Noida Flood Zone: डूब क्षेत्र में बिजली के साथ गहराया पानी का संकट, हजारों परिवार परेशान
नोएडा। नोएडा के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद अब लोगों को पानी की किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। बिजली नहीं होने के कारण घरों में लगी पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। ऐसे में कई परिवार बोतलबंद पानी खरीदने, किराये के जनरेटर से मोटर चलाने और सामूहिक रूप से पानी की टंकी मंगाने के लिए मजबूर हैं।
सेक्टर-63 के पास छिजारसी-चोटपुर क्षेत्र की कॉलोनियों में बीते सप्ताह विद्युत निगम ने बड़े स्तर पर अवैध बिजली कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस दौरान कनेक्शन काटने के साथ केबल और ट्रांसफार्मर भी जब्त किए गए थे। कार्रवाई के बाद से क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली नहीं होने का सीधा असर पानी की उपलब्धता पर भी पड़ा है। घरों में पानी पहुंचाने वाली मोटरें बंद पड़ी हैं। इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी राकेश झा ने सवाल उठाया कि जब डूब क्षेत्र में 50 और 100 मीटर के भूखंडों की रजिस्ट्री हो सकती है तो यहां रहने वाले लोगों को बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही हैं। उनका कहना है कि कॉलोनी में विधायक और सांसद निधि से सड़क का निर्माण भी कराया जा चुका है, इसके बावजूद लोगों को जरूरी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
राकेश झा के मुताबिक, पानी की समस्या इतनी बढ़ गई है कि कई परिवारों को मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीदकर दैनिक जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। स्थानीय लोगों ने विद्युत निगम से बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने और क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्या का समाधान करने की मांग की है।
स्थानीय निवासी ऋषिपाल ने बताया कि कॉलोनी के लोग करीब एक सप्ताह से बिजली संकट झेल रहे हैं। उनका आरोप है कि लोगों की समस्याओं की तरफ पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बिजली नहीं होने से पानी की मोटरें भी नहीं चल पा रही हैं, जिससे परेशानी कई गुना बढ़ गई है।
लोगों के मुताबिक, कुछ परिवार किराये पर जनरेटर लेकर पानी की मोटर चलाने को मजबूर हैं। वहीं करीब दस परिवार मिलकर पानी की टंकी मंगाकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने शहर के जनप्रतिनिधियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली और पानी दोनों रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतें हैं। ऐसे में संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों को तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करना चाहिए।


