GBU Fee Scam: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में पांच करोड़ से अधिक की कथित फीस धांधली, 10 सदस्यीय समिति गठित
नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) ने पांच करोड़ रुपये से अधिक के कथित फीस धांधली मामले की जांच के लिए आंतरिक स्तर पर 10 सदस्यों की समिति बनाई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। वित्तीय वर्ष 2024-25 के रिकॉर्ड के मिलान के दौरान अप्रैल 2025 में पांच करोड़ रुपये से अधिक की फीस संबंधी कथित अनियमितता सामने आई थी। आरोप है कि छात्रों से प्राप्त फीस का भुगतान विश्वविद्यालय के सॉफ्टवेयर में दर्ज था, लेकिन संबंधित रकम आधिकारिक बैंक खातों में जमा नहीं मिली। मामले में फर्जी यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी और रसीदों के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए गए थे।
इस मामले में नौ अप्रैल 2026 को तत्कालीन कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी समेत 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। कुलसचिव प्रो चंदर कुमार सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने दस सदस्यीय समिति का गठन किया है। जल्द ही मामले से पर्दा उठाया जाएगा।
फीस सॉफ्टवेयर में दर्ज भुगतान और बैंक खाते में दिखाई देने वाली जमा रकम के बीच कथित अंतर इस मामले की मुख्य जांच का विषय है। विश्वविद्यालय की समिति के लिए संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान महत्वपूर्ण होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि समिति की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर में नाम आने मात्र से आरोप सिद्ध नहीं होते; आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर जिम्मेदारी तय होगी।


