Kullu Dussehra Canada: ओटावा की पार्लियामेंट हिल पर भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कनाडा की राजधानी ओटावा स्थित पार्लियामेंट हिल में आयोजित कुल्लू दशहरा समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। 18 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन (एचपीजीए) को भव्य आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले भारतीय जिस उत्साह और श्रद्धा के साथ अपने त्योहारों, संस्कृति और परंपराओं को मनाते हैं, वह भारतीय मूल्यों तथा ‘विविधता में एकता’ की गौरवशाली विरासत को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में दशहरा पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। यह त्योहार हमें सत्य और न्याय के पक्ष में निर्भीक होकर खड़े रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः अधर्म पर धर्म की विजय होती है। दशहरा का संदेश समाज को नैतिक मूल्यों और सदाचार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
कनाडा के ओटावा में आयोजित इस समारोह में हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी ऑरलियन्स की सांसद मैरी-फ्रांस लालोंद ने की, जबकि हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन ने 35 से अधिक भारत-कनाडाई संगठनों के सहयोग से इसका आयोजन किया। समारोह में भारतीय प्रवासी समुदाय, विशेषकर हिमाचल प्रदेश से जुड़े लोगों, सामुदायिक नेताओं, संस्कृति प्रेमियों और गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कनाडा के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्थल पर कुल्लू दशहरा का आयोजन हिमाचली प्रवासी समुदाय को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण अवसर बना। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से दुनिया भर में हिमाचल प्रदेश की पहचान मजबूत होती है और प्रदेश के लोगों की प्रतिभा, कौशल तथा नेतृत्व क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम हिमाचल की परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक विरासत को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समारोह के दौरान हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक नाटी और झमाकड़ा लोकनृत्यों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। रामलीला के जीवंत मंचन ने भी कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत-कनाडाई समुदाय ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत और हिमाचली परंपराओं को संरक्षित करने तथा भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।
मुख्यमंत्री ने समारोह में हिमाचली अतिथि-सत्कार की परंपरा को प्रदर्शित किए जाने की भी सराहना की। कार्यक्रम में मेहमानों को हिमाचल प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन परोसे गए। विशेष रूप से हिमाचली धाम के माध्यम से लोगों को प्रदेश के विशिष्ट खानपान और पारंपरिक पाक-कला से परिचित होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कृति और खानपान किसी भी क्षेत्र की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं और ऐसे आयोजन इनके प्रचार-प्रसार में सहायक बनते हैं।
मुख्यमंत्री ने हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संगठन हिमाचली समुदाय को एकजुट करने, प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को प्रोत्साहित करने तथा दुनिया भर में बसे हिमाचलियों के बीच संबंध मजबूत करने में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में मदद मिलती है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी कुल्लू दशहरा के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कनाडा के बहुसांस्कृतिक स्वरूप को समृद्ध बनाने में सांस्कृतिक विविधता, सामुदायिक सहभागिता और भारत-कनाडाई समुदाय के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। इस संदेश ने समारोह में सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विभिन्न समुदायों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
एचपीजीए के निदेशक मंडल के सदस्यों भाग्य चंद्र, अरुण चौहान, विवेक नजर, संजीव ठाकुर, आशु कालिया और पूनम गुलरिया ने हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने तथा वैश्विक हिमाचली समुदाय के बीच आपसी संबंधों को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराओं और मूल्यों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के प्रयास जारी रखने की बात कही।


