Noida Skywalk: रक्षाबंधन पर खुला नोएडा का पहला स्काईवॉक, 33 करोड़ की लागत से ब्लू और एक्वा लाइन को करेगा कनेक्ट
नोएडा। लंबे इंतजार के बाद नोएडा का पहला स्काईवॉक रक्षाबंधन के अवसर पर यात्रियों के लिए खोल दिया गया। करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह स्काईवॉक सेक्टर-52 स्थित ब्लू लाइन मेट्रो स्टेशन और सेक्टर-51 स्थित एक्वा लाइन मेट्रो स्टेशन को आपस में जोड़ेगा। इसके शुरू होने से दोनों मेट्रो लाइनों के बीच इंटरचेंज करने वाले हजारों यात्रियों को सड़क पर आए बिना एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
स्काईवॉक का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे यात्रियों के लिए संचालित कर दिया गया है। इससे पहले नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने अधिकारियों के साथ स्काईवॉक का निरीक्षण किया और यात्रियों के लिए तैयार की गई सुविधाओं का जायजा लिया।
नोएडा प्राधिकरण के जीएम एसपी सिंह ने बताया कि यात्रियों को जल्द से जल्द सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्काईवॉक को बिना औपचारिक उद्घाटन के संचालित करने का आदेश दिया गया है। परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2023 में शुरू हुआ था और अब इसे जनता के उपयोग के लिए खोल दिया गया है।
सेक्टर-52 ब्लू लाइन और सेक्टर-51 एक्वा लाइन मेट्रो स्टेशन नोएडा के प्रमुख इंटरचेंज प्वाइंट में शामिल हैं। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन पर जाने के लिए इन दोनों स्टेशनों के बीच आवाजाही करते हैं। स्काईवॉक शुरू होने से इन यात्रियों का सफर अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
अभी तक दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच इंटरचेंज करने वाले यात्रियों को स्टेशन से नीचे उतरकर पैदल मार्ग से गुजरना पड़ता था। इस रास्ते पर अक्सर यात्रियों की भीड़ रहती थी। लोगों को सड़क के आसपास से होकर एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक जाना पड़ता था, जिससे खासकर व्यस्त समय में परेशानी होती थी।
स्काईवॉक के निर्माण के दौरान इसके डिजाइन में कुछ तकनीकी बदलाव भी किए गए। इसे मेट्रो स्टेशन की लिफ्ट के सामने से जोड़ा गया है। इस बदलाव के कारण स्काईवॉक की लंबाई शुरुआती प्रस्ताव के मुकाबले बढ़ गई। डिजाइन में किए गए बदलावों का उद्देश्य यात्रियों के लिए मेट्रो स्टेशन से स्काईवॉक तक पहुंच को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
स्काईवॉक करीब छह मीटर चौड़ा बनाया गया है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए इसमें बेहतर लाइटिंग और मजबूत रेलिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही दिव्यांग यात्रियों के लिए भी सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया गया है।
इस स्काईवॉक की प्रमुख विशेषताओं में ट्रैवलेटर की सुविधा भी शामिल है। ट्रैवलेटर की मदद से यात्रियों को दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच लंबी दूरी पैदल तय करने में राहत मिलेगी। इसका सबसे अधिक फायदा बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों और भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है।
स्काईवॉक शुरू होने के बाद ब्लू लाइन से एक्वा लाइन और एक्वा लाइन से ब्लू लाइन में इंटरचेंज करने वाले यात्रियों को सड़क पार करने या नीचे बने पैदल रास्ते से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री सीधे स्काईवॉक के माध्यम से दोनों स्टेशनों के बीच आवाजाही कर सकेंगे।
नोएडा में मेट्रो नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए यह स्काईवॉक महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकता है। खासकर पीक आवर में दोनों स्टेशनों के बीच होने वाली भीड़ को व्यवस्थित करने और सड़क पर पैदल यात्रियों की आवाजाही कम करने में इससे मदद मिलने की उम्मीद है।

