Spiti Development: कुंजुम पास के नीचे टनल बनाएगी हिमाचल सरकार, स्पीति के विकास पर खर्च होंगे 500 करोड़ रुपये

Spiti Development: कुंजुम पास के नीचे टनल बनाएगी हिमाचल सरकार, स्पीति के विकास पर खर्च होंगे 500 करोड़ रुपये

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पीति घाटी के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने कुंजुम पास के नीचे टनल निर्माण के लिए सर्वे करवाने और इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस टनल के निर्माण के लिए प्रयासरत है। इसके बनने से क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों को वर्षभर बेहतर सड़क संपर्क सुविधा मिल सकेगी। इसके अलावा, उन्होंने स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र घोषित करने, काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशने और हेलिपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे करवाने की घोषणा की। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए काजा में स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने दो दिवसीय स्पीति प्रवास के दौरान काजा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार आने वाले समय में स्पीति के विकास पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। उन्होंने बताया कि समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन का कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता बेहतर बनाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आय बढ़ाना और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्पीति के लोगों की आय दोगुनी करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है।

सुक्खू ने अपने पिछले दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि जब वह पहली बार 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस कार्यक्रम के दौरान इस क्षेत्र में आए थे, तब स्थानीय लोगों ने उनके सामने बिजली की समस्या उठाई थी। अब इस समस्या के समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयास धरातल पर उतरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का लगभग 42 प्रतिशत भू-भाग शीत मरुस्थलीय क्षेत्र में आता है। इन दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली आबादी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार विशेष ध्यान दे रही है और आवश्यकतानुसार अधिक धनराशि खर्च की जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्पीति में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कर्मचारियों के कल्याण और पुरानी पेंशन योजना के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दिवाली के अवसर पर महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को वृद्धावस्था में आत्मसम्मान के साथ जीवनयापन करने और आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई है। आने वाले समय में और कर्मचारियों को इसके दायरे में लाने पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने के कारण केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष मिलने वाली 1,600 करोड़ रुपये की राशि रोक दी है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की ओर से प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में केवल 35 प्रतिशत कर्मचारी उपलब्ध थे, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से यह संख्या बढ़कर 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद क्रिटिकल केयर ब्लॉक का काम शुरू करवाया और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2023 से 2027 के बीच इस योजना में प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 26 करोड़ रुपये है, जबकि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने करीब 204 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के लोगों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये के इलाज के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ता था। वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए अपने संसाधनों से धन खर्च किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करके राज्य सरकार ने 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में किया जा रहा है।

राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक की आलोचना की और कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि वह क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं का राजनीतिक भविष्य प्रदेश की जनता तय करेगी। मुख्यमंत्री ने उपचुनाव में लाहौल-स्पीति की जनता द्वारा महिला विधायक को चुने जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अब क्षेत्र के लोगों के हितों की लड़ाई लड़ रही हैं।

सुक्खू ने राहुल गांधी के नेतृत्व में वोट चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कहा कि नौ विधायकों को अपने पक्ष में करके हिमाचल प्रदेश की सरकार गिराने का प्रयास किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान, जनता और प्रदेश के देवी-देवताओं के आशीर्वाद से राज्य सरकार सफलतापूर्वक काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की शुरुआत भी स्पीति की महिलाओं से की थी। उन्होंने ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना शुरू करने की घोषणा करते हुए बताया कि इसके तहत प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की पेंशन, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का बीमा उपलब्ध करवाने का प्रावधान होगा। इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं और परिवारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम में विधायक अनुराधा राणा ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि 15 अप्रैल 2023 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई सभी घोषणाओं को पूरा कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बौद्ध संस्कृति की यह धरती करुणा और प्रेम का प्रतीक है तथा मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याओं को समझते हैं। विधायक के अनुसार, मुख्यमंत्री क्षेत्र में अगले दो से तीन वर्षों के भीतर 24 घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि पहले क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी थी, लेकिन अब विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और 12 वर्षों के बाद क्षेत्र को खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) मिला है। नौतोड़ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्ष कर रही है और राज्य सरकार लगातार राज्यपाल के समक्ष इस विषय को उठा रही है।

विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार स्पीति में पर्यटन और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है। क्षेत्र में 75 करोड़ रुपये की लागत से आइस हॉकी ग्राउंड और आठ करोड़ रुपये की लागत से क्रिकेट ग्राउंड स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, स्टार गेजिंग की शुरुआत की गई है और शीतकालीन खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष दोरजे लारजे, पंचायत समिति अध्यक्ष छेरिंग डोलमा, उपाध्यक्ष महिंद्र, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष छेरिंग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

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