व्यापारियों/ उद्योगपतियों द्वारा ‘सरकार-व्यापार मिलनी’ के द्वारा सरकार को उनके द्वार पर लाने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना

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अमृतसर, 3 मार्च

पवित्र नगरी अमृतसर के व्यापारियों ने आज ‘सरकार- व्यापार मिलनी’ को सकारात्मक समर्थन मिलने पर इस नेक प्रयास के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का तह-ए-दिल से धन्यवाद किया।

पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के पियारे लाल ने अपने संबोधन में इस ‘सरकार- व्यापार मिलनी’ के प्रबंध के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि राज्य को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है, जो आम आदमी की भलाई के लिए अथक मेहनत कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब पंजाब सरकार के अथक यत्नों स्वरूप राज्य की पुरातन शान बहाल होगी और रंगला पंजाब का निर्माण किया जायेगा।

इसी तरह पैन एंड स्टेशनरी एसोसिएशन के समीर जैन ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है क्योंकि सरकार व्यापारियों की समस्याओं के निपटारे के लिए उनके द्वार पर आ चुकी है। उन्होंने व्यापारियों की प्रमुख माँगों को स्वीकृत करके व्यापार को और बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद भी किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को व्यापारियों की तरफ से पूर्ण सहयोग और तालमेल का भरोसा दिया।

कैमिस्ट एसोसिएशन से सुरिन्दर दुग्गल ने कहा कि सभी व्यापारी तह-ए-दिल से मुख्यमंत्री के धन्यवादी हैं कि राज्य सरकार व्यापारियों को पेश समस्याओं का हल करने के लिए उनके सम्मुख हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी के दौरान ऐसा दृश्य नहीं देखा, जब किसी सरकार ने व्यापारियों के दरवाज़े पर आकर उनकी समस्याओं का हल किया हो। उन्होंने मुख्यमंत्री की आम आदमी क्लीनिक, ‘ आप दी सरकार, तुहाडे द्वार’ और ऐसीं अन्य पहलकदमियां करने के लिए भी सराहना की।

फोकल प्वाइंट एसोसिएशन से सन्दीप खोसला ने अमृतसर के फोकल प्वाइंट के काया-कल्प के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के शासनकाल के दौरान राज्य में निज़ाम तबदीली की प्रक्रिया पहले ही देखने को मिल रही है।

इस दौरान प्लाईवुड्ड एसोसिएशन के गुरप्रीत सिंह कटारिया ने राज्य की भलाई और तरक्की के लिए राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से व्यापारियों की भलाई के लिए किये गए प्रयासों के लिए व्यापारी सदा उनके ऋणी रहेंगे।

इसी तरह कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि पहली बार कोई मुख्यमंत्री राज्य सरकार को व्यापारियों के हितों की ख़ातिर उनके दरवाज़े पर लेकर आया है। उन्होंने राज्य की तरक्की और लोगों की ख़ुशहाली के लिए कई प्रमुख पेशकदमियां करने के लिए भी मुख्यमंत्री की सराहना की।

Punjab Budget Session: सीएम भगवंत मान का कांग्रेस पर निशाना- ‘दिल्ली में 2-3 सीटों के लिए मिन्नतें करते हैं यहां…’

पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण सत्र के दौरान पंजाब के सीएम भगवंत मान ताला लेकर पहुंचे. इस पर कांग्रेस ने हंगामा खड़ा कर दिया, जिसके बाद सीएम ने कांग्रेस को जमकर घेरा.

पंजाब विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सोमवार को जमकर हंगामा देखने को मिला. मुख्यमंत्री भगवंत मान विधानसभा में ताला लेकर पहुंचे और स्पीकर को देते हुए कहा कि इसे अंदर से लगा दीजिए ताकि विपक्ष बाहर न जा पाए. इस दौरान सीएम मान ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दिल्ली में क्या है नेशनल पार्टी कांग्रेस. देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस, जिसने 60 साल देश पर राज किया. लेकिन अब कांग्रेस का दिल्ली में क्या हाल है 2015 से 2020 तक कांग्रेस का एक भी सांसद और विधायक नहीं है.

सीएम मान ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि दिल्ली में ये अहंकारी हो गए थे. दिल्ली में शीला दीक्षित ने 15 साल राज किया तो कांग्रेस अहंकारी हो गई थी कि हमें कोई हटा नहीं सकता. इसके बाद दिल्ली में केजरीवाल की एंट्री हुई और कांग्रेस का सफाया हो गया. दिल्ली में कांग्रेस हमारी पार्टी से सीटों के लिए मिन्नतें करती हैं और पंजाब में भगवंत मान हाय-हाय करते हैं.

विधानसभा में जमकर हुआ हंगामा

वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान विधानसभा में जब ताला लेकर पहुंचे तो कांग्रेस ने विधानसभा में जमकर हंगामा खड़ा कर दिया. कांग्रेस विधायकों ने कई देर तक नाराबाजी की. इस दौरान पंजाब सरकार के मंत्री चेतन सिंह जौरा माजरा ने कहा कि कांग्रेस ने सारा सेशन ताले पर ही निकाल दिया, कांग्रेस के लोग ही एक-दूसरे के खिलाफ है.

पंजाब में दलित डिप्टी सीएम बनाने की उठी मांग

पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान और कांग्रेस के विधायक सुखविंदर कोटली के बीच तकरार देखने को मिली. सुखविंदर कोटली ने पंजाब में दलित डिप्टी सीएम बनाने की मांग उठाई. सीएम मान ने इसका जवाब दिया तो कांग्रेस विधायक ने सीएम पर निजी टिप्पणी करने का आरोप लगाया. वहीं सीएम मान राज्यपाल के अभिभाषण से ‘भागने’ के लिए विपक्ष की आलोचना की. उन्होंने कहा कि वे राज्य के समग्र विकास और लोगों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार की ओर से की गई अग्रणी पहल को पचाने में सक्षम नहीं हैं.

राज्यपाल के भाषण से भाग जाने पर विरोधी पक्ष पर जम कर बरसे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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विरोधी पक्ष के विधायकों के सदन में से भागने से रोकने के लिए विधान सभा के स्पीकर को तोहफ़े के तौर पर ताला भेंट किया

 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज राज्यपाल के भाषण से भाग जाने के लिए विरोधी पक्ष पर जम कर बरसते हुये कहा कि वास्तव में राज्य की तरक्की और ख़ुशहाली के लिए किये जा रहे प्रयास विरोधी पार्टी के विधायकों को हज़म नहीं हो रहे।
सदन में राज्यपाल के भाषण पर चर्चा में हिस्सा लेते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी नेताओं को राज्य की जरा भी परवाह नहीं बल्कि यह लोग किसी न किसी ढंग से राजनैतिक चौधरी बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार किसानों की भलाई के लिए अथक यत्न कर रही है तो विरोधी पार्टी अन्नदाताओं के मुद्दों पर सिर्फ़ मगरमच्छ के आंसू बहा रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं के शक्की किरदार करके इनको राज्य के लोगों ने मुँह नहीं लगाया और अब आगामी लोक सभा चुनाव में भी यह पंजाब निवासी इनको सबक सिखाएँगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो सालों में राज्य सरकार ने लोगों की भलाई के लिए बेमिसाल कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष को लोगों की भलाई या लोगों की खुशहाली के साथ कोई लेना-देना नहीं बल्कि इन नेताओं को सिर्फ़ सत्ता हासिल करने की चिंता है। भगवंत सिंह मान ने कहा, “ इन लोगों की बुरी नीतियों ने राज्य का भविष्य तबाह कर दिया है। लोगों को दो समय की रोटी का बंदोबस्त करने के लिए मामूली जैसी नौकरियाँ करनी पड़ीं हैं, जबकि इन लोगों ने अपने पिता-दादों के तस्करी के ’सोने के बिसकुटों’ के सहारे ज़िंदगी का आनंद माना है। “
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो सालों में सरकार ने एक बार भी यह नहीं कहा कि राज्य का ख़ज़ाना खाली है। उन्होंने कहा कि राज्य का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए सूझ-बूझ के साथ इस्तेमाल किया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले दो सालों के दौरान राज्य ने बेमिसाल तरक्की और विकास किया है जिसको यह नेता हज़म नहीं कर सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं को आम आदमी क्लीनिक, तीर्थ यात्रा योजना, स्कूल आफ एमिनेंस, मुफ़्त बिजली, बुनियादी ढांचे का बड़े स्तर पर विकास या अन्य जन हितैषी पहलकदमियों की कोई परवाह नहीं। उन्होंने कहा कि इन लालसी नेताओं को सिर्फ़ सत्ता की भूख है क्योंकि यह लोग इसके बिना नहीं रह सकते और विरोधी पक्ष में रह कर इनका गुज़ारा अब बहुत कठिन हो रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं की निराशाजनक कारगुज़ारी से तंग आकर लोगों ने साल 2022 में ग़ैर-राजनैतिक पृष्टभूमि वाले 95 प्रतिशत लोगों को अपने विधायक चुना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 1080 करोड़ रुपए की लागत के साथ निजी कंपनी के जी. वी. के. पावर की मालिकी वाले गोइन्दवाल पावर प्लांट को खरीद कर सफलता की नयी कहानी लिखी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार उल्टा रुझान देखने को मिला है क्योंकि सरकार ने प्राईवेट पावर प्लांट खरीदा है जबकि पहले राज्य सरकारें अपनी जायदादें चहेते व्यक्तियों को कौड़ियों के भाव बेचती थीं। भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस थर्मल प्लांट का नाम तीसरे सिख गुरू श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने अपना ज़्यादातर समय गोइन्दवाल साहिब में बिताया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इनमें से बहुत से नेता ‘मौकाप्रस्त और दल-बदलते’ हैं जो अपने स्वार्थों अनुसार वफ़ादारी बदल लेते हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने कभी भी आम आदमी की भलाई की परवाह नहीं की और हमेशा अपने हितों को पहल दी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं ने सिर्फ़ अपनी हाईकमान को खुश करने के लिए पंजाब का पैसा दूसरे राज्यों में लुटा दिया है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुक्सान हुआ है और इसको सहन नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने सदन के स्पीकर को ताला भेंट करके विधान सभा सदन के गेट को अंदर से ताला लगाने की अपील की जिससे विरोधी पक्ष बाहर न जा सके। उन्होंने कहा, “राज्यपाल के भाषण के दौरान विरोधी पक्ष सदन से भाग गई थी, सदन के निगरान के तौर पर स्पीकर को यह यकीनी बनाना चाहिए कि विरोधी पक्ष सदन से न भागे। विरोधी पक्ष को रोज़मर्रा के किसी न किसी बहाने सदन से भागने की आदत है, जिसकी इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि यह सदन का मज़ाक है।“ उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के समूचे इतिहास में स्पीकर को कभी भी किसी ने ऐसा तोहफ़ा नहीं दिया होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने इन नेताओं को सदन की कार्यवाही के दौरान भागने के लिए नहीं चुना, बल्कि इनको बहसों में हिस्सा लेने के लिए चुना गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में लोकतंत्र को बचाने का एकमात्र मकसद है और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि विरोधी पक्ष राज्यपाल के भाषण से सिर्फ़ इसलिए भाग गया है क्योंकि वह सच्चाई सुनना नहीं चाहते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी पक्ष विधान सभा के लम्बे सैशन की माँग करता था परन्तु अब वह इसमें उपस्थित होने से भाग रहा है। उन्होंने कहा कि यदि विरोधी पक्ष ने वॉकआउट करके अपनी बैठकों को खतरे में डालना है तो लम्बे सैशनों का कोई फ़ायदा नहीं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस तरह सदन में से भाग जाना विरोधी पक्ष के पतन का कारण है क्योंकि लोक महत्व वाले मुद्दों से भागने के उनके ऐसे रवैये को लोग पहले ही नकार कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य मसलों से भाग जाना कांग्रेस के डी. एन. ए. में है और इसी राह पर राज्य कांग्रेस चल रही है। इसकी मिसाल देते हुये उन्होंने कहा कि जब देश में बजट सत्र चल रहा था तो उस समय पर कांग्रेस का सीनियर नेता राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के जंगलों में भटक रहा था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश में कांग्रेस सबसे ग़ैर-जिम्मेदाराना पार्टी है जिसको आम व्यक्ति की जरा भर भी परवाह नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह नेता मेरे साथ ईर्ष्या करते हैं क्योंकि यह इस बात से बुरी तरह बौखलाए हुए हैं कि साधारण व्यक्ति का पुत्र राज्य सरकार की बागडोर क्यों संभाले बैठा है। आम लोगों के उलट यह नेता महंगे शाल और गहनों का प्रदर्शन करते हैं। “ भगवंत सिंह मान ने कांग्रेसी नेताओं को यह बताने की चुनौती दी कि क्या उनको इस पवित्र सदन का कीमती समय बर्बाद करने के लिए चुना गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लोग शहीद भगत सिंह जैसे नायकों के महान बलिदानों का निरादर कर रहे हैं जिन्होंने देश में लोकतंत्र प्रणाली लागू करने के लिए जानें न्योछावर कर दीं थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी विधायकों को सदन में मिले समय के दौरान नारेबाज़ी करने में समय बर्बाद करने की बजाय राज्य सरकार की जनहित मुद्दों पर विरोध करना चाहिए था। भगवंत सिंह मान ने राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों का नुकसान पहुंचाने के लिए कांग्रेस पार्टी की सख़्त अलोचना की। उन्होंने कहा कि आगामी मतदान में इस पार्टी का राज्य में नामो-निशान मिट जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब घुटनों के बल पर आ गयी है और यह पार्टी हर रोज़ ’आप’ के पास गठजोड़ करने के लिए बेनतियां कर रही है। उन्होंने कहा कि यह राजनैतिक नेता चल हुए कारतूस हैं, जिनका लोगों में कोई आधार नहीं है और लोगों की तरफ से इनको पूरी तरह नकारा जा चुका है। भगवंत सिंह मान ने कहा “जहाँ ‘आप’ के विधायक बचपन से ही आटो के बने बिस्कुट खाते आ रहे हैं, वहीं कांग्रेस के चोटी के नेताओं के पास अपने पिता-दादों की तरफ से तस्करी के द्वारा लाए गए सोने के बिस्कुट थे। “
बादल परिवार द्वारा निजी फ़ायदे के लिए राज्य के करोड़ों रुपए लूटने की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखविलास होटल के निर्माण के लिए बादलों को लाभ पहुंचाने के लिए सात सितारा रिजॉर्ट के लग्जरी टैक्स और अन्य को माफ किया गया। उन्होंने कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस रिजॉर्ट के 108 करोड़ रुपये माफ कर दिए गए जिससे सरकारी खजाने को भारी नुक्सान हुआ है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वास्तव में मेट्रो इकौ ग्रीन रिजोर्ट गांव पल्लणपुर जिसको अब सुखविलास कहा जाता है, राज्य के लिए असली दुख विलास है क्योंकि यह पंजाबियों के ख़ून निचौड़ कर बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नेता देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कलंक हैं क्योंकि इनमें शिष्टाचार की कमी है। उन्होंने कहा कि चाहे यह कान्वेंट स्कूलों में पढ़े हैं, परन्तु इनमें किसी के साथ बात करने की तहज़ीब भी नहीं है क्योंकि यह अहंकारी और सत्ता के नशे में हैं। नवजोत सिंह सिद्धू की तुलना कठुआ से पंजाब की ओर बिना चालक के चली माल गाड़ी के साथ करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा “ सिद्धू वन मैन शो है, जिसको किसी की परवाह नहीं है।“
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पुराने मॉडल की फिएट कार की तरह है, जिसको आधुनिक ज़रूरतों के मुताबिक अपडेट नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि लोगों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना, आम आदमी क्लीनिक, स्कूल आफ एमिनेंस, सडक़ सुरक्षा फोर्स और अन्य कई स्कीमें शुरू की गई हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब सरकारी अस्पतालों में ही लोगों को मुफ़्त दवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं और इसी तरह राज्य के सरकारी स्कूलों में भी मानक शिक्षा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य एक नये युग का गवाह बना है क्योंकि माता-पिता अपने बच्चों को प्राईवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों में ट्रांस्फर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने सभी 13 लोक सभा सीटें ‘आप’ को देने का मन बना लिया है जिससे चल रहे विकास को और प्रोत्साहित किया जा सके। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ‘ रंगला पंजाब’ सृजन करने के लिए पंजाब के लोगों की पूरी लगन के साथ सेवा करने के प्रयास जारी रखेगी।

Odisha: सौम्या प्रधान को राज्यपाल थावर चंद गहलोत से मिला समाज गौरव पुरस्कार

राउरकेला के बेटे सौम्या प्रधान को उनके काम के लिए बॉम्बे में वर्ल्ड एएचआईएस समिट-2024 कार्यक्रम में सम्मानित किया गया है। उक्त कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत मौजूद थे और उन्होंने सौम्या प्रधान को समाज गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया । सौम्या रंजन को द अमेरिकन यूनिवर्सिटी से फिलॉसफी में डॉक्टरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया गया गया है । राज्य के अंदर और बाहर कई व्यवसाय करते है । इसके साथ विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में संलग्न रहते है, कोविड के दौरान उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए उनकी प्रशंसा की गई।

CM भगवंत मान के स्पेशल चीफ सेक्रेटरी होंगे IAS विजय कुमार सिंह, 33 साल का प्रशासनिक अनुभव

CM भगवंत मान

1990 बैच के आईएएस ऑफिसर विजय कुमार सिंह को पंजाब सरकार ने स्पेशल चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया है। विजय कुमार सिंह ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।

शनिवार, 30 नवंबर को पंजाब के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने विजय कुमार को मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पेशल चीफ सेक्रेट्री बनाए जाने की घोषणा की। 1990 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी विजय कुमार मूल रूप से बिहार से हैं।

केंद्र में इन जगहों पर दे चुके हैं सेवा

CM भगवंत मान: इससे पहले, विजय कुमार ने भारत सरकार सहित कई अन्य विभागों में काम किया है। रक्षा मंत्रालय के पूर्व सैनिको कल्याण विभाग में पंजाब कैडर के आईएएस विजय कुमार सचिव थे। केंद्र सरकार के टेक्सटाइल विभाग में उनका पद भी स्पेशल चीफ सेक्रेटरी था। उन्होंने केंद्र सरकार के रसायन और प्रशिक्षण विभाग में संयुक्त सचिव भी किया था।

सीएम भगवंत मान (CM Bhagwant Mann)ने लुधियाना को दिया नए साल का तोहफा, बदल जाएगी शहर की सूरत!

पंजाब के सबसे सीनियर अधिकारी हैं विजय कुमार

केंद्र सरकार से पंजाब सरकार ने आईएएस विजय कुमार को राज्य में वापस भेजने का अनुरोध किया था। इसे केंद्र सरकार ने मंजूर किया। हाल ही में पंजाब सरकार में आईएएस विजय कुमार सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं।

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Republic Day 2024: पंजाब की झांकी के रिजेक्शन पर बढ़ता सियासी घमासान, CM मान पर सुनील जाखड़ का निशाना

Republic Day 2024

Republic Day 2024: रिपब्लिक डे परेड में पंजाब की झांकी को अस्वीकार करने को लेकर खींचतान बढ़ गई है। एक ओर, पंजाब के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर बीजेपी शासित राज्यों को अधिक प्राथमिकता देने और परेड को भगवाकरण करने का आरोप लगाया है। अब पंजाब भी बीजेपी का लक्ष्य है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सीएम मान को घेरा है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट डालकर कहा कि मैं अपनी बातों पर कायम हूँ। CM मान आपकी व्यवस्था में एक समस्या है क्योंकि झूठ हर जगह झूठ लगता है।

सुनील जाखड़ ने आगे लिखा कि यहां एक अच्छा विकल्प है और यह भगवंत मान पर भी लागू होता है। मैं एक अच्छे दोस्त बन जाऊँगा।

सुनील जाखड़ के बयान पर AAP प्रवक्ता की आई प्रतिक्रिया

Republic Day 2024: मलविंदर सिंह कंग, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता, ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों से पंजाब की झांकी को रिपब्लिक डे परेड में जगह नहीं दी। पंजाब बीजेपी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मामले पर झूठ बोला, जबकि हमें उम्मीद थी कि वे पंजाब के पक्ष में होंगे।कंग ने भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजाब का प्रस्ताव दिखाते हुए कहा कि इसमें सीएम मान और अरविंद केजरीवाल की कोई फोटो नहीं है। सुनील जाखड़ गलत है। बीजेपी ने झूठ बोलना शुरू कर दिया है जब से प्रधानमंत्री मोदी केंद्र में आए हैं। बीजेपी नेताओं ने हर मुद्दे पर झूठ बोल दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या से 2 Vande Bharat Train को हरी झंडी दी, पंजाब और के लिए

कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग बीजेपी पर साधा निशाना

Republic Day 2024: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बीजेपी को घेरते हुए एक्स पर पोस्ट किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि 26 जनवरी की परेड में पंजाब की झांकी को अस्वीकार करना बहुत कम संभव है। एक केंद्रीय दल सभी झांकियों का निरीक्षण करता है और कोई आपत्तिजनक बात नहीं होने पर ही उन्हें चुना जाता है। केंद्रीय सरकार कुछ बदलाव कर सकती थी अगर ऐसा होता, लेकिन हमारी झांकी को सिरे से हटाना पंजाब के साथ अन्याय करता है। यह सहकारी संघवाद का सिद्धांत नहीं है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या से 2 Vande Bharat Train को हरी झंडी दी, पंजाब और के लिए

Vande Bharat Train

Vande Bharat Train: शनिवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या से छह वंदे भारत रेलगाड़ियों का ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने दो अमृत भारत और छह Vande Bharat Train को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। पंजाब और हरियाणा भी इन दो वंदे भारत ट्रेनों से लाभ उठाने वाले हैं। दो वंदे भारत ट्रेनों को अंबाला और अमृतसर रेलवे स्टेशनों पर उतारा जाएगा। वंदे भारत ट्रेन इन स्टेशनों पर दो से दो मिनट के लिए ठहर जाएगी।

अमृतसर जिला प्रशासन ने की तैयारियां

30 दिसंबर से Vande Bharat Train चलेगी। रेलवे और अमृतसर जिला प्रशासन इसके लिए प्रबंध कर रहे हैं। दुल्हन की तरह ट्रेन सजाया गया है। यात्रियों को आज पहली बार फ्री यात्रा का अवसर मिलेगा। शुक्रवार देर रात तक उद्घाटन समारोह की तैयारी की गई। वॉशिंग लाइन नंबर पांच वंदे भारत ट्रेन के लिए उपलब्ध है। PM मोदी शनिवार को ऑनलाइन छह वंदे भारत रेलगाड़ियों का उद्घाटन करेंगे। एक ट्रेन अमृतसर से दिल्ली तक जाएगी। इस वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार 160 km/h होगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन होगा।

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अंबाला में भी वंदे भारत का 2-2 मिनट होगा ठहराव

Vande Bharat Train, जो दिल्ली से जम्मू कश्मीर के कटरा स्टेशन तक जाती है और अमृतसर से पुरानी दिल्ली तक जाती है, भी अंबाला रेलवे स्टेशन पर रुकेगी। यह अंबाला मंडल में चार वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण करेगा। दोनों ट्रेनों का आज से अंबाला रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया जाएगा। Vande Bharat Train नई दिल्ली से सुबह 6 बजे कटड़ा रेलवे स्टेशन से चलेगी और सुबह 11:44 बजे अंबाला कैंट पहुंच जाएगी। ट्रेन दोपहर दो बजे अंबाला स्टेशन पर दो मिनट ठहराव के बाद दिल्ली पहुंचेगी।

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