Uttar Pradesh : बुलंदशहर में जापान की मियावाकी पद्धति से घने जंगल विकसित करने का अभियान शुरू, 22 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य

Bulandshahar News (अवनीश त्यागी) : जनपद में हरियाली बढ़ाने के लिए जापान की मियावाकी पद्धति से घने जंगल विकसित करने का अभियान शुक्रवार से शुरू हो गया। अभियान का शुभारंभ खुर्जा ब्लॉक के गांव भाईपुर में मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल ने बच्चों और ग्रामीणों के साथ पौधारोपण कर किया।

मुख्य विकास अधिकारी निशा ग्रेवाल, जिला वन अधिकारी डॉ. हरेंद्र कुमार सिंह, डीसी मनरेगा गोपाल कृष्ण चौधरी, डीपीआरओ नवीन कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों ने बच्चों और ग्रामीणों के साथ मिलकर पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीणों को मियावाकी पद्धति से लगाए जा रहे पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह रक्षाबंधन पर बहन भाई को राखी बांधकर दीर्घायु और संरक्षण का संकल्प लेती है, उसी तरह पौधों की भी अपने भाई-बहनों की तरह देखभाल और संरक्षण करें।
सीडीओ निशा ग्रेवाल ने बताया कि मियावाकी पद्धति के तहत कम भूमि पर कम समय में घने, जैव-विविधता से भरपूर और आत्मनिर्भर सघन जंगल विकसित किए जाएंगे। जिले में इसके लिए 99.92 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। जापानी पद्धति मियावाकी की तर्ज पर जनपद की सभी न्याय पंचायतों में 22 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग के लिए वन विभाग की टीम भी मौजूद रही।
डीएफओ डॉ. हरेंद्र सिंह ने बताया कि वन विभाग द्वारा इस कार्यक्रम के लिए पौधे उपलब्ध कराए गए हैं। मियावाकी पद्धति में विभिन्न प्रजातियों के पौधे अत्यंत सघन रूप से लगाए जाते हैं, जिससे पौधों की वृद्धि बहुत तेज गति से होती है। इस पद्धति की कार्बन अवशोषण क्षमता सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में 10 गुना अधिक होती है। यह जैव विविधता संरक्षण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में नीम, जामुन, अर्जुन, सहजन, इमली, अमरूद, शीशम, महुआ, करौंदा, कदम, नींबू और गूलर सहित कई प्रजातियों के पौधों का सघन वृक्षारोपण किया गया। वृक्षारोपण समारोह में बड़ी संख्या में बच्चे और ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले को हरा-भरा बनाना, जैव विविधता को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।





