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Noida: गौड़ सिटी-1 के निवासी परेशान, सड़क, पार्किंग और जाम की समस्या से जूझते हुए उठाई आवाज, बिल्डर पर सुविधाओं में लापरवाही का आरोप

Noida: गौड़ सिटी-1 के निवासी परेशान, सड़क, पार्किंग और जाम की समस्या से जूझते हुए उठाई आवाज, बिल्डर पर सुविधाओं में लापरवाही का आरोप

नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौड़ सिटी-1 में रहने वाले लोगों का धैर्य अब टूटने लगा है। निवासियों ने रविवार को टाउनशिप की बदहाल स्थितियों को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की और बिल्डर पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जब उन्होंने अपने फ्लैट खरीदे थे, तब उन्हें बेहतरीन सुविधाओं से युक्त आधुनिक टाउनशिप का सपना दिखाया गया था—क्लब हाउस, स्पोर्ट्स एरिया, बच्चों के खेलने की जगह, चौड़ी सड़कें और बेहतर रखरखाव। लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है। हर महीने तीन से चार हजार रुपये तक मेंटेनेंस शुल्क देने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

निवासियों का कहना है कि सोसाइटी की सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं, जिनसे हर रोज गाड़ियों को नुकसान होता है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नालों के ओवरफ्लो होने से गंदगी और दुर्गंध चारों ओर फैलती रहती है। स्ट्रीट लाइट बंद रहने के कारण रात में रहना असुरक्षित महसूस होता है। लोग कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन से शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं मिल पाया है।

पार्किंग और जाम की समस्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। निवासियों के अनुसार सोसाइटी के बाहर की सड़क पर प्रतिदिन 50 से 60 निजी वाहन अवैध रूप से पार्क रहते हैं, जिससे लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। पुलिस से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने कहा कि यदि ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक मेट्रो सेवा उपलब्ध करा दी जाए, तो जाम की समस्या में काफी राहत मिल सकती है।

निवासी इस बात से भी बेहद नाराज हैं कि बिल्डर प्रबंधन द्वारा सोसाइटी में मौजूद क्लब हाउस, जिसके लिए उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था, उसे बनाकर होटल में बदल दिया गया। बच्चों के खेलने के लिए कोई सुरक्षित और निर्धारित स्थान उपलब्ध नहीं है। इससे परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी काफी प्रभावित हो रही है।

निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि सोसाइटी में मौजूद तीन सार्वजनिक पार्कों पर भी बिल्डर ने नियंत्रण कर दिया है। इन पार्कों को शाम साढ़े सात बजे बंद कर दिया जाता है, जिससे लोग शाम की सैर, व्यायाम या बच्चों की गतिविधियों के लिए उनका उपयोग नहीं कर पाते। उनका मानना है कि यदि सुरक्षा के लिहाज से पार्क बंद करने की आवश्यकता है, तो कम से कम उन्हें रात दस बजे तक खुला रखा जाना चाहिए।

सोसाइटी के निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाएंगे और जरूरत पड़ने पर उच्च अधिकारियों से मिलकर कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने प्रशासन और प्राधिकरण दोनों से आग्रह किया है कि टाउनशिप की सड़कों को ठीक कराया जाए, पार्किंग व्यवस्था सुधारी जाए और बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि हजारों परिवारों को राहत मिल सके।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

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