Noida Civic Issues: फोनरवा प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ कृष्ण करुणेश से की बैठक, सीवर-पानी और अतिक्रमण समेत कई मुद्दे उठाए
नोएडा। फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशंस (फोनरवा) के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्ण करुणेश से मुलाकात की। बैठक में शहर की आरडब्ल्यूए और निवासियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने लंबित विकास कार्यों, सीवर लाइन, पेयजल व्यवस्था, वेंडिंग जोन, अतिक्रमण और आवासीय फ्लैटों में किए गए निर्माण समेत कई मुद्दों के समाधान की मांग करते हुए सीईओ को ज्ञापन सौंपा।
फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में कई विकास कार्य लंबे समय से लंबित हैं। इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाना चाहिए। उन्होंने पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि कई फैसले अभी तक धरातल पर लागू नहीं हो पाए हैं। ऐसे सभी लंबित निर्णयों को जल्द लागू किया जाना आवश्यक है।
फोनरवा महासचिव केके जैन ने आवासीय फ्लैटों में निवासियों द्वारा जरूरत के अनुसार किए गए निर्माण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परिवारों के बढ़ने और सुरक्षा संबंधी जरूरतों को देखते हुए कई लोगों ने बालकनी कवर करने या दीवार बनाने जैसे कार्य कराए हैं। ऐसे मामलों का सर्वे कराकर व्यावहारिक और मानवीय दृष्टिकोण से नीतिगत निर्णय लिया जाना चाहिए।
फोनरवा ने मांग की कि इस तरह के निर्माण को लेकर एक स्पष्ट नीति तैयार की जाए और जहां संभव हो, न्यूनतम जुर्माना लेकर उन्हें नियमित करने का विकल्प दिया जाए। इससे बड़ी संख्या में निवासियों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो सकेगा।
बैठक में सेक्टरों में बनाए जा रहे वेंडिंग जोन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। फोनरवा पदाधिकारियों ने कहा कि कई स्थानों पर संबंधित आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों से पर्याप्त विचार-विमर्श किए बिना वेंडिंग जोन बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सेक्टरों में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर भी चिंता जताई गई।
सीईओ कृष्ण करुणेश ने अतिक्रमण के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को अनधिकृत फेरीवालों, ठेलों और खोखों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
फोनरवा ने शहर के विभिन्न सेक्टरों में वर्षों पुरानी हो चुकी सीवर लाइनों को बदलने की मांग भी रखी। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि आबादी बढ़ने के कारण कई पुरानी सीवर लाइनें मौजूदा जरूरत के अनुरूप पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में पुरानी लाइनों को बदलकर आवश्यक क्षमता वाली नई सीवर लाइन बिछाई जानी चाहिए।
पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निष्क्रिय पड़े ट्यूबवेलों को जल्द ठीक कर दोबारा चालू करने और जरूरत के अनुसार नए ट्यूबवेल लगाने की मांग की गई। फोनरवा ने सुझाव दिया कि गंगाजल की आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में ट्यूबवेल से मिलने वाले पानी को रेनी वेल के पानी के साथ मिलाकर आपूर्ति की जा सकती है, जिससे सेक्टरों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने से बचाई जा सके।
सीईओ कृष्ण करुणेश ने प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाई गई समस्याओं को सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि फोनरवा की ओर से पहले उपलब्ध कराई गई आरडब्ल्यूए से संबंधित कार्यों की सूची में कई कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है और उन पर काम भी शुरू हो गया है। शेष कार्यों को भी जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया गया।
बैठक में फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, महासचिव केके जैन, कोषाध्यक्ष पवन यादव, विजय कुमार भाटी और संजय चौहान समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।


