Garden Galleria Protest: गार्डन गैलेरिया मॉल के बाहर किसानों का धरना, पुलिस के आश्वासन पर प्रदर्शन स्थगित
नोएडा। सेक्टर-38ए स्थित गार्डन गैलेरिया मॉल के गेट नंबर-11 के बाहर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले किसानों ने धरना शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि मॉल परिसर के एक पब-बार में शेयर होल्डिंग के नाम पर करीब 70 लाख रुपये का निवेश किए जाने के बावजूद उनकी रकम वापस नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने निवेश से जुड़े दस्तावेजों में कथित फर्जीवाड़े का भी आरोप लगाया और मामले में उचित कार्रवाई के साथ रकम वापस कराने की मांग की।
धरने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया।
किसान नेता राज कुमार नागर के मुताबिक, गार्डन गैलेरिया मॉल के अंदर संचालित एक बार-रेस्टोरेंट में किसान निशांत भार्गव और अरविंद भाटी ने संयुक्त रूप से करीब 70 लाख रुपये का निवेश किया था। किसानों का कहना है कि यह रकम वर्ष 2021 से 2025 के बीच राहुल सिंह को आरटीजीएस के माध्यम से दी गई थी।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार निवेश के समय उन्हें 10-10 प्रतिशत मुनाफा देने का भरोसा दिया गया था। किसानों का आरोप है कि तय शर्तों के अनुसार उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला और बाद में मूल निवेश की रकम वापस लेने में भी परेशानी होने लगी। इसके बाद निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई गई, जिसमें कथित रूप से अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा सामने आने का दावा किया गया।
किसानों ने बताया कि इस मामले में सेक्टर-39 थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। इसके बावजूद उनकी रकम वापस नहीं मिलने के कारण उन्होंने सोमवार को गार्डन गैलेरिया मॉल के बाहर धरना देने का निर्णय लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे मामले में निष्पक्ष जांच के साथ अपनी रकम वापस चाहते हैं।
धरने के दौरान किसानों और पुलिस के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। किसानों ने अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखा और मामले में कार्रवाई की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। पुलिस की ओर से भी प्रदर्शनकारियों को जांच से संबंधित कार्रवाई की जानकारी दी गई और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का भरोसा दिया गया।
शाम करीब पांच बजे पुलिस ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर मामले पर बातचीत कराने का आश्वासन दिया। पुलिस के इस आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना धरना स्थगित कर दिया। किसान नेताओं ने कहा कि यदि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनकी शिकायत पर कार्रवाई होती है और मामले का समाधान आगे बढ़ता है तो वे सहयोग करेंगे।
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस पहले ही मुकदमा दर्ज कर चुकी है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के स्तर पर जारी रहेगी।
किसानों की ओर से हालांकि रकम वापस किए जाने की मांग अभी भी प्रमुख बनी हुई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद उन्हें अपनी निवेश की राशि वापस नहीं मिली है। इसी कारण वे पुलिस और प्रशासन से मामले में आगे की कार्रवाई तेज करने तथा रकम वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।
धरना स्थगित होने के बाद पुलिस ने मौके की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और स्थिति को सामान्य कराया। प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई। फिलहाल किसानों और संबंधित पक्ष के बीच पुलिस की मौजूदगी में बातचीत के जरिए मामले को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया की जा रही है।
मामले में निवेश की रकम, शेयर होल्डिंग से जुड़े दस्तावेज, आरटीजीएस लेनदेन और कथित फर्जी दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस और न्यायालय के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल किसान अपनी रकम वापस कराने और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।


