EPFO Noida: नोएडा-ग्रेटर नोएडा की करीब 10 हजार कंपनियां जांच के दायरे में, कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं करने पर नोटिस

EPFO Noida: नोएडा-ग्रेटर नोएडा की करीब 10 हजार कंपनियां जांच के दायरे में, कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं करने पर नोटिस

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में कर्मचारियों का भविष्य निधि (पीएफ) जमा नहीं करने वाली करीब दस हजार कंपनियां कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की जांच के दायरे में आ गई हैं। संगठन की ओर से इन कंपनियों को नोटिस भेजे गए हैं। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि कंपनियों ने कर्मचारियों का पीएफ जमा करना किन कारणों से बंद किया और कहीं कर्मचारियों के वेतन से कटौती के बावजूद राशि ईपीएफओ में जमा तो नहीं रोकी गई।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से मिली जानकारी के अनुसार नोएडा में सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच 7,160 कंपनियों ने कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं किया। इनमें मार्च 2026 से मई 2026 के बीच पीएफ जमा नहीं करने वाली कंपनियों की संख्या 564 बताई गई है।

वहीं ग्रेटर नोएडा में भी बड़ी संख्या में कंपनियां जांच के दायरे में हैं। यहां 2,705 कंपनियां ऐसी बताई गई हैं, जिन्होंने एक वर्ष से कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं किया है। ईपीएफओ अब इन कंपनियों की स्थिति की जांच कर रहा है और पीएफ जमा नहीं होने के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।

ग्रेटर नोएडा के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम वैभव सिंह के मुताबिक कंपनियों द्वारा पीएफ जमा नहीं किए जाने के कारणों की जांच की जा रही है। कर्मचारियों को उनकी पीएफ सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जा सकता। यदि कोई कंपनी पीएफ के दायरे में आती है और इसके बावजूद कर्मचारियों की राशि जमा नहीं कर रही है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारियों के अनुसार यदि किसी कर्मचारी के वेतन से पीएफ की राशि काटी जा रही है, लेकिन कंपनी उसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पास जमा नहीं कर रही है तो कर्मचारी क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय में इसकी शिकायत कर सकता है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित कंपनी और कर्मचारी के पीएफ रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।

इस बीच कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से कर्मचारी नामांकन अभियान 2026 भी चलाया जा रहा है। यह अभियान एक जुलाई 2026 से शुरू हुआ है और 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इसका उद्देश्य कंपनियों को पिछले नामांकन अंतराल को नियमित करने और पीएफ के दायरे से छूट गए पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का अवसर देना है।

अभियान के तहत पात्र कंपनियां और कर्मचारी निर्धारित ऑनलाइन घोषणा पत्र जमा कर कंपनी के पोर्टल के माध्यम से नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस अवधि में संबंधित मामलों को नियमित करने के लिए कंपनियों को एकमुश्त 100 रुपये का जुर्माना जमा करने का प्रावधान बताया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक अभियान की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद जांच में पीएफ जमा नहीं करने का मामला सामने आने पर संबंधित कंपनियों पर 100 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे में कंपनियों को अभियान की अवधि के दौरान अपने रिकॉर्ड को नियमित करने का अवसर दिया गया है।

कर्मचारियों के लिए एक अन्य महत्वपूर्ण बदलाव अनिवार्य पीएफ कवरेज की वेतन सीमा से जुड़ा है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ईपीएफओ के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई है। इससे जिले में बड़ी संख्या में अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य पीएफ सुविधा के दायरे में आ सकते हैं।

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त नोएडा प्रथम सुयश पांडे के अनुसार ईपीएफओ की वेतन सीमा पिछली बार सितंबर 2014 में बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की गई थी। नई सीमा तय करने में उसके बाद वेतन में हुई वृद्धि, बढ़ती आय और औपचारिक रोजगार के विस्तार जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। इससे लागू प्रावधानों के तहत अधिक कर्मचारियों को पीएफ, पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिलने की संभावना है।

 

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img