Omicron 2 Sector Noida: ओमिक्रॉन-2 सेक्टर में मूलभूत सुविधाओं का संकट, टूटी सड़कें और खराब सीवर व्यवस्था से परेशान निवासी
नोएडा के ओमिक्रॉन-2 सेक्टर के निवासी पिछले करीब 15 वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। सेक्टर के लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद संबंधित प्राधिकरण की ओर से समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। परिणामस्वरूप यहां रहने वाले हजारों लोगों को रोजमर्रा की कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर में टूटी हुई बाउंड्री वॉल, जर्जर सड़कें, खराब सीवर व्यवस्था, गंदे पानी की आपूर्ति, पार्कों की बदहाली और सुरक्षा व्यवस्था की कमी जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं।
सेक्टर के निवासी प्रमोद प्रधान का कहना है कि ओमिक्रॉन-2 की बाउंड्री वॉल कई स्थानों पर टूटी हुई है, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर लगातार खतरा बना रहता है। उन्होंने बताया कि बाउंड्री वॉल की मरम्मत के लिए कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों को लिखित शिकायतें और पत्र भेजे गए, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि दीवार टूटी होने के कारण चोरी और अन्य अवांछित गतिविधियों की आशंका हमेशा बनी रहती है, जिससे लोगों में असुरक्षा का माहौल है।
वहीं निवासी एन.एस. नेगी के अनुसार सेक्टर में सीवर व्यवस्था लंबे समय से खराब है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम से पहले नालियों और सीवर लाइनों की नियमित सफाई नहीं की जाती, जिसके कारण बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। जलभराव के चलते न केवल लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है बल्कि गंदगी और दुर्गंध के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
सेक्टर के ही निवासी राजकमल का कहना है कि यहां हाईमास्ट लाइट लगाने की घोषणा काफी समय पहले की गई थी, लेकिन आज तक इसे जमीन पर नहीं उतारा गया। उन्होंने बताया कि सेक्टर में लगी स्ट्रीट लाइटें भी सुबह बहुत जल्दी बंद हो जाती हैं, जिसके कारण सुबह टहलने जाने वाले लोगों और कामकाज के लिए निकलने वालों को अंधेरे में ही आवागमन करना पड़ता है। इससे दुर्घटनाओं और असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ जाती है।
निवासी अभय कुमार के अनुसार सेक्टर में पानी की पाइपलाइन और नालियां काफी पुरानी हो चुकी हैं और कई जगह से टूट चुकी हैं। इसके कारण कई घरों में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि कई बार इस समस्या को प्राधिकरण के संज्ञान में लाया गया, लेकिन समाधान अभी तक नहीं हो सका है।
निवासी अनमोल का कहना है कि सेक्टर की कई नालियां टूटी हुई हैं और खुली पड़ी हैं। बारिश के मौसम में इन नालियों में पानी भर जाता है, जिससे मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि खुली और टूटी नालियों के कारण बच्चों के खेलने के दौरान चोटिल होने का भी खतरा बना रहता है।
सेक्टर के निवासी बलविंदर सिंह ने बताया कि यहां की सड़कों की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़कें वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई हैं। उनका कहना है कि कई बार सड़क मरम्मत की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सेक्टर के निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे एकजुट होकर प्राधिकरण के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका मानना है कि इतने वर्षों से टैक्स देने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जो बेहद निराशाजनक स्थिति है।


