Chandni Chowk Sealing: कूचा महाजनी ज्वेलरी मार्केट में MCD का बड़ा एक्शन, बेसमेंट की 54 दुकानें सील; व्यापारियों ने उठाए सवाल

Chandni Chowk Sealing: कूचा महाजनी ज्वेलरी मार्केट में MCD का बड़ा एक्शन, बेसमेंट की 54 दुकानें सील; व्यापारियों ने उठाए सवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक स्थित कूचा महाजनी ज्वेलरी मार्केट में दिल्ली नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग इमारतों के बेसमेंट में संचालित 54 दुकानों को सील कर दिया। गुरुवार सुबह MCD की टीम पुलिस बल के साथ बाजार पहुंची और सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। अचानक हुई कार्रवाई के बाद व्यापारियों में हड़कंप मच गया।

कूचा महाजनी दिल्ली के प्रमुख सोना-चांदी और ज्वेलरी कारोबार वाले बाजारों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में छोटे-बड़े कारोबारी वर्षों से अपना व्यवसाय कर रहे हैं।

गुरुवार सुबह व्यापारी अपनी दुकानों पर पहुंच रहे थे, तभी नगर निगम की टीम ने बेसमेंट में संचालित दुकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी में एक के बाद एक दुकानों को सील किया गया।

MCD के मुताबिक कार्रवाई पूरी होने तक कुल 54 दुकानों पर सील लगाई गई। निगम का कहना है कि यह कार्रवाई मॉनिटरिंग कमेटी के पहले से मौजूद निर्देशों के आधार पर की गई है।

सीलिंग शुरू होते ही बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर जमा हो गए। कारोबारियों ने कार्रवाई के तरीके पर नाराजगी जताई और दावा किया कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया।

व्यापारियों का कहना है कि यदि बेसमेंट में दुकानों का संचालन नियमों के खिलाफ था तो पहले उन्हें स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए था।

सीलिंग के बाद दुकानों के अंदर मौजूद सोना, चांदी और अन्य कीमती सामान को लेकर भी चिंता सामने आई। कई व्यापारियों का दावा है कि दुकानों के अंदर बड़ी मात्रा में माल मौजूद है।

व्यापारियों ने अपने सामान की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि ज्वेलरी कारोबार में दुकान के अंदर रखे माल की कीमत काफी अधिक हो सकती है, इसलिए सीलिंग के दौरान इसकी सुरक्षा महत्वपूर्ण है।

कारोबारी संगठनों ने भी कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए। कुछ व्यापारियों का दावा है कि वे लंबे समय से इन परिसरों में कारोबार कर रहे हैं और अचानक सीलिंग से उनकी आजीविका तथा व्यवसाय प्रभावित हुआ है।

MCD अधिकारियों का कहना है कि कूचा महाजनी की कार्रवाई को सत्य निकेतन में हुए हालिया इमारत हादसे से सीधे जोड़ना सही नहीं होगा। निगम के मुताबिक यह कार्रवाई मॉनिटरिंग कमेटी के पुराने निर्देशों के अनुपालन में की गई है।

दूसरी तरफ व्यापारियों का कहना है कि सत्य निकेतन की घटना के बाद राजधानी में भवनों, बेसमेंट और निर्माण नियमों को लेकर कार्रवाई अचानक तेज हुई है।

कारोबारियों ने यह सवाल भी उठाया कि यदि इन बेसमेंट का व्यावसायिक इस्तेमाल नियमों के खिलाफ था तो इतने लंबे समय तक यहां कारोबार कैसे चलता रहा।

अब व्यापारियों की नजर MCD और संबंधित अधिकारियों के अगले कदम पर है। वे यह जानना चाहते हैं कि दुकानों को डी-सील कराने के लिए कौन सी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया अपनानी होगी।

फिलहाल 54 दुकानों की सीलिंग से कूचा महाजनी के व्यापारियों में नाराजगी है। MCD कार्रवाई को नियमों और मॉनिटरिंग कमेटी के निर्देशों के अनुरूप बता रहा है, जबकि व्यापारी पर्याप्त समय और अवसर नहीं मिलने का दावा कर रहे हैं।

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