Greater Noida Pollution: बिसरख के ऐस डिवाइनो में आरएमसी प्लांट से उड़ती धूल ने बढ़ाई परेशानी, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख क्षेत्र स्थित सेक्टर-1 की प्रमुख आवासीय सोसायटी ऐस डिवाइनो और उससे सटे स्कूल परिसर के आसपास रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट से उड़ने वाले प्रदूषण और जर्जर सड़कों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया है। सोसायटी से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थापित इस आरएमसी प्लांट से दिन-रात कंक्रीट मिक्सर और भारी डंपरों की अनियंत्रित आवाजाही हो रही है। इन भारी वाहनों से सड़कों पर सीमेंट, रोड़ी और बारीक धूल गिरती रहती है, जो हवा में घुलकर पूरे इलाके के वातावरण को बेहद जहरीला बना रही है। इसके चलते स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में भारी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।
सोसायटी के निवासी नितिन चौधरी ने बताया कि ऐस डिवाइनो के पिछले गेट और पास के प्रमुख स्कूल को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर सीमेंट की सफेद परत लगातार जमी रहती है। भारी मिक्सर ट्रकों के पहियों से यह धूल पूरे दिन हवा में उड़ती रहती है, जिससे आसपास के वायु गुणवत्ता सूचकांक में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके अलावा हाल ही में एटीएस चौक से ऐस डिवाइनो मुख्य मार्ग तक बनाई गई नई सड़क भी भारी वाहनों के अत्यधिक दबाव और उस पर कंक्रीट गिरने के कारण पूरी तरह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रैप की पाबंदियां लागू होने के बावजूद आवासीय क्षेत्र के ठीक बगल में इस तरह के प्रदूषणकारी प्लांट का संचालन नियमों की खुली अवहेलना है।
समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय निवासियों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर बार-बार साक्ष्यों सहित शिकायतें दर्ज कराई हैं। नितिन चौधरी ने बताया कि उन्होंने पहली शिकायत 16 अप्रैल 2026 को संदर्भ संख्या 40014126013460 के तहत दर्ज कराई थी, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 21 अक्टूबर को दोबारा संदर्भ संख्या 40014126052462 के तहत शिकायत दर्ज कराकर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को लिखित में पूरे हालात से अवगत कराया गया है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध आरएमसी प्लांट को तुरंत आवासीय क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित नहीं किया गया और सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर धरना देने को विवश होंगे।


