Chandigarh : मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 7 महीनों में 709 लाभार्थियों को ₹83.36 लाख का कैशलेस मानसिक स्वास्थ्य उपचार मिला

Chandigarh : गंभीर स्वास्थ्य समस्या केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य और कल्याण को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि पूरे परिवार पर भारी भावनात्मक और आर्थिक बोझ भी डाल सकती है। जब बीमारी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हो, तो सामाजिक कलंक, जागरूकता की कमी और उपचार की लागत को लेकर चिंताएँ अतिरिक्त बाधाएँ पैदा कर सकती हैं,जिससे अक्सर पेशेवर मदद लेने में देरी होती है।

पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना (एमएमएसवाई) मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कवर किए गए उपचार को आर्थिक रूप से सुलभ बनाकर इस चुनौती के एक महत्त्वपूर्ण पहलू से निपटने में मदद कर रही है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब के 11 अगस्त 2026 तक के आँकड़ों के अनुसार, उपलब्ध सात महीने की अवधि में 709 लाभार्थियों ने योजना के तहत मानसिक स्वास्थ्य उपचार करवाया, जिस पर ₹83.36 लाख का ख़र्च आया।

आयु वर्ग के आँकड़े विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण जानकारी सामने लाते हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस उपचार प्राप्त करने वाले 284 लाभार्थी 31–45 आयु वर्ग के थे, जबकि 249 लाभार्थी 18–30 आयु वर्ग के थे। इन दोनों आयु वर्गों को मिलाकर कुल 533 लाभार्थी हैं, जो कुल लाभार्थियों का 75.2 प्रतिशत है।

इस संबंध में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ ऐसी सुविधा नहीं बननी चाहिए, जिसे परिवार केवल तभी हासिल करे जब वह इसका ख़र्च उठा सके। यदि किसी व्यक्ति को पेशेवर मदद की आवश्यकता है, तो उसे सही समय पर सही उपचार उपलब्ध करवाने की प्राथमिकता होनी चाहिए।”

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) के आँकड़े यह भी दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत न्यूरोटिक एवं तनाव संबंधी विकारों, मूड एवं भावनात्मक विकारों, शारीरिक एवं शारीरिक कारकों से जुड़े व्यवहार संबंधी सिंड्रोम तथा मनोसक्रिय पदार्थों के सेवन से जुड़े मानसिक एवं व्यवहार संबंधी विकारों सहित विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार किया जा रहा है। उपचार का यह पैटर्न सामान्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ नशे के सेवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की आवश्यकता को भी उजागर करता है।

सिविल अस्पताल बरनाला की कंसल्टेंट मनोचिकित्सक डॉ. गगनदीप सेखों,एमडी (मनोचिकित्सा), ने कहा, “मानसिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से 18–45 आयु वर्ग विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि यह वह चरण है जब लोग अपना करियर बना रहे होते हैं, रिश्तों को संभाल रहे होते हैं, परिवार का पालन-पोषण कर रहे होते हैं और महत्त्वपूर्ण वित्तीय ज़िम्मेदारियाँ निभा रहे होते हैं।”

डॉ. गगनदीप सेखों ने आगे कहा, “मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को अक्सर तब तक नज़रअंदाज़ किया जाता है, जब तक वे दैनिक जीवन की कार्यक्षमता को प्रभावित करना शुरू नहीं कर देतीं, तब तक उनका उपचार अधिक कठिन हो जाता है।”

एसएचए के आँकड़े मानसिक स्वास्थ्य और नशे के सेवन के बीच करीबी संबंध को भी उजागर करते हैं, जिससे पंजाब का ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान राज्य की व्यापक मानसिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक बन जाता है। नशे पर निर्भरता के मनोवैज्ञानिक, व्यावहारिक और सामाजिक प्रभाव हो सकते हैं तथा इसके लिए निरंतर पेशेवर उपचार, नशामुक्ति और रिहैबिलिटेशन की आवश्यकता पड़ सकती है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के आँकड़ों में मनोसक्रिय पदार्थों के सेवन से जुड़े विकार और मूड संबंधी विकार भी शामिल हैं, जो युवाओं के लिए शुरुआती जागरूकता, समय पर हस्तक्षेप और सुलभ उपचार व्यवस्था के महत्त्व को दर्शाते हैं।

इसी के साथ, रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली नैदानिक उपचार(क्लिनिकल ट्रीटमेंट) को बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है।

स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पंजाब के हर परिवार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें हमारे युवाओं के स्वास्थ्य और कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹10 लाख के कैशलेस स्वास्थ्य कवर और मानसिक स्वास्थ्य उपचार को भी शामिल किए जाने से, यह योजना मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के उपचार के लिए मदद लेने में लोगों के सामने आने वाली आर्थिक झिझक को दूर करने में मदद करती है। इसके साथ ही, ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान रोकथाम, नशामुक्ति और रिहैबिलिटेशन को मज़बूत करता है, जबकि ‘सीएम दी योगशाला’ सुलभ स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी गतिविधियों को बढ़ावा देता है।”

मुख्यमंत्री सेहत योजना, ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ और ‘सीएम दी योगशाला’ मिलकर पंजाब की मानसिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के पूरक पहलुओं का प्रतिनिधित्व करते हैं—रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली से लेकर नशामुक्ति, रिहैबिलिटेशन और पेशेवर उपचार तक। उपलब्ध मुख्यमंत्री सेहत योजना के आँकड़ों में चार में से तीन से अधिक लाभार्थी 18–45 आयु वर्ग के हैं। ऐसे में समय पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाना पंजाब की कामकाजी उम्र की आबादी के स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और कल्याण की रक्षा के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हो सकता है।

Hot this week

Lucknow : नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं- मुख्यमंत्री

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस...

Topics

Lucknow : नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं- मुख्यमंत्री

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस...

Kanpur Murder Case: कार की छत पर युवक को लिटाकर डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा, पुरानी रंजिश में बर्बरता के बाद अस्पताल में तोड़ा दम

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर देने वाली दरिंदगी की वारदात सामने आई है। शहर के बर्रा थाना क्षेत्र के अर्रा निवासी 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया को पुरानी रंजिश के चलते हमलावरों ने पहल...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img