Karwa Chauth: करवाचौथ पर पंकज लूथरा की पहल, पूर्वी दिल्ली में आठ स्थानों पर लगे निःशुल्क मेहंदी कैंप, हजारों महिलाओं ने उठाया लाभ
रिपोर्ट: रवि डालमिया
पूर्वी दिल्ली। करवाचौथ के पावन पर्व पर महिलाओं की खुशियों को बढ़ाने और त्योहार की रौनक को खास बनाने के उद्देश्य से नॉर्थ ईस्ट जोन के चेयरमैन एवं पार्षद पंकज लूथरा की ओर से पूर्वी दिल्ली के विभिन्न इलाकों में निःशुल्क मेहंदी कैंप आयोजित किए गए। इस पहल के तहत ज्वाला नगर, फर्श बाजार, विवेक विहार, प्रताप खंड, झिलमिल कॉलोनी, त्रिवेणी अपार्टमेंट, राजीव कैंप और इंडस्ट्रियल एरिया में शिविर लगाए गए। इन कैंपों में हजारों महिलाओं ने पहुंचकर अपने हाथों पर मेहंदी लगवाई और करवाचौथ की तैयारियों में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित इन शिविरों के कारण क्षेत्र में त्योहार का माहौल देखने को मिला और महिलाओं को निःशुल्क मेहंदी लगाने की सुविधा उपलब्ध हुई।
करवाचौथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। त्योहार पर सोलह शृंगार करने, नए कपड़े पहनने और हाथों पर मेहंदी लगाने की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। महिलाएं करवाचौथ से पहले ही त्योहार की तैयारियों में जुट जाती हैं और मेहंदी लगवाना इन तैयारियों का अहम हिस्सा होता है। ऐसे में पंकज लूथरा की ओर से निःशुल्क मेहंदी कैंप आयोजित करने की पहल ने महिलाओं को त्योहार की तैयारियों के लिए सुविधाजनक अवसर उपलब्ध कराया।
इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र की अधिक से अधिक महिलाओं तक निःशुल्क मेहंदी लगाने की सुविधा पहुंचाना था। ज्वाला नगर, फर्श बाजार, विवेक विहार और प्रताप खंड सहित अलग-अलग इलाकों में शिविर लगाए जाने से महिलाओं को अपने आसपास ही यह सुविधा मिल सकी। इसके अलावा झिलमिल कॉलोनी, त्रिवेणी अपार्टमेंट, राजीव कैंप और इंडस्ट्रियल एरिया में भी कैंप आयोजित किए गए। आठ स्थानों पर शिविर लगाने से पूर्वी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में रहने वाली महिलाओं को इसका लाभ उठाने का अवसर मिला। त्योहार के समय बाजारों और मेहंदी लगाने वाले केंद्रों पर भीड़ बढ़ने के बीच इस तरह की निःशुल्क सुविधा महिलाओं के लिए उपयोगी रही।
कैंपों में पहुंची महिलाओं ने अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार हाथों पर मेहंदी के अलग-अलग डिजाइन बनवाए। पारंपरिक बेल-बूटों से लेकर आकर्षक और आधुनिक डिजाइनों तक, महिलाओं ने करवाचौथ के अवसर पर अपने शृंगार को खास बनाने में रुचि दिखाई। शिविरों में महिलाओं की भागीदारी से उत्सव जैसा माहौल बना रहा। महिलाएं अपने परिवार और परिचितों के साथ कैंपों में पहुंचीं तथा मेहंदी लगवाने के साथ त्योहार की तैयारियों में भी जुटी रहीं। बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने से इन आयोजनों की उपयोगिता सामने आई और स्थानीय स्तर पर करवाचौथ को लेकर उत्साह देखने को मिला।

पंकज लूथरा की इस पहल को त्योहार के अवसर पर महिलाओं को सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास के रूप में देखा गया। स्थानीय स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने से लोगों को अपने क्षेत्र में ही आवश्यक सुविधाएं मिलती हैं और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिलता है। त्योहार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे परिवारों, पड़ोसियों और स्थानीय समुदायों को आपस में जोड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। निःशुल्क मेहंदी कैंपों के माध्यम से महिलाओं को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार त्योहार मनाने और अपनी तैयारियों को यादगार बनाने का अवसर मिला।
आठ अलग-अलग स्थानों पर कैंप आयोजित किए जाने से इस पहल का दायरा एक ही इलाके तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूर्वी दिल्ली के कई क्षेत्रों की महिलाओं तक सुविधा पहुंची। हजारों महिलाओं ने इन शिविरों में मेहंदी लगवाकर करवाचौथ के उत्सव में भागीदारी की। आयोजन के दौरान महिलाओं के बीच उत्साह और त्योहार को लेकर उमंग का माहौल बना रहा। इस तरह के सामुदायिक कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने के साथ त्योहारों की परंपराओं को भी प्रोत्साहित करते हैं।
करवाचौथ के अवसर पर पंकज लूथरा की ओर से आयोजित निःशुल्क मेहंदी कैंपों ने पूर्वी दिल्ली में त्योहार की रौनक बढ़ाने में योगदान दिया। ज्वाला नगर से लेकर विवेक विहार, झिलमिल कॉलोनी और अन्य इलाकों में महिलाओं को मेहंदी लगाने की सुविधा मिली। हजारों महिलाओं की भागीदारी के साथ यह पहल त्योहार की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी। इस आयोजन के जरिए महिलाओं को अपने क्षेत्र में निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, जिससे वे अपनी परंपराओं के अनुरूप करवाचौथ का पर्व उत्साह के साथ मना सकीं।




