Noida Durga Puja: पंडालों में संध्या आरती, धुनुच नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
नोएडा। शहर में सोमवार को दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ बंगाल की पारंपरिक संस्कृतिक की झलक देखने को मिली। कहीं संध्या आरती और धुनुच नृत्य हुआ, तो कहीं गीत-संगीत, कहीं हुए तबला वादन और नृत्य प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। शहर में विभिन्न पूजा समितियों द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से मां दुर्गा की आरती की गई। इस उपलक्ष्य में सभी जगहों पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पंडालों में परिवारों ने मां दुर्गा के दर्शन किए और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। सेक्टर-26 स्थित कालीबाड़ी में संध्या आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, इसके बाद गीत प्रतियोगिता और नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पंडाल में इंडियन आइडल सीजन-15 के उपविजेता रहे सुभोजीत चक्रवर्ती ने अपनी गायकी से समा बांधा। इसके अलावा कार्यक्रम में सिल्पांजलि के तहत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुई। साथ ही सेक्टर-62 स्थित सर्बोजनिन दुर्गा पूजा समिति द्वारा हो रही दुर्गा पूजा के पंडाल में सुरबहार, कविता पाठ प्रतियोगिता, तबला वादन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां बंगाल परंपरा के अनुसार आरती और धुनुच नृत्य भी किया गया। धुनुच नृत्य के दौरान कलाकारों ने पांरपरिक अंदाज में मां दुर्गा की आराधना की। जिससे पंडाल में उत्सव का माहौल बना रहा। वहीं सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरियल सोसाइटी में पूर्वाह्नों दुर्गा पूजा समिति द्वारा चल रही दुर्गा पूजा में सुबह पूजा-अर्चना के बाद सांस्कृतिक नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। जहां श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दर्शन किए और कार्यक्रमों में भाग लिया। इसके अलावा शहर के अन्य दुर्गा पूजा पंडालों में भी पूजा-अर्चना, आरती, भोग और प्रसाद वितरण के सात उत्सव मनाया गया। बंगाल की दुर्गा पूजा में संध्या आरती, धुनुच नृत्य, ढाक की थाप, पुष्पांजलि और भोग का विशेष माना जाता है। नोएडा के पंडालों में भी इन परंपराओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को बंगाल की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिला। दुर्गा पूजा समितियों के आयोजनों में धार्मिक आस्था के साथ संगीत, कला और सामुदायिक भागीदारी का संगम देखने को मिल रहा है।
इन आयोजनों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संगीत और नृत्य का मेल दिखाई दिया। अलग-अलग पंडालों में आयोजित कार्यक्रमों ने स्थानीय श्रद्धालुओं को बंगाली परंपरा के विविध सांस्कृतिक रूपों से परिचित कराया।
दुर्गा पूजा के दौरान संध्या आरती, धुनुच नृत्य, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण जैसी परंपराओं का विशेष स्थान होता है। नोएडा के पूजा पंडालों में भी इन्हीं परंपराओं के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी देखने को मिली।


