Fake No Entry Permit: दिल्ली के चिल्ला बॉर्डर पर नकली ‘नो एंट्री’ परमिशन के साथ पकड़ा गया कमर्शियल वाहन, चालक अमित कुमार के खिलाफ FIR दर्ज

Fake No Entry Permit: दिल्ली के चिल्ला बॉर्डर पर नकली ‘नो एंट्री’ परमिशन के साथ पकड़ा गया कमर्शियल वाहन, चालक अमित कुमार के खिलाफ FIR दर्ज

रिपोर्ट: रवि डालमिया

दिल्ली में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान ईस्टर्न रेंज ट्रैफिक पुलिस ने चिल्ला बॉर्डर पर नकली ‘नो एंट्री’ परमिशन के साथ चल रहे एक कमर्शियल वाहन को पकड़ा है। जांच में वाहन पर लगी अनुमति फर्जी पाई गई। इसके बाद चालक को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मयूर विहार थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 336(3) और 340(2) के तहत FIR नंबर 442/2026 दर्ज की गई है।

ईस्टर्न रेंज ट्रैफिक की डीसीपी श्वेता सिंह चौहान के मुताबिक, 7 अक्टूबर को चिल्ला बॉर्डर, मयूर विहार पर कमर्शियल वाहनों की नो एंट्री परमिशन की जांच के लिए विशेष टीम तैनात की गई थी। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार, कांस्टेबल दर्शन और कांस्टेबल खेमाराम शामिल थे। अभियान ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में और एसीपी ट्रैफिक ईस्ट अमरीक विर्क की निगरानी में चलाया जा रहा था।

चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने दिल्ली नंबर DL1LT6220 वाली मारुति ईको कार्गो गाड़ी को रुकवाया। वाहन पर नो एंट्री परमिशन का स्टिकर लगा हुआ था, जिस पर परमिशन नंबर 22062023S178514 दर्ज था। इस दस्तावेज के अनुसार अनुमति 16 नवंबर 2026 तक वैध दिखाई गई थी। पहली नजर में दस्तावेज वैध प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस ने नियमित प्रक्रिया के तहत इसकी ऑनलाइन रिकॉर्ड से जांच करने का फैसला किया।

ट्रैफिक पुलिस ने ई-चालान पोर्टल और नो एंट्री परमिशन (NEP) शाखा के आधिकारिक रिकॉर्ड से स्टिकर पर दर्ज नंबर का मिलान किया। जांच में सामने आया कि वाहन के लिए वास्तव में जारी की गई परमिशन का नंबर 11042025S257180 था। इस वास्तविक अनुमति की वैधता 17 जुलाई 2025 को ही समाप्त हो चुकी थी। वहीं वाहन पर लगी परमिशन के नंबर का सरकारी रिकॉर्ड में कोई वैध विवरण नहीं मिला। इसी आधार पर पुलिस ने वाहन पर प्रदर्शित दस्तावेज को फर्जी पाया।

पुलिस ने वाहन चालक की पहचान अमित कुमार, निवासी शकूरपुर, सरस्वती विहार, दिल्ली के रूप में की। फर्जी परमिशन के मामले में आवश्यक कार्रवाई के लिए उसे मयूर विहार थाना पुलिस को सौंप दिया गया। अब दर्ज FIR के आधार पर पुलिस मामले की आगे जांच करेगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित तौर पर फर्जी परमिशन कहां से हासिल की गई थी तथा इसे तैयार करने या उपलब्ध कराने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।

नो एंट्री परमिशन का इस्तेमाल उन कमर्शियल वाहनों के लिए किया जाता है, जिन्हें निर्धारित प्रतिबंधित समय में नियमों के तहत आवाजाही की अनुमति दी जाती है। ऐसी अनुमति की वैधता और वाहन का विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल खाना जरूरी होता है। किसी पुराने परमिट की जगह गलत नंबर वाला स्टिकर लगाना या समाप्त हो चुकी अनुमति को वैध दिखाना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कमर्शियल वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और वाहन पर केवल वैध तथा आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज परमिशन का ही इस्तेमाल करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नकली या जाली दस्तावेजों के जरिए नो एंट्री नियमों से बचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। इस मामले में अब जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि फर्जी परमिशन तैयार करने या वाहन तक पहुंचाने में किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका रही है या नहीं।

 

Hot this week

Lucknow : दुर्गा पंडालों में सुरक्षा की हो समुचित व्यवस्था- मुख्यमंत्री

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के...

Lucknow : ज्ञान, संस्कार और समावेशन से विद्यालयों का भविष्य संवारेगी योगी सरकार

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर...

Lucknow : विंध्याचल में पर्यटन का तेजी से विस्तार कर रही योगी सरकार

Lucknow : विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का दायरा मां...

Topics

Lucknow : दुर्गा पंडालों में सुरक्षा की हो समुचित व्यवस्था- मुख्यमंत्री

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के...

Lucknow : ज्ञान, संस्कार और समावेशन से विद्यालयों का भविष्य संवारेगी योगी सरकार

Lucknow : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर...

Lucknow : विंध्याचल में पर्यटन का तेजी से विस्तार कर रही योगी सरकार

Lucknow : विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का दायरा मां...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img