72 शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेजे जाने पर शिक्षा मंत्री ने कहा – यह पंजाब की शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी

72 शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेजे जाने पर शिक्षा मंत्री ने कहा – यह पंजाब की शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी

पिछले महीने पंजाब के शिक्षा विभाग का फिनलैंड की टुर्कु यूनिवर्सिटी से ट्रेनिंग को लेकर हुआ था समझौता – शिक्षा मंत्री

पिछले ढ़ाई साल में पंजाब की शिक्षा व्यवस्था काफी बेहतर हुई, आज हर गांवों और शहरों में लोग शिक्षा क्रांति की बातें कर रहे हैं – हरजोत बैंस

स्कूल ऑफ एमिनेंस के अलावा हमने 8000 स्कूलों की बाउंड्री करवाई, 10,000 से ज्यादा नए क्लासरूम बनवाए, स्कूलों में सिक्योरिटी और वाई-फाई लगाए गए – हरजोत बैंस

रिपोर्ट : कोमल रमोला
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर

पंजाब के सरकारी स्कूलों के 72 शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेजे जाने पर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि पिछले ढ़ाई साल से पंजाब की शिक्षा व्यवस्था काफी बेहतर हुई है। आज पंजाब की शिक्षा क्रांति की बातें लोग हर गांवों और शहरों में कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 2022 से पहले लगभग 8000 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में बाउंड्री नहीं थी। हमने उन सभी स्कूलों में करीब 1400 किलोमीटर लंबी बाउंड्री कराई। वहीं 10,000 से ज्यादा नए क्लासरूम बनवाए और बच्चों की पढ़ाई के लिए डेस्क मुहैया कराए। पहले पंजाब के सरकारी स्कूलों में करीब एक लाख बच्चे नीचे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते थे क्योंकि फर्नीचर नहीं था। हमने इस समस्या को दूर किया। वहीं 1400 स्कूलों में लड़कियों के लिए बाथरूम नहीं थे। हमने उसे भी बनवाया।

उन्होंने कहा कि स्कूल ऑफ एमिनेंस के साथ-साथ पंजाब के सभी सरकारी स्कूलों में और भी काफी काम हो रहे हैं। 18,000 स्कूलों में वाई-फाई लगाए गए हैं। स्कूलों में सिक्योरिटी गार्ड और कैंपस मैनेजर रखे गए हैं। आप सरकार से पहले सरकारी स्कूलों को सफाई के लिए एक रुपया भी नहीं मिलता था। अब 3000 से लेकर 50,000 महीना तक मिल रहा है।

इन सबके बावजूद अच्छी शिक्षा के लिए सबसे जरूरी है अध्यापकों की ट्रेनिंग। पंजाब के सभी स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य स्कूलों के प्रिंसिपलों को हमने सिंगापुर से ट्रेनिंग दिलवाई। 202 प्रिंसिपलों को हम अब तक सिंगापुर भेज चुके है। 152 हेडमास्टर अहमदाबाद से ट्रेंड हैं। अब 72 शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए फिनलैंड भेज रहे हैं।

इसके लिए पिछले महीने पंजाब के शिक्षा विभाग का फिनलैंड की टुर्कु यूनिवर्सिटी से ट्रेनिंग को लेकर समझौता हुआ था। एमओयू दिल्ली में फिनलैंड के एंबेसडर की हाजिरी में हुआ। ट्रेनिंग तीन हफ्तों की होगी। अगला बैच फरवरी – मार्च 2025 में भेजा जाएगा।

इस एमओयू के तहत कभी भी पंजाब सरकार अपने अध्यापकों को फिनलैंड भेज सकती है या फिनलैंड के टीचर्स पंजाब में आ सकते हैं। मंत्री ने बताया कि कल मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शिक्षकों के साथ बातचीत करेंगे और फिर उन्हें फिनलैंड के लिए रवाना किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के लिए शिक्षकों के सेलेक्शन प्रोसेस में यह देखा गया कि किन शिक्षकों का कितना अनुभव है और उनकी नौकरी कितने साल बाकी है, ताकि ट्रेनिंग के बाद वे कम से कम 10-15 साल बच्चों को पढ़ा सकें। इसके साथ ही इनका पिछला रिकॉर्ड की भी जांच की गई।

वहीं जो माता-पिता अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं वैसे 10 अभिभावकों की रिकमेंडेशन भी इन टीचर्स को फाइल में लगानी थी। बच्चों के माता-पिता से भी फीडबैक लिया गया। करीब 6000 अभिभावकों से फोन कॉल कर उनकी राय जानी गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की फिनलैंड की ट्रेनिंग पंजाब की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

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