Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Lucknow : भैया दूज के बाद फिर बंटेंगे नियुक्ति पत्र, शिक्षा, पुलिस, राजस्व में युवाओं को मिलेगी नौकरी- मुख्यमंत्री योगीLucknow : अब कोई भाई-भतीजावाद नहीं, 25 करोड़ जनता ही परिवार- सीएम योगीLucknow : योगी सरकार में पारदर्शी भर्ती से मिली खाकी वर्दी, सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरेLucknow : दीपावली और छठ पूजा पर अलर्ट मोड में रहेंगे मेडिकल कॉलेज, 24 घंटे सक्रिय रहेंगी इमरजेंसी सेवाएंLucknow : योगी सरकार आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को देगी अब आठ लाख की आर्थिक मददAyodhya : उप राष्ट्रपति के आगमन से दीप प्रज्ज्वलन तक, रामनगरी में मजिस्ट्रेटों को अलग-अलग कमानMathura : वृंदावन में धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरा संत समाज, बोला संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तानChandigarh : चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए भाजपा ईडी , सीबीआई, इनकम टैक्स और इलेक्शन कमीशन का दुरुपयोग कर रही है- हरपाल सिंह चीमा

Noida: गौतमबुद्धनगर में ‘ऑपरेशन तलाश’ की शुरुआत, फर्जी सिम कार्ड और साइबर अपराधों पर पुलिस की सख्त नजर

Noida: गौतमबुद्धनगर में ‘ऑपरेशन तलाश’ की शुरुआत, फर्जी सिम कार्ड और साइबर अपराधों पर पुलिस की सख्त नजर

रिपोर्ट: अमर सैनी

गौतमबुद्धनगर में साइबर अपराध और फर्जी सिम कार्ड के नेटवर्क पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। महिला पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में जिले में 26 जुलाई से ‘ऑपरेशन तलाश’ की शुरुआत की गई है, जो 25 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस एक महीने लंबे विशेष अभियान का उद्देश्य फर्जीवाड़े में संलिप्त लोगों को चिन्हित करना, फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क को तोड़ना और साइबर धोखाधड़ी को जड़ से खत्म करना है। इस अभियान के तहत पुलिस पूरे जिले में मोबाइल सिम कार्ड जारी करने वाले वितरकों, रिटेलरों और दुकानों की भौतिक जांच कर रही है। साथ ही उन ग्राहकों के प्वाइंट ऑफ सेल (POS) की भी गहन जांच की जा रही है, जिनकी सिम से संबंधित गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं।

अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. राजीव नारायण मिश्र की निगरानी में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि भारत सरकार और दूरसंचार विभाग की निर्धारित गाइडलाइनों का सख्ती से पालन हो। इन गाइडलाइनों में ई-केवाईसी, सीमित सिम सीमा, सिम ट्रांसफर प्रक्रिया, और पुराने सिम का दोबारा सत्यापन जैसे प्रावधान शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फर्जी और प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड अक्सर बैंक धोखाधड़ी, फर्जी लॉटरी, ओटीपी हैकिंग, और फर्जी कस्टमर केयर कॉल जैसे गंभीर साइबर अपराधों में इस्तेमाल होते हैं। ‘ऑपरेशन तलाश’ का मकसद ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त करना है और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाना है।

इस दौरान जो भी रिटेलर या वितरक दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ आईटी एक्ट, भारतीय दंड संहिता, और टेलिकॉम रेगुलेटरी दिशा-निर्देशों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी दुकान या वितरक द्वारा बिना सत्यापन के सिम बेची जाती है, तो उन्हें लाइसेंस रद्द किए जाने के साथ-साथ जेल भी भेजा जा सकता है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने जनता से अपील की है कि वे सिम खरीदते समय ई-केवाईसी और आधार प्रमाण की अनिवार्यता को समझें और किसी भी तरह की शंका की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दें।

‘कोटा फैक्ट्री’ सीजन 3: जितेंद्र कुमार की दमदार ड्रामा नेटफ्लिक्स पर आएगी, रिलीज डेट सामने आई

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Tirthankar Sarkar

संबंधित खबरें