Gandhi Jayanti: यमुना प्राधिकरण में गांधी और शास्त्री जयंती मनाई गई, सीईओ ने विचारों और योगदान को किया याद
नोएडा। महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, विशेष कार्याधिकारी, महाप्रबंधक समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित किए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके प्रमुख सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वराज, स्वदेशी, स्वच्छता, सर्वोदय और ट्रस्टीशिप जैसे विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी जी के विचार सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण रहे हैं।
सीईओ ने स्वदेशी आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने देश में निर्मित वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया था। वहीं सर्वोदय के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के जीवन स्तर में सुधार और समानता की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया। उन्होंने गांधी जी के स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े विचारों को भी याद किया।
कार्यक्रम में लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को भी स्मरण किया गया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्रसेवा को याद किया। उन्होंने शास्त्री जी द्वारा दिए गए ‘जय जवान, जय किसान’ के मंत्र का उल्लेख किया और कहा कि देश के सामने खाद्यान्न संकट के समय उन्होंने आम जनता की भागीदारी और जिम्मेदारी पर जोर दिया था।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन, विचारों और देश के प्रति योगदान को याद किया। इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों ने उनके आदर्शों को अपने कार्य और सार्वजनिक जिम्मेदारियों में अपनाने की बात कही।
यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया, राजेश कुमार सिंह, विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, हरि प्रताप, आरती सिंह, मनोज कुमार, महाप्रबंधक परियोजना राजेंद्र भाटी, नंदकिशोर सुंदरियाल, विकास कुमार और सतेंद्र गिरी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


