MCD By Election: एमसीडी उपचुनाव में विनोद नगर में तीनों दलों का आमना-सामना, नामांकन के बाद बढ़ी सियासी गर्मी
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नगर निगम उपचुनाव को लेकर राजधानी दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर वार्ड में भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस — तीनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने गीता कॉलोनी स्थित एसडीएम कार्यालय में जाकर अपने नामांकन दाखिल किए। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों ही प्रत्याशियों ने क्षेत्र में अपनी जीत का दावा किया और एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा।
आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी गीता रावत ने नामांकन से पहले बद्रीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार भी मौजूद रहे। नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में गीता रावत ने कहा कि जब से दिल्ली में भाजपा की सरकार आई है, विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनके नेताओं ने विनोद नगर को जानबूझकर उपेक्षित रखा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की गलियां जर्जर हैं, सीवर लाइनें जाम हैं और सड़कों की हालत बदतर है। भाजपा के पूर्व पार्षद और वर्तमान विधायक रविंद्र सिंह नेगी पर निशाना साधते हुए गीता रावत ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में विनोद नगर के विकास के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि अब जनता बदलाव चाहती है और आम आदमी पार्टी को ही एकमात्र विकल्प के रूप में देख रही है।
वहीं कांग्रेस ने इस उपचुनाव में विनय कुमार दुबे को मैदान में उतारा है। उन्होंने भी एसडीएम कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अनिल चौधरी भी मौजूद थे। नामांकन के बाद विनय कुमार दुबे ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ने दिल्ली की जनता को निराश किया है।
उन्होंने कहा कि विनोद नगर में विकास कार्य पूरी तरह रुके पड़े हैं। सड़कों और नालों की मरम्मत नहीं हो रही है और क्षेत्र के निवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। दुबे ने दावा किया कि जनता अब भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों से ऊब चुकी है और कांग्रेस को एक बार फिर मौका देने के मूड में है।
विनोद नगर उपचुनाव को लेकर अब सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। क्षेत्र में पोस्टर, जनसंपर्क अभियान और स्थानीय सभाओं के जरिए मतदाताओं को साधने की कवायद जारी है। चुनाव आयोग ने भी नामांकन प्रक्रिया के बाद अब प्रत्याशियों को आचार संहिता के पालन के निर्देश दिए हैं।


