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विजया एकादशी पर इन 4 चीजों को खाकर लक्ष्मी-नारायण को प्रसन्न करें

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विजया एकादशी का व्रत 6 मार्च 2024 को है. पद्म पुराण के अनुसार विजय प्राप्ति की कामना के लिए विजया एकादशी रखा जाता है. त्रेता युग में श्रीराम ने भी ये व्रत किया था, जिसके परिणाम स्वरूप अधर्म पर धर्म की विजय प्राप्त की.

ये तिथि जगत के पालनहार श्रीहरि को समर्पित है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, पाठ के अलावा भोग भी अर्पित करें. कहते हैं विजया एकादशी के दिन विष्णु जी को उनके प्रिय भोग लगाने से समस्त पापों का नाश होता है, आर्थिक संकट से मुक्ति मिलती है मन इच्छा फल प्राप्त होता है.

विजया एकादशी पर लगाएं विष्णु जी के प्रिय भोग

खीर – विजया एकादशी के भगवान विष्णु को पूजा में दूध, मखाने, केसर, सूखे मेवे से बनी खीर का भोग लगाएं. मान्यता है इससे देवी लक्ष्मी साधक पर मेहरबान होती है. घर में धन की वृद्धि होती है. दरिद्रता का नाश होता है. ध्यान रहे इस दिन चावल की खीर न बनाए, एकादशी पर चावल खाना और बनाना वर्जित है.

केला – वैसे तो श्रीहरि को सभी तरह के फल चढ़ाए जाते हैं लेकिन केला उन्हें अधिक प्रिय है विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु को केले का भोग लगाने से कुंडली में गुरु दोष खत्म होता है. विवाह में आ रही अड़चने खत्म होती है.

गुड़-चने की दाल – मोक्ष प्राप्ति के लिए विजया एकादशी पर विष्णु जी को चने की दाल का भोग लगाएं. कहते हैं इससे समस्त परेशानियों का अंत होता है. भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से मृत्यु के बाद व्यक्ति को नर्क की यातनाएं नहीं सेहनी पड़ती.

पंचामृत – विजया एकादशी पर विष्णु जी को दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, मिलाकर पंचामृत का भोग लगाएं. मान्यता है कि पंचामृत का भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है. आरोग्य मिलता है. लक्ष्मी जी प्रसन्न होती है.

इन चीज के बिना विष्णु जी ग्रहण नहीं करते भोग

एकादशी पर विष्णु जी को पूजा में जिन भी मिष्ठानों का भोग लगाएं उसमें तुलसी दल जरुर डालें. इसके बिना श्रीहरि भोग ग्रहण नहीं करते हैं.

केजरीवाल सरकार की सौगात, महिलाओं को देगी 1 हजार रुपये, जानें आतिशी के बजट में और क्‍या-क्‍या है खास?

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दिल्‍ली की केजरीवाल सरकार ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 76,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। दिल्‍ली सरकार की वित्‍त मंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार की वित्‍त मंत्री आतिशी ने सदन में ये बजट पेश किया। वित्‍त मंत्री के तौर पर ये आतिशी का पहला बजट है और केजरीवाल सरकार 10वां बजट है

लोकसभा चुनाव के ठीक पहले दिल्‍ली सरकार ने ये बजट पेश किया है। केजरीवाल सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 76,000 करोड़ रुपये के बजट में चिकित्‍सा, शिक्षा, महिला समेत अन्‍य सेक्‍टर की कल्‍याणकारी योजनाओं पर फोकस किया है।

वित्त मंत्री आतिशी के इस बजट में केजरीवाल सरकार ने महिलाओं और दिल्‍ली की बेटियों को बड़ा तोहफा दिया है। केजरीवाल सरकार मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत 18 साल और उससे अधिक उम्र की प्रत्येक महिला को हर महीने 1,000 देगी। सीएम केजरीवाल ने बताया सरकारी नौकरी करने वाली और अन्‍य किसी योजना का लाभ ले रही महिलाओं के अलावा प्रत्‍येक महिला को इस योजना का लाभ मिलेगा। ये योजना लोकसभा चुनाव के बाद चालू होगी।

इसके अलावा केजरीवाल सरकार जो दिल्‍ली में सत्‍ता में आने के बाद से हेल्‍थ सेक्‍टर पर फोकस कर रही है, इस बार के बजट में भी केजरीवाल सरकार ने हेल्‍थ सेक्‍टर का खास ख्‍याल रखा है। दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2015 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 8,685 करोड़ आवंटित किए हैं।

केजरीवाल सरकार सरकारी स्‍कूलों में बेहतरीन शिक्षा व्‍यवस्‍था और उच्‍च शिक्षा स्‍तर के लिए जानी जाती है। इस बार के बजट में भी दिल्‍ली सरकार ने शिक्षा क्षेत्र का खास ख्‍याल रखा है। शिक्षा क्षेत्र के लिए 16,396 करोड़ के आवंटिज किए हैं।

वहीं वित्‍त मंत्री ने अपने बजटीय भाषण में कहा किसी व्यक्ति की जान बचाना भी ‘राम राज्य’ है। उन्‍होंने कहा कुछ साल पहले दिल्ली में दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने से लोग डरते थे लेकिन केजरीवाल सरकार ने सरकार ने ‘फ़रिश्ते दिल्ली के’ योजना शुरू की जिसमें दुर्घटना पीड़ितों के इलाज का खर्च दिल्‍ली सरकार वहन करती है। उन्‍होंने बताया इसके तहत सरकार 22,000 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।

वित्‍त मंत्री ने दिल्ली के लोगों के कल्याण के लिए दिल्‍ली की केजरीवाल सरकार की विभिन्न नीतियों और पहलों का जिक्र करते हुए दावा किया कि 2014 से 2024 तक बड़े पैमाने पर बड़े परिवर्तन हुए हैं। इसके साथ ही आतिशी ने बढ़ती अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय दोगुनी होने, बच्चों के लिए स्कूल, बुनियादी ढांचे और गरीबों के लिए मुफ्त चिकित्सा उपचार का हवाला दिया।

एक नजर में जानें आतिशी के बजट में किसको क्‍या मिला

  • दिल्‍ली के अस्पतालों के लिए 6 हजार 215 करोड़ रुपये
  • दिल्‍ली की मोहल्‍ला क्‍लानिकों के लिए 2000 करोड़ रुपये
  • दवाइंयों के लिए 600 करोड़ रुपये
  • स्‍थानीय निकायों को लगभग 8.5 हजार करोड़ रुपये
  • विधायकों के फंड के लिए 400 करोड़ रुपये
  • दिल्ली के सभी गांवों में एक हजार सड़कों के निर्माण के लिए 900 करोड़ रुपये
  • दिल्‍ली की महिलाओं के कल्याण के लिए 2000 करोड़ रुपये
  • ई बसों के लिए 510 करोड़ रुपए
  • दिल्ली मेट्रो के विस्तार के लिए 500 करोड़ रुपये
  • न्यायालय के लिए 3000 करोड़ रुपये
  • सड़कों और फ्लाईओवर के लिए लगभग 1800 करोड़ रुपये
  • दिल्ली सरकार सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी देगी
  • जल बोर्ड के लिए 7000 करोड़ रुपये

इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हरियाणा के हिसार में स्टेनलेस स्टील क्षेत्र में देश के पहले हरित हाइड्रोजन संयंत्र का उद्घाटन किया

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केंद्रीय इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने देश के पहले हरित हाइड्रोजन संयन्‍त्र का आज हिसार के जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड में वर्चुअल माध्‍यम से उद्घाटन किया। यह स्टेनलेस स्टील उद्योग के लिए दुनिया का पहला ऑफ-ग्रिड हरित हाइड्रोजन संयन्‍त्र और रूफटॉप तथा फ्लोटिंग सोलर वाला दुनिया का पहला हरित हाइड्रोजन संयन्‍त्र होगा। इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 2 हजार 7 सौ टन कार्बन उत्सर्जन में कमी के साथ-साथ अगले दो दशकों में कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में 54 हजार टन की कमी आएगी।

श्री सिंधिया ने इस अवसर पर हरित और टिकाऊ भविष्य के लिए भारत की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला, और कोविड के बाद के युग में जिम्मेदार आर्थिक प्रगति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस्पात क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्‍लेख करते हुए कहा कि आयातक से निर्यातक बनने के बाद अब  भारत का लक्ष्‍य कच्चे इस्पात के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बनना है।

भारतीय बैडमिंटन खिलाडी बी साई प्रणीत ने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन से संन्यास लेने की घोषणा की

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भारतीय बैडमिंटन खिलाडी बी साई प्रणीत ने अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन से संन्यास लेने की घोषणा की है।  31 वर्षीय प्रणीत तोक्यो ओलंपिक के बाद से गंभीर चोटों से जूझ रहे थे। अपने 24 साल के करियर में बी साई प्रणीत ने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता और टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

यहाँ महाशिवरात्रि पर शिव की पूजा सामग्री की पूरी सूची देखें।

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महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को समर्पित हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है. इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत रखा जाता है. पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. इस साल महाशिवरात्रि का पर्व 08 मार्च 2024 को है.

धार्मिक मान्यता और पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन ही मां पार्वती और शिवजी का विवाह हुआ है. इसलिए यह पर्व शिव-पार्वती के विवाह के उत्सव के तौर पर भी मनाया जाता है. महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर शिवजी की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इन चारों प्रहर में पूजा करने के भक्त को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है. वैसे शिवजी की पूजा के लिए प्रदोष काल को सबसे उत्तम माना जाता है.

महाशिवरात्रि 2024 तिथि और पूजा मुहूर्त (Mahashivratri 2024 Date and Puja Muhurat)

इस साल महाशिवरात्रि 08 मार्च 2024 को है. चतुर्दशी तिथि का आरंभ 8 मार्च शाम 09:57 से शुरू होगा और अगले दिन 9 मार्च को 09:17 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. शिवजी की पूजा प्रदोष काल में करने का महत्व है. इसलिए महाशिवरात्रि 08 मार्च को होगी. वहीं महाशविरात्रि पर शिवजी की पूजा के लिए शाम 06:25 मिनट से रात 09:28 मिनट तक का मुहूर्त सबसे शुभ है. आइये जानते हैं महाशिवरात्रि पर शिव-गौरी की विधिवत पूजा के लिए आपको किन-किन सामग्रियों की आवश्कता होगी.

महाशिवरात्रि पूजा सामग्री (Mahashivratri Puja Samagri List)

5 या 11 मिट्टी के दीपक, पानी वाला नारियल, 1 रक्षासूत्र, पीली सरसों, अखंडित अक्षत, कुश का आसन, पंचमेवा, फल, मिठाई, गन्ने का रस, इलायची, तिल, जौ, चंदन, रुद्राक्ष, कुमकुम, भस्म, केसर, सिंदूर, धूप, बत्ती, घी, शक्कर, दूध, दही, गंगाजल, मधु, गुड़, कपूर, पान के पत्ते, सुपारी, लौंग, इलायची, वस्त्र, 16 श्रृंगार या सुहाग की सामग्री, बेलपत्र, फूल, भांग, धतूरा, आम का पत्ता, शमी के पत्ते, माचिस, आरती और चालीसा की पुस्तक, दान सामग्री, हवन सामग्री आदि.

आम आदमी पार्टी को राउज एवेन्यू स्थित ऑफिस 15 जून तक करना होगा खाली, सुप्रीम कोर्ट ने दिए आदेश

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Supreme Court on Aam Aadmi Party: सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) को राउज एवेन्यू स्थित पार्टी ऑफिस खाली करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने आप को 15 जून तक पार्टी ऑफिस खाली करने को कहा है। उन्होंने लोकसभा चुनाव को देखते हुए आम आदमी पार्टी को यह समय दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हम आम आदमी पार्टी को 15 जून तक समय दे रहे हैं। इसके अंदर उन्हें अपना ऑफिस खाली करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी दफ्तर के लिए जमीन के लिए केंद्र के समक्ष आवेदन करे।
हम आपको तीन महीने से अधिक का समय देते हैं- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यह जमीन दिल्ली हाईकोर्ट को दी गई जमीन पर अतिक्रमण है। इस जमीन पर राउज एवेन्यू कोर्ट के लिए एक्स्ट्रा रूम निर्माण का करना है। हम लोकसभा चुनाव को देखते हुए आपको अतिरिक्त समय दे रहे हैं। इसके तहत आपको 15 जून तक ऑफिस खाली करना होगा।

दिल्ली हाईकोर्ट को दी गई जमीन पर बना है ऑफिस

कोर्ट ने कहा कि आम आदमी पार्टी का वर्तमान कार्यालय जिस भूमि पर बना है उस पर पार्टी के पास कोई कानूनी अधिकारी नहीं है। यह दिल्ली हाईकोर्ट को दी गई जमीन पर बनाया गया है। इस भूमि का उपयोग राउज एवेन्यू कोर्ट के विस्तार के लिए होना है। हम एलएंडडीओ से आपके आवेदन पर कार्रवाई करने और चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष बताने का अनुरोध करेंगे।

Hanuman Pujan: ऋणमोचक मंगल स्तोत्र पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होंगे।

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मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की पूजा का विधान है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी (Lord Hanuman) की पूजा करने से सभी कष्टों का नाश होता है। साथ ही घर में बरकत आती है। वहीं जो लोग कर्ज से परेशान हैं उन्हें इस दिन ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए जो इस प्रकार है –

मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन जो भक्त हनुमान जी (Lord Hanuman) की पूजा करते हैं उन्हें जीवन के तमाम कष्टों से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही मंगल दोष का निवारण होता है। वहीं, जो लोग कर्ज से घिरे हुए हैं, उन्हें मंगलवार के दिन हनुमान जी की विशेष पूजा करनी चाहिए। साथ ही उन्हें लाल चोला अर्पित करना चाहिए।अंत में ऋणमोचन मंगल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए और आरती से पूजा समाप्त करनी चाहिए। ऐसा करने से आर्थिक संकट दूर होता है। तो आइए इस चमत्कारी स्तोत्र का पाठ करते हैं –

।।ऋणमोचन मंगल स्तोत्र।।

”मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।

स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः।।

लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः।

धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः।।

अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः।

व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः।।

एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।

ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्।।

धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।

कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्।।

स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः।

न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्।।

अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल।

त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय।।

ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः।

भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा।।

अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः।

तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्।।

विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा।

तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः।।

पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः।

ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः।।

एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम्।

महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा”।।

इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्णम्।।

Delhi LS Seats: दिल्ली में कितना सफल होगा बीजेपी का दांव?

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Delhi LS Seats: दिल्ली के अपने पाँच लोकसभा सदस्यों का टिकट काटकर भारतीय जनता पार्टी ने एक तरह से दिल्ली वालों को चौंका दिया है। पार्टी के इस कदम की आलोचना अगर आम आदमी पार्टी नहीं करती तो आश्चर्य होता। आम आदमी पार्टी चुटकी ले रही है कि क्या मान लिया जाए कि ये सांसद नकारा थे?

कांग्रेस का सुर भी कुछ वैसा ही है। वैसे ख़ुद बीजेपी के अंदरूनी हलके में भी पूछा जा रहा है कि आख़िर दिल्ली के दिग्गज डॉ हर्षवर्धन और रमेश बिधूड़ी के टिकट क्यों काटे गए? टिकट कटते ही डॉ हर्षवर्धन ने तो राजनीति से ही सन्यास की घोषणा कर दी जबकि बीजेपी का बड़ा वोट बैंक जाट समाज भी अपने नेता साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा को भी बदले जाने से दुखी हो सकता है।

दिल्ली में अरसे से माना जा रहा था कि नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी को ज़रूर बदला जाएगा। इसी तरह मनोज तिवारी भी दिल्ली बीजेपी के पारंपरिक पंजाबी, बनिया और स्थानीय आधार वोट बैंक के निशाने पर रहे। लेकिन जिस तरह उन्हें तवज्जो दी गई है, उससे साफ़ है कि पार्टी आलाकमान बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रवासियों के समर्थन के महत्व को समझने लगा है। इससे दिल्ली बीजेपी की राजनीति पर पारंपरिक रूप से प्रभावी रहे वर्ग को भी संदेश देने की कोशिश की गई है कि दिल्ली की बदली हुई डेमोग्राफ़ी को समझते हुए अपनी सोच बदलें।

नई दिल्ली से मीनाक्षी की जगह पर बांसुरी स्वराज को मौक़ा देने का मतलब साफ़ है कि पार्टी केजरीवाल के सामने संयत और युवा नेतृत्व को उभारना चाहती है। रमेश बिधूड़ी और प्रवेश वर्मा की शिकायतें आलाकमान को मिलती रही हैं। दोनों के बारे में कहा जाता रहा है कि अपने क्षेत्र के एक वर्ग के लोगों से या तो वे मिलते नहीं थे या फिर उन्हें अनदेखा करते थे। रमेश बिधूड़ी संसद में अपनी बदज़ुबानी को लेकर विपक्षी निशाने पर भी रहे। उनकी छवि भी दबंग की रही है।

हालाँकि उनकी जगह पर लाए गए रामवीर विधूड़ी कभी जनता दल और फिर लोक ज़नशक्ति पार्टी में रहे हैं। बेशक आज वे बीजेपी में हैं लेकिन पार्टी का कोर कार्यकर्ता उन्हें उस तरह स्वीकार नहीं करता, जैसे पारम्परिक संघ पृष्ठभूमि के बीजेपी नेताओं को स्वीकार करता है। चुनाव अभियान के दौरान इस ओर भाजपा को विशेष ध्यान देना पड़ेगा। प्रवेश वर्मा के न रहने से अगर किसी ने राहत की सांस ली है तो वे हैं महाबल मिश्र जो अब आम आदमी पार्टी से उम्मीदवार हैं। वे ख़ुद मान रहे थे कि प्रवेश वर्मा के चलते उनका चुनावी समर कठिन है।

चाँदनी चौक से जिन डॉ. हर्षवर्धन को हटाया गया है, वे दिल्ली बीजेपी के सर्वाधिक लोकप्रिय चेहरे रहे हैं। पार्टी की अंदरूनी राजनीति में उनकी अगुआई को दो-दो बार किनारे लगा दिया गया। टिकट कटने से वे निराश भी हैं। उन्होंने राजनीति से संन्यास का ऐलान भी कर दिया है। उनकी जगह जिन प्रवीण खंडेलवाल को चाँदनी चौक से उम्मीदवार बनाया गया है, वह भी विद्यार्थी परिषद के सदस्य रहे हैं। बनिया वर्ग के हैं और कारोबारियों में उनका असर भी है।

दिल्ली में इस बार बीजेपी का मुक़ाबला आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन से है। आम आदमी पार्टी ने अपने चार उम्मीदवार उतार दिए हैं, जबकि कांग्रेस ने अपने तीनों उम्मीदवारों का नाम घोषित नहीं किया है। पिछले आम चुनाव में बीजेपी ने हर सीट पर पचास प्रतिशत से ज़्यादा वोट हासिल किए थे। शायद यही वजह है कि पार्टी अपने उम्मीदवारों को बदलने का जोखिम उठा रही है। लेकिन ज़रूरी नहीं कि हर बार पिछले नतीजे दोहराए ही जायें, इसलिए हर पार्टी को ज़्यादा सावधान रहना होगा।

तीसरी बार सरकार बनाने को लेकर बीजेपी ने सारे घोड़े खोल रखे हैं। हर कार्यकर्ता को कम से कम 50 वोट बढ़ाने का ज़िम्मा दिया गया है। इसके बावजूद थोक में टिकट काटे जाने से भितरघात और अनदेखी का भी ख़तरा होगा। जिनके टिकट काटे गए हैं, खुले तौर पर भले ही अपना ग़ुस्सा न जता रहे हों, लेकिन सच है कि वे ग़ुस्से और क्षोभ से भरे हैं। बीजेपी इस नज़रिए से अपने लोगों को साधने की कोशिश कर ही रही होगी, लेकिन क्या होगा यह तो चुनाव परिणाम ही बतायेगा।

वहीं काँग्रेस और आम आदमी पार्टी की कोशिश बीजेपी के अन्तर्विरोध को उभारने की है। उन्हें लगता है कि बीजेपी का अंतर्विरोध जितना उभरेगा, उतना ही उनके लिए फ़ायदेमंद होगा। लेकिन बीजेपी की छवि अनुशासित पार्टी की है, इसलिए सतह पर अंदरूनी असंतोष के आने की गुंजाइश कम ही है।

बीजेपी को प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता और राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से उपजे समर्थन पर ज़्यादा भरोसा है, वहीं केजरीवाल को अपनी लोकलुभावन योजनाओं पर विश्वास है। हालाँकि जिस तरह के उम्मीदवार उन्होंने उतारे हैं, उनसे चुनावी समर में बहुत भरोसा नहीं जगता। कुछ जानकार तो यहाँ तक दावा कर रहे हैं कि केजरीवाल दिल्ली के नतीजे समझ गये हैं, इसलिए उनका पूरा फ़ोकस पंजाब पर है। जबकि कांग्रेस तो दिल्ली में लड़ती हुई भी नहीं दिख रही है। जबकि 2019 के चुनावों में वह दिल्ली की हर सीट पर दूसरे नंबर पर थी।

जहां तक टिकट कटने पर नेताओं और समर्थकों में असंतोष की बात है तो यहां ध्यान रखना होगा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं की एक ख़ासियत है कि वे आख़िर में पार्टी के साथ खड़े हो ही जाते हैं। इसलिए बीजेपी नेताओं को उम्मीद है कि वो दिल्ली में 2019 की जीत को ही दोहरायेंगे। लेकिन इन पांच सालों में यमुना में बहुत पानी बह चुका है।

कांग्रेस और आप के गठजोड़ को हराने के लिए बीजेपी को इस बार सवाई मेहनत करनी होगी। उन्हें अपना वोट प्रतिशत न सिर्फ बरकरार रखना होगा बल्कि उसे बढाना भी होगा। दिल्ली में नये उम्मीदवारों पर लगाया बीजेपी का दांव सफल होता है या असफल, वह इसी बात पर निर्भर करेगा।

EU ने Apple पर 1.8 बिलियन यूरो का बड़ा जुर्माना लगाया, जानें क्यों

यूरोपीय संघ द्वारा एप्पल पर 1.8 बिलियन यूरो यानी करीब 1.95 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया है. भारतीय रुपये में यह रकम करीब 16,168 करोड़ रुपये से ज्यादा होती है. एप्पल पर यह जुर्माना इसलिए लगाया गया है, क्योंकि एक जांच में पाया गया कि स्पॉटिफाई जैसी म्यूज़िक स्ट्रीमिंग सर्विस से उनकी कंप्टीशन काफी सीमित था.

एप्पल पर लगाया गया यह जुर्माना उम्मीद के मुताबिक 4 गुना ज्यादा है, क्योंकि यूरोपिय संघ यह दिखाने का प्रयास करता है कि वह उन टेक कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई करेगा जो ऑनलाइन सर्विस के लिए बाजार में अपनी अच्छी स्थिति होने का दुरुपयोग करते हैं.

एप्पल पर लगा बहुत बड़ा जुर्माना

यूरोपियन कंप्टीशन कमिशनर, मार्ग्रेथ वेस्टेगर ने कहा कि छोटा जुर्माना पार्किंग जुर्माने के बराबर से ज्यादा कुछ नहीं होगा जबकि 1.8 बिलियन यूरो का डिजाइन इसलिए तैयार किया गया है ताकि दोबारा एप्पल या उनकी जैसी कंपनी ऐसी चीजों को ना दोहराए.

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह देखना काफी महत्वपूर्ण है कि अगर कोई प्रभावशाली कंपनी कुछ अवैध करती है, तो उसे दंडित किया जाएगा. हम ऐसे मामलों में अपना संकल्प दिखाना चाहते हैं.” उन्होंने आगे कहा कि, “एप्पल की इन प्रतिस्पर्धा-विरोधी नियमों  के कारण आम लोगों को म्यूज़िक स्ट्रीमिंग सर्विस के लिए जरूरत से ज्यादा पैसों का भुगतान करना पड़ा.”

ग्लोबल टर्नओवर का 0.5% 

उन्होंने आगे कहा कि, “एप्पल के नियमों से ग्राहकों को नुकसान हुआ. महत्वपूर्ण जानकारी को रोक दिया गया ताकि ग्राहक सभी जानकारियों के साथ उपयोग न कर सकें या सूचित विकल्प न चुन सकें. इसी वजह से कुछ ग्राहकों ने अधिक भुगतान किया होगा क्योंकि उन्हें पता नहीं था कि ऐप के बाहर सदस्यता लेने पर उन्हें कम भुगतान करना पड़ सकता है.” उन्होंने बताया कि यह जुर्माना एप्पल के वैश्विक कारोबार का 0.5% हिस्सा है.

दुनिया की सबसे बड़ी संगीत स्ट्रीमिंग सेवा स्पॉटिफाई (Spotify) ने तर्क दिया है कि प्रतिबंधों से एप्पल की अपनी म्यूजिक स्ट्रीमिंग सर्विस Apple Music को फायदा होता है. स्पॉटिफाई समेत ऐसे कई अन्य म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स ने हमेशा ही एप्पल के ऐप स्टोर की आलोचनाएं की हैं. उनका कहना रहता है कि ऐप और इन-ऐप खरीदारी पर 30% शुल्क लगाकर वो हमेशा कंप्टीशन को दबा देते हैं.

पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार, जानिए आज कैसा रहेगा मौसम?

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एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल चुका है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी का असर सीधा मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है। दिल्ली एनसीआर सहित उत्तर भारत में हुई बारिश से ठंड बढ़ गई है। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के कारण दिल्ली से लेकर बिहार तक ठंड बढ़ गई है। ऐसे में जानिए कैसा रहेगा आगे का मौसम?

पश्चिमी विक्षोभ के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हो रही है। जिसका सीधा असर मैदानी इलाकों में दिखाई दे रहा है। वहीं आज के मौसम की बात करें तो हवा में नमी रहेगी, लेकिन किसी तरह से बारिश के आसार नहीं है।

5 और 6 मार्च को जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश के साथ-साथ बर्फबारी होने के आसार है। वहीं अगले 24 घंटों में छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल में छिटपुट लेकिन हल्की गतिविधि होने की संभावना जाहिर की है।

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली में आज मौसम साफ रहेगा। मंगलवार को बादल छाए रहने के साथ-साथ हल्की धूप भी खिली रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक इस पूरे हफ्ते दिल्ली का तापमान 13 से 16 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है।

अगले सप्ताह मौसम में बदलाव

मौसम विभाग के अनुसार आज 5 मार्च की देर रात एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है। हालांकि इसका प्रभाव पहाड़ों तक ही सीमित रहेगा। जबकि मैदानी इलाकों में अगले 3-4 दिनों तक हवाएं चल सकती हैं। वहीं 5 मार्च और कल 6 मार्च को भी कुछ बादल छाए रहेंगे, जिससे धूप थोड़ी कम हो जाएगी।

हालांकि, इस सप्ताह के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है। लेकिन, अगले सप्ताह मौसम की स्थिति में एक बार फिर से बदलाव आ सकता है।