Greater Noida Industrial Plot Scheme: 22 जून तक करें आवेदन, ग्रेटर नोएडा में बड़े औद्योगिक भूखंडों की योजना को बढ़ाया गया

Greater Noida Industrial Plot Scheme: 22 जून तक करें आवेदन, ग्रेटर नोएडा में बड़े औद्योगिक भूखंडों की योजना को बढ़ाया गया
ग्रेटर नोएडा में उद्योग स्थापित करने की योजना बना रही कंपनियों और निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बड़े औद्योगिक भूखंडों की योजना में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 जून 2026 कर दी है। पहले इस योजना के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 29 मई निर्धारित की गई थी, लेकिन निवेशकों की बढ़ती रुचि को देखते हुए आवेदन की अवधि को आगे बढ़ाया गया है।
प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई इस योजना में कुल 24 बड़े औद्योगिक भूखंड शामिल किए गए हैं। ये भूखंड ग्रेटर नोएडा के विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों में स्थित हैं, जिनमें इकोटेक-11, इकोटेक-1 एक्सटेंशन-1, इकोटेक-10, इकोटेक-16, इकोटेक-8 और सेक्टर-16 प्रमुख हैं। इन भूखंडों का आकार लगभग 9 हजार वर्गमीटर से लेकर 1 लाख वर्गमीटर तक है, जिससे बड़े स्तर पर उद्योग स्थापित करने वाली कंपनियों को पर्याप्त विकल्प मिलेंगे।
योजना के तहत उपलब्ध भूखंडों का आकार 9065 वर्गमीटर, 10776 वर्गमीटर, 11111 वर्गमीटर, 12613 वर्गमीटर, 13400 वर्गमीटर, 20246 वर्गमीटर और इससे बड़े आकार के भूखंडों तक फैला हुआ है। लंबे समय के इंतजार के बाद शुरू की गई इस योजना को उद्योग जगत से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई कंपनियों ने इन भूखंडों में रुचि दिखाई है और आवेदन प्रक्रिया में भाग लेने की तैयारी कर रही हैं।
प्राधिकरण ने हाल ही में औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए नई नीति भी लागू की है। नई नीति के अनुसार 8000 वर्गमीटर या उससे छोटे आकार के औद्योगिक भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। वहीं 8000 वर्गमीटर से बड़े भूखंडों का आवंटन साक्षात्कार प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य गंभीर निवेशकों और उद्योगों को आकर्षित करना तथा क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति देना है।
ग्रेटर नोएडा को देश के प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्राधिकरण को उम्मीद है कि इस पहल से बड़े निवेश आकर्षित होंगे, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।





