दिल्लीराज्य

Viksit Bharat 2047: बेंगलुरु में माय भारत-एनएसएस चिंतन शिविर की शुरुआत, युवाओं की भूमिका पर जोर

Viksit Bharat 2047: बेंगलुरु में माय भारत-एनएसएस चिंतन शिविर की शुरुआत, युवाओं की भूमिका पर जोर

नई दिल्ली/बेंगलुरु में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करने और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से माय भारत-एनएसएस के दो दिवसीय चिंतन शिविर की शुरुआत की गई। इस शिविर का उद्घाटन केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya और राज्य मंत्री Nikhil Khadse ने बेंगलुरु में किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना और आने वाले वर्षों के लिए एक मजबूत रणनीतिक रोडमैप तैयार करना है।

कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल विकास की प्रक्रिया में सहभागी नहीं बल्कि देश के भविष्य का निर्माता बनना होगा। उन्होंने जिला और ब्लॉक स्तर पर मजबूत युवा नेटवर्क तैयार करने, युवा क्लबों को सक्रिय करने, एनएसएस स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

राज्य मंत्री निखिल खडसे ने भी अपने संबोधन में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्वयंसेवा और सामुदायिक भागीदारी राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव होती है। उन्होंने कहा कि माय भारत और एनएसएस जैसे मंचों के जरिए युवाओं को समाज के विकास और सेवा कार्यों से जोड़ा जा सकता है, जिससे देश के विकास को नई दिशा मिलेगी।

इस चिंतन शिविर में देश के 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ‘संवाद से समाधान’ विषय पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, डिजिटल प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग और वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।

विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इस दौरान युवाओं को सामाजिक विकास, नवाचार, स्वयंसेवा और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई सुझाव भी साझा किए। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि अगर युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है।

सरकार का मानना है कि माय भारत और एनएसएस जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को न केवल समाज सेवा के कार्यों में जोड़ा जा सकता है बल्कि उन्हें नेतृत्व और जिम्मेदारी के लिए भी तैयार किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से इस चिंतन शिविर के माध्यम से युवाओं के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

ममूटी ने कहा कि उन्हें ‘मेगास्टार’ की उपाधि पसंद नहीं है, उन्हें लगता है कि उनके जाने के बाद लोग उन्हें याद नहीं रखेंगे

Related Articles

Back to top button