Power Department News: हाईटेंशन लाइन चोरी मामले की जांच शुरू, अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी

Power Department News: हाईटेंशन लाइन चोरी मामले की जांच शुरू, अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी
नोएडा। विद्युत निगम ने सेक्टर-62 स्थित मौसम विभाग को बिजली आपूर्ति करने वाली हाईटेंशन लाइन के कथित चोरी होने के मामले में जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगे जाने की तैयारी की जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार मामले में लापरवाही पाए जाने पर कुछ अभियंताओं पर निलंबन और तबादले जैसी कार्रवाई भी हो सकती है। इसके साथ ही पुराने बिजली के खंभों की बिक्री से जुड़े मामले की जांच के लिए भी दो सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, बीते महीने सेक्टर-62 स्थित मौसम विभाग की बिजली आपूर्ति करीब 35 घंटे तक बाधित रही थी। भूमिगत हाईटेंशन लाइन में फॉल्ट आने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए आरक्षित ओवरहेड लाइन का उपयोग करने का प्रयास किया गया। इसी दौरान विभागीय अधिकारियों को पता चला कि लगभग 300 मीटर लंबी ओवरहेड हाईटेंशन लाइन मौके से गायब है। इस घटना ने विभागीय अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने सीधे उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के चेयरमैन को शिकायत भेजी। शिकायत मिलने के बाद विद्युत निगम के उच्च अधिकारियों ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए। अब यह पता लगाया जा रहा है कि हाईटेंशन लाइन कब और किन परिस्थितियों में चोरी हुई तथा इसके लिए किस स्तर पर लापरवाही हुई।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान संबंधित अभियंताओं और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। जिन अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में यह घटना हुई, उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। यदि जांच में लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों का यह भी कहना है कि दो अभियंताओं पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है, जबकि एक या दो अधिकारियों का तबादला भी किया जा सकता है।
इसी बीच विद्युत निगम ने पुराने बिजली के खंभों की बिक्री से जुड़े मामले की जांच के लिए भी दो सदस्यीय समिति गठित कर दी है। समिति में अधिशासी अभियंता विकास मिश्रा और अधिशासी अभियंता के.के. तोमर को शामिल किया गया है। दोनों अधिकारी पूरे मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता (तकनीकी) विवेक कुमार पटेल ने बताया कि हाईटेंशन लाइन चोरी होने और पुराने बिजली के खंभे बेचने से जुड़े दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ त्वरित और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और बिजली व्यवस्था की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





