Noida Drug Smuggling: एक करोड़ रुपये का गांजा बरामद, अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार
नोएडा। गौतमबुद्धनगर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बादलपुर थाना पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 165 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल ट्रक, कार और अन्य सामान भी बरामद किया है। शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी ओडिशा के भुवनेश्वर से ट्रक में गांजा छिपाकर लाते थे और दिल्ली में इसकी सप्लाई करते थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को बुधवार को दादरी से लालकुआं की ओर जाने वाली सड़क पर कूड़ी खेड़ा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान दिनेश पाल, समीर कुमार और रवि के रूप में हुई है। तीनों बिहार के रहने वाले बताए गए हैं। डीसीपी सेंट्रल नोएडा प्रवीण सिंह के मुताबिक, गिरोह का एक सदस्य रवि भुवनेश्वर से ट्रक में गांजा भरकर लाता था। तस्करी के दौरान पुलिस की नजर से बचने के लिए ट्रक में गांजा छिपाने की विशेष व्यवस्था की गई थी। इसके बाद दिनेश पाल और समीर कुमार दिल्ली में गांजे की बिक्री और सप्लाई करते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी गांजे की आपूर्ति फुटकर और थोक दोनों स्तरों पर करते थे। इस तरह वे अलग-अलग खरीदारों तक नशीले पदार्थ की खेप पहुंचाते थे। जांच के दौरान सामने आया कि ट्रक में गांजा छिपाने के लिए एक गुप्त कैविटी बनाई गई थी। इसका इस्तेमाल पुलिस की चेकिंग से बचने और गांजे को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के लिए किया जाता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि तस्करी के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और गांजे की खेप किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी।
डीसीपी प्रवीण सिंह के मुताबिक, ट्रक में बनाई गई गुप्त कैविटी करीब दो महीने पहले दिनेश पाल ने बनवाई थी। पुलिस ने दिनेश पाल को गिरोह का सरगना बताया है। कैविटी बनाने का उद्देश्य वाहन की तलाशी के दौरान गांजे को छिपाकर रखना था, ताकि तस्करी के दौरान पुलिस की कार्रवाई से बचा जा सके। पुलिस बरामद वाहनों और अन्य सामान की भी जांच कर रही है, जिससे तस्करी में इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस के अनुसार, दिनेश पाल पहले भी गांजा तस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2021 में उसके पास से करीब ढाई क्विंटल गांजा बरामद होने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में वह लगभग 15 महीने जेल में रहा था। अब एक बार फिर उसका नाम गांजा तस्करी के मामले में सामने आया है। पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों, गांजे की खरीद के स्रोत और उसकी सप्लाई से जुड़े संपर्कों का पता लगाया जा सके। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।


