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HAL Revenue Growth: एचएएल ने 32,250 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, मजबूत ऑर्डर बुक से भविष्य पर भरोसा

HAL Revenue Growth: एचएएल ने 32,250 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, मजबूत ऑर्डर बुक से भविष्य पर भरोसा

नई दिल्ली/बेंगलुरु में सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 32,250 करोड़ रुपये का अनंतिम राजस्व दर्ज किया है। यह पिछले वर्ष के 30,981 करोड़ रुपये की तुलना में अधिक है, जो वैश्विक चुनौतियों और सप्लाई चेन बाधाओं के बावजूद कंपनी की स्थिर वृद्धि को दर्शाता है।

कंपनी ने हालांकि एलसीए एमके1ए (तेजस एमके1ए) और हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 की डिलीवरी में देरी का सामना किया, लेकिन एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर, सुखोई-30 एमकेआई के एएल-31एफपी इंजन और मिग-29 के आरडी-33 इंजन की मजबूत सप्लाई के चलते आय और लाभप्रदता बनाए रखी।

एचएएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. के. सुनील ने कहा कि कंपनी ने भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच मजबूती दिखाई है और उत्पादन क्षमता, ऑर्डर बुक तथा सिविल एविएशन सेक्टर में विस्तार किया है।

31 मार्च 2026 तक एचएएल की ऑर्डर बुक लगभग 2.54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिसमें रक्षा मंत्रालय से 97 एलसीए एमके1ए विमान, 6 एएलएच हेलीकॉप्टर और 8 डोर्नियर विमानों के बड़े ऑर्डर शामिल हैं। यह ऑर्डर बुक अगले 7 से 8 वर्षों तक स्थिर राजस्व का संकेत देती है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 35 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड और वित्त वर्ष 2025 के लिए 15 रुपये प्रति शेयर का अंतिम डिविडेंड घोषित किया है, जिससे कुल 3,344 करोड़ रुपये शेयरधारकों को वितरित किए गए।

वर्ष के दौरान नासिक में तीसरी एलसीए तेजस उत्पादन लाइन और दूसरी एचटीटी-40 उत्पादन लाइन शुरू की गई। इसके साथ ही मिश्र धातु निगम लिमिटेड के साथ रणनीतिक धातु बैंक के लिए समझौता किया गया।

एचएएल ने सिविल एविएशन क्षेत्र में भी कदम बढ़ाते हुए ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान और एचटीटी-40 के सीरीज प्रोडक्शन संस्करण का सफल परीक्षण किया। कंपनी ने यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन के साथ एसजे-100 विमान निर्माण के लिए समझौता किया और पवन हंस तथा जेट्स एविएशन के साथ आपूर्ति अनुबंध भी किए।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भी एचएएल ने इसरो, इन-स्पेस और एनएसआईएल के साथ एसएसएलवी तकनीक ट्रांसफर समझौता किया है। इसके अलावा कंपनी ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत एआई, रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन और प्राइवेट क्लाउड सिस्टम को अपनाया है।

कुल मिलाकर मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ती उत्पादन क्षमता और तकनीकी विस्तार के साथ एचएएल आने वाले वर्षों में और बेहतर प्रदर्शन की दिशा में अग्रसर है।

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