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Swayam Organization: 17 साल के ईशान बजाज बने बदलाव की नई आवाज, ‘स्वयं’ के जरिए 25 देशों में युवाओं को दे रहे नई पहचान

Swayam Organization: 17 साल के ईशान बजाज बने बदलाव की नई आवाज, ‘स्वयं’ के जरिए 25 देशों में युवाओं को दे रहे नई पहचान

नई दिल्ली, 15 जुलाई। महज 17 वर्ष की उम्र में ईशान बजाज सामाजिक परिवर्तन और युवा नेतृत्व की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आए हैं। उन्होंने युवाओं के नेतृत्व वाले संगठन ‘स्वयं’ के माध्यम से एलजीबीटीक्यूआईए प्लस (LGBTQIA+) समुदाय के लिए मानसिक स्वास्थ्य, कौशल विकास, रोजगार और समान अधिकारों को बढ़ावा देने की ऐसी पहल शुरू की है, जिसकी पहुंच अब दुनिया के 25 देशों तक हो चुकी है। उनकी यह पहल न केवल भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी युवाओं की आवाज को मजबूती प्रदान कर रही है।

ईशान बजाज के नेतृत्व में ‘स्वयं’ संगठन ने विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए करीब 200 युवाओं को स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संगठन का उद्देश्य ऐसे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिन्हें अक्सर सामाजिक भेदभाव या सीमित अवसरों का सामना करना पड़ता है।

ईशान प्रतिष्ठित येल यंग ग्लोबल स्कॉलर्स कार्यक्रम के प्रतिभागी भी रह चुके हैं। उन्होंने भारत से लेकर फिलीपींस की राजधानी मनीला तक विभिन्न प्राइड कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिनमें 40 हजार से अधिक लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, जबकि लाखों लोग डिजिटल माध्यम से इन अभियानों से जुड़े। उनकी पहल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समावेशी समाज और समान अवसरों के संदेश को व्यापक पहचान दिलाई है।

उन्होंने पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बांग्लादेश जैसे देशों में भी समावेशी युवा कार्यक्रमों की शुरुआत कर विभिन्न देशों के युवाओं के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा दिया। इससे सामाजिक समानता और विविधता को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संदेश पहुंचा।

ईशान बजाज ‘हमारी आवाज’ अभियान का भी नेतृत्व कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से ट्रांसजेंडर अधिकारों के समर्थन में देश के 25 शहरों में 30 हजार से अधिक लोगों को जोड़कर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया है। इस अभियान का उद्देश्य समाज में समान अधिकार, सम्मान और समावेशिता को बढ़ावा देना है।

उनके कार्यों को संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है, जहां उन्होंने नीति-निर्माण में युवाओं की भागीदारी, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर भारत के युवाओं की आवाज को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में किया गया उनका कार्य अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

ईशान बजाज की यात्रा यह साबित करती है कि आज का युवा केवल बदलाव की मांग नहीं करता, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन का नेतृत्व भी करता है। उनकी पहल आने वाली पीढ़ी को यह संदेश देती है कि संकल्प, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से उम्र की सीमाओं को पार कर वैश्विक स्तर पर प्रभाव पैदा किया जा सकता है।

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