Greater Noida Farmers Protest: किसान एकता महासंघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सौंपा ज्ञापन

Greater Noida Farmers Protest: किसान एकता महासंघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सौंपा ज्ञापन

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में किसानों की लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर किसान एकता महासंघ ने एक बार फिर प्राधिकरण के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की है। मंगलवार को संगठन के राष्ट्रीय संरक्षक बाली सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कसाना के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचा और मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम एक विस्तृत ज्ञापन ओएसडी मुकेश कुमार को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने अपनी सात प्रमुख मांगों को रखते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।

महासंघ के जिला अध्यक्ष अरविंद सैकेटरी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा भूमि अधिग्रहण के वर्षों बाद भी किसानों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया है। किसान लगातार प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। इसी के विरोध में महासंघ ने सात सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया है, ताकि प्रशासन का ध्यान जमीनी समस्याओं की ओर आकृष्ट किया जा सके।

ज्ञापन में सबसे अहम मांग यह रखी गई कि प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित भूमि के बदले किसानों को दिए जाने वाले छह प्रतिशत आवासीय भूखंड अब तक नहीं मिले हैं। बादलपुर, बिसरख, सुनपुरा, बिरोडा, बैदपुरा, रिठौड़ी और सिरसा सहित दर्जनों गांवों के किसान आज भी अपने हक के लिए इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इसके साथ ही महासंघ ने बिना आबादी सर्वे के ग्रामीण आबादी क्षेत्र में लगाए गए भूखंडों को वहां से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग उठाई। संगठन ने यह भी कहा कि भूमिहीन किसानों और खेतीहर मजदूरों को कम से कम 100 वर्ग मीटर के आवासीय भूखंड दिए जाने चाहिए, ताकि वे भी सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। पुरानी आबादियों का निस्तारण प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के अंतर्गत कराने और लीज बैक व शिफ्टिंग से जुड़े वर्षों से लंबित मामलों को जल्द सुलझाने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई।

महासंघ ने सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को भी ज्ञापन में शामिल किया। प्राधिकरण क्षेत्र में स्थित कंपनियों में स्थानीय किसानों के बच्चों को योग्यता के आधार पर रोजगार देने, शिक्षण संस्थानों में उनके लिए आरक्षण सुनिश्चित करने और गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास की मांग की गई। किसानों ने गांवों में बारात घर, खेल मैदान, मिनी स्टेडियम और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया।

किसान एकता महासंघ ने प्राधिकरण को चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर वार्ता कर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो संगठन को मजबूरन धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों को दोहराया।

Realme GT 6 भारत में लॉन्च होने की पुष्टि। अपेक्षित स्पेक्स, फीचर्स, और भी बहुत कुछ

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img