Saturday, 7 November 2026निष्पक्ष खबरें • बेबाक नज़रिया
TOP STORY
THE COMPLETE NEWSROOMखबर पूरी। नज़रिया साफ़।भारत से आपके शहर तक
▤ ई-पेपर पढ़ें ↗
BREAKING NEWS
Mathura : अयोध्या की तर्ज पर मथुरा में भी जगमगाई श्रीकृष्ण जन्मभूमि, भव्य दीपोत्सव से अलौकिक हुआ बृजधामChandigarh : भाजपा अकेले चुनाव लड़े या सहयोगियों के साथ; ‘आप’ अपने विकास के रिकॉर्ड पर चुनाव लड़ेगी- बलतेज पन्नूChandigarh : पंजाब सरकार ने 6,507 कंप्यूटर शिक्षकों के महंगाई भत्ते में 40 प्रतिशत वृद्धि करके कर्मचारियों को दिया दिवाली का तोहफा- मुख्यमंत्रीMathura : मंदिर आते-आते बहुत देर कर दी, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर श्रीकांत शर्मा का तीखा हमलाHapur News : हापुड़ में कनाडा से गिफ्ट भेजने के बहाने महिला से हुई बड़ी साइबर ठगी, 14 लाख से अधिक रकम हड़पीGautam Buddh Nagar Polling Stations: जिले में 766 मतदान केंद्र और 1926 मतदेय स्थल निर्धारित, चार जनवरी को अंतिम मतदाता सूचीBhangel Firecracker Fire: दिवाली से एक दिन पहले ठेली पर रखे ग्रीन पटाखों में लगी आग, दमकलकर्मियों ने तुरंत पाया काबूNoida Diwali Security: दीवाली पर 10 जोन और 26 सेक्टरों में पुलिस का पहरा, ड्रोन से निगरानी और 20 स्थानों पर दमकल तैनात

Master Plan 2047: ‘जहां उत्पादन, वहीं बिक्री’ से दिल्ली के उद्यमियों को मिलेगा फायदा, डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया बड़ा बदलाव

Master Plan 2047

Master Plan 2047: ‘जहां उत्पादन, वहीं बिक्री’ से दिल्ली के उद्यमियों को मिलेगा फायदा, डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया बड़ा बदलाव

रिपोर्ट: रवि डालमिया

नई दिल्ली। दिल्ली के सुनियोजित और समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान-2047 में औद्योगिक क्षेत्रों और उद्यमियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं शाहदरा जिला प्रभारी डॉ. अनिल गुप्ता ने इन प्रावधानों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बदलते समय और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में किए गए बदलाव राजधानी के उद्यमियों, कामगारों और युवाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा करेंगे।

डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा कि मास्टर प्लान-2047 की सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में से एक ‘जहां उत्पादन, वहीं बिक्री’ है। इसके तहत उद्यमियों को जिस औद्योगिक परिसर में अपने उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, वहीं उनकी बिक्री के लिए दुकान या खुदरा बिक्री केंद्र संचालित करने की सुविधा मिलेगी। उनके अनुसार, इससे उद्योगों को तैयार माल बेचने के लिए अलग-अलग थोक बाजारों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि उत्पादन स्थल पर ही बिक्री की सुविधा मिलने से उद्यमियों का समय और परिवहन पर होने वाला खर्च कम हो सकेगा। इसके साथ निर्माता सीधे अपने ग्राहकों तक पहुंच सकेंगे। डॉ. गुप्ता के मुताबिक, विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि उनके लिए अलग बिक्री केंद्र या दूसरे बाजार में व्यावसायिक व्यवस्था तैयार करना अतिरिक्त खर्च का कारण बनता है।

मास्टर प्लान में औद्योगिक परिसरों के भीतर प्रशासनिक कार्यालय, खुदरा विक्रय केंद्र, दुकान, कैंटीन और एटीएम जैसी सुविधाओं के उपयोग से जुड़े प्रावधानों का भी उन्होंने स्वागत किया। डॉ. गुप्ता ने कहा कि ऐसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होने से उद्योगों के दैनिक संचालन को आसान बनाने के साथ कर्मचारियों और ग्राहकों को भी आवश्यक सेवाएं नजदीक मिल सकेंगी।

डॉ. गुप्ता ने स्टार्टअप और नए उद्यमों को वर्तमान अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्टार्टअप, नवाचार और आधुनिक व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकती है। इससे नए विचारों को व्यावसायिक स्वरूप देने और युवाओं को उद्यमिता की ओर बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।

उन्होंने औद्योगिक भूखंडों के लिए फ्लोर एरिया रेशियो यानी एफएआर में वृद्धि के प्रावधान को भी उद्योगों के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि एफएआर बढ़ने से उद्यमी उपलब्ध भूखंड का बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे आधुनिक मशीनरी लगाने, अतिरिक्त कार्यक्षेत्र विकसित करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और मौजूदा उद्योगों का विस्तार करने में सुविधा मिल सकती है।

बड़े औद्योगिक भूखंडों पर श्रमिकों के लिए आवास की सुविधा से जुड़े प्रावधान को भी डॉ. अनिल गुप्ता ने स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को कार्यस्थल के आसपास रहने की सुविधा मिलने से उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय करने की समस्या से राहत मिल सकती है। इससे श्रमिकों की सुविधा बढ़ने के साथ उनके जीवन स्तर और कार्यस्थल से जुड़ी परिस्थितियों में भी सुधार हो सकता है।

डॉ. गुप्ता के अनुसार, सर्विस सेंटरों को औद्योगिक गतिविधि के रूप में मान्यता देना और ऑटोमोबाइल मरम्मत कार्यशालाओं को औद्योगिक गतिविधियों के दायरे में शामिल करना भी व्यावहारिक फैसला है। इससे वाहन सेवा, मरम्मत, रखरखाव और दूसरे तकनीकी कार्यों से जुड़े कारोबारियों को अपनी गतिविधियां अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने पूर्वी दिल्ली और शाहदरा के पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के संदर्भ में भी मास्टर प्लान के प्रावधानों को महत्वपूर्ण बताया। डॉ. गुप्ता ने कहा कि फ्रेंड्स कॉलोनी औद्योगिक क्षेत्र, झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र, उत्तर शाहदरा और शाहदरा जिले के अन्य पुराने औद्योगिक क्षेत्रों ने वर्षों से दिल्ली की अर्थव्यवस्था और रोजगार में योगदान दिया है। इन क्षेत्रों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए नई व्यवस्थाएं मजबूत आधार प्रदान कर सकती हैं।

औद्योगिक क्षेत्रों के आधारभूत ढांचे को लेकर डॉ. गुप्ता ने कहा कि सड़क, पार्किंग, माल चढ़ाने और उतारने की व्यवस्था, जल निकासी, सीवर, बिजली और अग्नि सुरक्षा जैसी सुविधाओं को आधुनिक बनाना भी जरूरी है। बेहतर आधारभूत सुविधाओं से न केवल कारोबार संचालन आसान होगा, बल्कि उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों और वहां आने वाले ग्राहकों के लिए भी बेहतर वातावरण तैयार किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में स्थान की कमी, पार्किंग, यातायात, बुनियादी सुविधाओं और बदलती कारोबारी जरूरतों से जुड़ी चुनौतियां लंबे समय से मौजूद रही हैं। ऐसे में भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर जमीन और परिसरों के उपयोग में अधिक व्यावहारिकता लाना उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा कि मास्टर प्लान-2047 को केवल जमीन और भवनों के उपयोग की योजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यह दिल्ली की अर्थव्यवस्था, उद्योग, व्यापार, रोजगार और उद्यमिता को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दिशा देने वाला व्यापक विकास खाका है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की सराहना करते हुए कहा कि इसमें उद्योगों की बदलती जरूरतों को समझने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने मास्टर प्लान के औद्योगिक प्रावधानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प से भी जोड़ा। डॉ. गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में उद्योगों, स्टार्टअप, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली व्यवस्थाएं विकसित दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

डॉ. अनिल गुप्ता ने एक बार फिर ‘जहां उत्पादन, वहीं बिक्री’ की व्यवस्था को मास्टर प्लान-2047 की प्रमुख उपलब्धियों में से एक बताते हुए कहा कि इसके साथ स्टार्टअप के लिए नए अवसर, एफएआर में वृद्धि, श्रमिक आवास तथा सर्विस सेंटर और ऑटोमोबाइल मरम्मत कार्यशालाओं को औद्योगिक गतिविधि की मान्यता जैसे प्रावधान उद्योगों को नई गति देने में मददगार साबित होंगे। उन्होंने इसे दिल्ली के उद्यमियों को मजबूत करने और राजधानी को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

 

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया

Avatar photo
संवाददाता

Priyanka Singh

संबंधित खबरें