Vivek Bhagat Promotion: ACP विवेक भगत को मिला एडिशनल DCP का चार्ज, जंतर-मंतर शिकायत की जांच जारी
दिल्ली पुलिस में ACP (कनॉट प्लेस) विवेक भगत को एडिशनल DCP पद का वर्तमान ड्यूटी चार्ज दिया गया है। यह आदेश ऐसे समय आया है जब 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार ने उनके खिलाफ कथित बदसलूकी और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। शिकायतों की जांच के बीच सामने आए इस आदेश को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
विवेक भगत उन 12 DANIPS अधिकारियों में शामिल हैं जिन्हें दिल्ली पुलिस में एडिशनल DCP का वर्तमान ड्यूटी चार्ज सौंपा गया है। लेफ्टिनेंट गवर्नर कार्यालय के आदेश में उनके साथ 11 अन्य अधिकारियों की भी नियुक्ति का उल्लेख है। यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है और इसे स्थायी पदोन्नति नहीं माना गया है।
रिपोर्टों के अनुसार विवेक भगत 2018 बैच के DANIPS अधिकारी हैं और इससे पहले कनॉट प्लेस में SDPO के रूप में तैनात थे। अधिकारियों के मुताबिक पदोन्नति की प्रशासनिक प्रक्रिया और प्रस्ताव कथित विवाद सामने आने से पहले ही शुरू हो चुके थे। आदेश में जंतर-मंतर की घटना या महिला पत्रकारों की शिकायतों का कोई उल्लेख नहीं है।
3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर कथित बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। एक पत्रकार ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी को लेकर सवाल करने पर ACP विवेक भगत ने उनके साथ कथित रूप से गलत व्यवहार किया और उन्हें पीछे धकेला। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार इस घटना को लेकर तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें मिली थीं और निष्पक्ष जांच के लिए मामला क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है। इसलिए फिलहाल आरोप जांच के स्तर पर हैं और उन्हें साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
आदेश के मुताबिक वर्तमान ड्यूटी चार्ज मिलने के बावजूद अधिकारी एडिशनल DCP पद से जुड़े सभी वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। वे नियमित प्रशासनिक काम संभालेंगे, जबकि वैधानिक शक्तियां नियमित नियुक्ति के बाद ही पूरी तरह लागू होंगी।
यह अंतरिम व्यवस्था गृह मंत्रालय द्वारा एडिशनल DCP पदों पर नियमित नियुक्ति किए जाने तक जारी रहेगी। इस दौरान अधिकारियों को अतिरिक्त वेतन, वरिष्ठता या अन्य नियमित लाभ भी नहीं मिलेगा।
विवेक भगत के प्रमोशन को लेकर सार्वजनिक और सोशल मीडिया स्तर पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि संबंधित शिकायतों की जांच जारी है। दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पदोन्नति नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुई है और इसका जंतर-मंतर की घटना से सीधा संबंध नहीं है।


