Preventive Healthcare: राजनाथ सिंह बोले- प्रिवेंटिव हेल्थ केयर से घटेगा अस्पतालों का बोझ, नोएडा में इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन

Preventive Healthcare: राजनाथ सिंह बोले- प्रिवेंटिव हेल्थ केयर से घटेगा अस्पतालों का बोझ, नोएडा में इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन

नोएडा। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को नोएडा के सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र सभागार में महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के नए इंटीग्रेटेड डायग्नोस्टिक सेंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने देश में तेजी से विकसित हो रही मेडिकल टेक्नोलॉजी और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में अस्पतालों पर बढ़ने वाले दबाव को कम करने के लिए बीमारी होने के बाद इलाज कराने के साथ बीमारी की समय रहते पहचान और रोकथाम पर विशेष ध्यान देना होगा। कार्यक्रम में नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज भी मौजूद रहीं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मेडिकल तकनीक ने तेजी से प्रगति की है। पहले जिन बीमारियों की पहचान करना मुश्किल होता था, आधुनिक जांच तकनीकों की मदद से अब उनका पता शुरुआती चरण में और अधिक सटीक तरीके से लगाया जा सकता है। अच्छी डायग्नोस्टिक व्यवस्था का उद्देश्य केवल बीमारी का पता लगाना नहीं, बल्कि मरीज को अनावश्यक जांच और गलत निदान से बचाना भी होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में इंटीग्रेटेड यानी एकीकृत दृष्टिकोण समय की जरूरत है। रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी और दूसरी जांच सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से मरीजों को अलग-अलग केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। डॉक्टरों को भी अलग-अलग जांच रिपोर्ट एक साथ उपलब्ध होने से बीमारी को समझने और उपचार से संबंधित निर्णय लेने में आसानी होती है।

रक्षा मंत्री ने मेडिकल साइंस और रक्षा क्षेत्र के बीच पुराने और महत्वपूर्ण संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रेडियोलॉजी सहित कई मेडिकल तकनीकों का सैन्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण इस्तेमाल रहा है। अल्ट्रासोनोग्राफी जैसी तकनीकों का उपयोग सैनिकों की चिकित्सा जांच के साथ युद्धक्षेत्र में घायल जवानों की स्थिति का आकलन करने में भी किया गया है। सैन्य क्षेत्र में मजबूत चिकित्सा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है और भविष्य में मेडिकल साइंस को नई तकनीकों के साथ लगातार जोड़ने की आवश्यकता होगी।

राजनाथ सिंह ने कहा कि कई बार मरीज अपने लक्षण डॉक्टर को स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते। विशेष रूप से बुजुर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए अपनी स्वास्थ्य समस्या को विस्तार से समझाना मुश्किल हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में आधुनिक जांच सुविधाएं बीमारी की सही पहचान करने और डॉक्टरों को उपचार की सही दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने मेडिकल जांच से जुड़े अनुभवों का जिक्र हल्के-फुल्के अंदाज में भी किया। उन्होंने एमआरआई और क्लॉस्ट्रोफोबिया का उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार डॉक्टर और मरीज के बीच जांच को लेकर दिलचस्प संवाद हो जाता है। उन्होंने फास्टिंग के दौरान मरीजों द्वारा डॉक्टरों से पानी, चाय और बिस्कुट को लेकर पूछे जाने वाले सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि मरीज पूछते हैं कि क्या गलती से एक-दो बिस्कुट खाए जा सकते हैं, जिससे डॉक्टर भी सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर “गलती से बिस्कुट कैसे खाया जाता है।” उन्होंने कहा कि इन सामान्य अनुभवों के बीच मेडिकल टेक्नोलॉजी ने वास्तव में बहुत प्रगति की है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास देश की बड़ी आबादी को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना है। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से करोड़ों लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी पिछले एक दशक के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे का व्यापक विस्तार हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों को इसका लाभ मिला है।

राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में करीब 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 45 हो गई है। मेडिकल शिक्षा के विस्तार के साथ डॉक्टरों की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। उत्तर प्रदेश के करीब 75 जिलों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आधुनिक तकनीक, बेहतर डायग्नोस्टिक सुविधाओं और मजबूत स्वास्थ्य ढांचे के माध्यम से ऐसी व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है, जिसमें प्रत्येक मरीज को समय पर सही जांच और उचित उपचार उपलब्ध हो सके।

रक्षा मंत्री ने प्रिवेंटिव हेल्थ केयर को भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत अभी युवा आबादी वाला देश है, लेकिन आने वाले दशकों में बुजुर्गों की संख्या बढ़ेगी। वर्ष 2050 तक देश की जनसांख्यिकी में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है। ऐसे में अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए बीमारी होने के बाद केवल इलाज पर निर्भर रहने के बजाय बीमारी की रोकथाम और शुरुआती पहचान को प्राथमिकता देनी होगी। प्रिवेंटिव हेल्थ केयर समय रहते स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों की पहचान करने में मदद करती है और कई मामलों में इलाज की तुलना में कम खर्चीली भी साबित हो सकती है।

नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर निदान, संतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को आम लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनाने की जरूरत है। इससे गंभीर बीमारियों का जोखिम कम करने के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को भी नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि स्वस्थ भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं हो सकता। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों, निजी क्षेत्र, डॉक्टरों, डायग्नोस्टिक सेंटर और आम नागरिकों सहित स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को मिलकर काम करना होगा। सामूहिक प्रयास से ही स्वस्थ और सशक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत ही सशक्त भारत की मजबूत नींव बनेगा।

महाजन इमेजिंग एंड लैब्स दिल्ली और हरियाणा के बाद उत्तर प्रदेश में अपने विस्तार की शुरुआत नोएडा से कर रही है। नोएडा में शुरू हुआ यह सेंटर कंपनी का उत्तर प्रदेश में पहला केंद्र है। यहां रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, जीनोमिक्स और व्यक्तिगत स्वास्थ्य जांच से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य मरीजों को अलग-अलग जांचों के लिए विभिन्न केंद्रों पर जाने की जरूरत को कम करना है।

नए डायग्नोस्टिक सेंटर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अल्ट्रा-फास्ट 3.0 टेस्ला एमआरआई और 160-स्लाइस सीटी स्कैनर जैसी आधुनिक जांच तकनीक उपलब्ध कराई गई है। कंपनी के अनुसार, एक ही छत के नीचे अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं मिलने से नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को जांच के बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे।

कार्यक्रम में महाजन इमेजिंग एंड लैब्स के संस्थापक एवं अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. हर्ष महाजन, सह-संस्थापक एवं कार्यकारी निदेशक रितु महाजन, लैब निदेशक डॉ. शेली महाजन और मुख्य परिचालन अधिकारी कबीर महाजन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

 

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