Pilibhit Tiger Reserve: पीलीभीत टाइगर सफारी में बाघ का लाइव हमला, बाल-बाल बचे पर्यटक

Pilibhit Tiger Reserve: पीलीभीत टाइगर सफारी में बाघ का लाइव हमला, बाल-बाल बचे पर्यटक

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) में नए पर्यटन सत्र की शुरुआत इस बार रोमांच के साथ खौफ का अनुभव भी लेकर आई। जंगल सफारी के पहले ही दिन एक बाघ ने पर्यटकों से भरे वाहन पर अचानक हमला कर दिया। चालक की सूझबूझ और तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। सभी पर्यटक सुरक्षित बच निकले, लेकिन यह घटना उनके लिए जिंदगीभर याद रहने वाली बन गई। पूरा वाकया कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

झाड़ियों से निकलते ही पर्यटक वाहन पर झपटा बाघ
घटना पीलीभीत टाइगर रिजर्व के चूका बीच इलाके के पास हुई। पूरनपुर निवासी नितिन खंडेलवाल अपने परिवार और अन्य लोगों के साथ कुल 14 पर्यटकों के समूह में सफारी पर निकले थे। सभी जीनॉन वाहन में सवार होकर बाघ के दीदार की उम्मीद में जंगल की गहराइयों की ओर बढ़ रहे थे।
जैसे ही सफारी वाहन चूका बीच से करीब 150 मीटर आगे बढ़ा, झाड़ियों में एक विशाल बाघ नजर आया। वाहन चालक ने गाड़ी रोक दी ताकि पर्यटक फोटो और वीडियो ले सकें, लेकिन अगले ही पल सब कुछ थम गया जब बाघ झाड़ियों से निकलकर अचानक पीछे से वाहन की ओर झपटा।नितिन खंडेलवाल ने बताया, “बाघ की दहाड़ और झपटने की आवाज सुनते ही सब घबरा गए। बाघ सीधा गाड़ी की तरफ लपका, लेकिन ड्राइवर ने तुरंत इंजन चालू कर गाड़ी आगे बढ़ा दी। बाघ का पंजा केवल गाड़ी की पीछे की साइड को छू सका… अगर कुछ पल की देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।”
वाहन में मौजूद पर्यटक कुछ देर तक सन्न रह गए। कई लोगों ने डर के मारे अपने फोन गिरा दिए, जबकि कुछ ने यह पूरा दृश्य रिकॉर्ड कर लिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हमले का वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बाघ के झपटने और पर्यटकों की चीख-पुकार साफ सुनाई दे रही है। लोग इसे देखकर हैरान हैं और वन विभाग से सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।

वन विभाग ने दी सफाई और अपील
वन विभाग ने इस घटना की पुष्टि की है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कहा कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं, और टाइगर का व्यवहार प्राकृतिक प्रवृत्ति के अनुसार था। अधिकारियों ने कहा कि जंगल में सफारी करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है और किसी भी तरह की आवाज़ या हरकत से जानवरों को उकसाने से बचना चाहिए।
वन विभाग के अनुसार, जंगल सफारी का उद्देश्य केवल रोमांच नहीं, बल्कि वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार को समझना है। अधिकारियों ने कहा कि पर्यटकों को प्रकृति का सम्मान करते हुए सफारी करनी चाहिए ताकि ऐसे खतरनाक हालात से बचा जा सके।

टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
घटना के बाद पीटीआर प्रशासन ने सफारी रूट्स की समीक्षा की है और ड्राइवरों व गाइड्स को नई सुरक्षा हिदायतें दी गई हैं। हर वाहन में वायरलेस सेट और आपातकालीन संपर्क व्यवस्था अनिवार्य की जा रही है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

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