Noida Murder Case: 13 साल के दोस्त की हत्या का आरोप, जंगल में मिला शव; एक बाल अपचारी पुलिस संरक्षण में
नोएडा। नोएडा में 13 वर्षीय छात्र आयुष उर्फ हैप्पी शुक्ला की मौत के मामले में उसके दो नाबालिग दोस्तों पर हत्या का आरोप लगा है। आयुष कई दिनों से लापता था और सेक्टर-54 के जंगल में एक अज्ञात किशोर का सड़ा-गला शव मिलने के बाद परिजनों ने कपड़ों, बेल्ट और कलावे के आधार पर उसकी पहचान आयुष के रूप में की। मामले में पुलिस ने एक बाल अपचारी को संरक्षण में लिया है, जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है।
आयुष शुक्ला नोएडा के सेक्टर-20 में अपने परिवार के साथ रहता था। वह सेक्टर-24 स्थित केंद्रीय विद्यालय में सातवीं कक्षा का छात्र था। परिजनों के मुताबिक आयुष 16 अगस्त की शाम करीब चार बजे अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसके साथ सेक्टर-22 के चौड़ा गांव में रहने वाले उसके दो दोस्त बताए जा रहे हैं। देर रात तक आयुष घर नहीं लौटा तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
आयुष की मां योगमाया शुक्ला मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली हैं और नोएडा के सेक्टर-20 में किराये के मकान में अपनी दो बेटियों और बेटे आयुष के साथ रहती थीं। वह भंगेल सीएचसी में संविदा पर आया के पद पर कार्यरत हैं। आयुष के पिता पंकज बीमारी के कारण लखनऊ में रहते हैं।
परिजनों का कहना है कि आयुष के घर नहीं लौटने के बाद उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर उसकी तलाश की। मां का आरोप है कि वह शिकायत लेकर पुलिस चौकी और थानों के चक्कर लगाती रहीं। उनका कहना है कि 18 अगस्त को वह सेक्टर-12/22 चौकी पहुंचीं, जहां से उन्हें सेक्टर-24 थाना और फिर सेक्टर-20 थाना भेजा गया।
इसी बीच 21 अगस्त की रात सेक्टर-54 के जंगल में पुलिस को एक अज्ञात किशोर का सड़ा-गला शव मिला। शव की पहचान तत्काल नहीं हो सकी। बाद में उसका पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस द्वारा शव से संबंधित तस्वीरें दिखाए जाने के बाद परिजन मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
परिजनों ने शव पर मिले कलावे, बेल्ट और कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान आयुष के रूप में की। बेटे की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर आयुष की मां ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और अपने बेटे के लिए न्याय की मांग की।
आयुष की मां ने उसके साथ गए दोनों दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। परिजनों का आरोप है कि आयुष पर हमला करने के बाद उसकी पहचान छिपाने का प्रयास किया गया और शव को सेक्टर-54 के जंगल में फेंक दिया गया। मां ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
हालांकि, परिजनों की ओर से लगाए गए गंभीर चोटों के आरोपों और पुलिस की ओर से बताई गई प्रारंभिक पोस्टमार्टम जानकारी में अंतर सामने आया है। सेक्टर-24 थाना पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आयुष के शरीर पर चोट मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मौत की परिस्थितियों और परिजनों के आरोपों को लेकर पुलिस जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक आयुष की मां की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण में एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। दूसरे की तलाश और मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने के लिए पुलिस टीम काम कर रही है।
पुलिस अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने, आयुष के घर से निकलने के बाद की गतिविधियों का पता लगाने और मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए जांच कर रही है। मामले में नाबालिगों की कथित भूमिका होने के कारण आगे की कार्रवाई किशोर न्याय से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है।


